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दुधवा की शान रूपकली बीमार
पलियाकलां
Updated Sat, 19 Dec 2015 07:25 PM IST
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दुधवा की शान कही जाने वाली पालतू हथिनी रूपकली बीमार है। उसके शरीर के ऊपरी हिस्से में घाव भरने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पार्क प्रशासन फिक्र में पड़ गया है। चिकित्सक उसके इलाज में जुटे हुए हैं।
रूपकली बिगड़ैल जानवरों को काबू करने में भी काफी महारत रखती है। पार्क कर्मियों के मुताबिक उसने जंगल से निकल कर आबादी क्षेत्र में गए बाघों को ट्रैंकुलाइज करने में हमेशा मदद हमेशा की है क्योंकि खूंखार बाघों का उसे तनिक भी डर नहीं लगता। वह लखनऊ, हरदोई और सीतापुर में भी शिकारी जानवरों को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है । कुछ समय से उसका स्वास्थ्य बेहतर नहीं था।
हालांकि स्थिति इतनी बुरी नहीं थी, जैसा कि अब है। मई में उसको घाव हुआ था उसका इलाज किया गया और आराम भी मिल गया, लेकिन कुछ दिनों के बाद यह घाव फिर से हरा हो गया और अब भरने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय चिकित्सक उसके इलाज में लगे हैं लेकिन कोई भी फायदा नहीं हुआ तो फिर आइवीआरआई बरेली के विशेषज्ञों को लगाया गया। वह परीक्षण कर उसका इलाज कर रहे हैं और ठीक होने की उम्मीद भी जता रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह हाथियों में होने वाली स्वभाविक बात है और घाव अपने आप भर भी जाते हैं ।
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रूपकली बिगड़ैल जानवरों को काबू करने में भी काफी महारत रखती है। पार्क कर्मियों के मुताबिक उसने जंगल से निकल कर आबादी क्षेत्र में गए बाघों को ट्रैंकुलाइज करने में हमेशा मदद हमेशा की है क्योंकि खूंखार बाघों का उसे तनिक भी डर नहीं लगता। वह लखनऊ, हरदोई और सीतापुर में भी शिकारी जानवरों को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है । कुछ समय से उसका स्वास्थ्य बेहतर नहीं था।
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हालांकि स्थिति इतनी बुरी नहीं थी, जैसा कि अब है। मई में उसको घाव हुआ था उसका इलाज किया गया और आराम भी मिल गया, लेकिन कुछ दिनों के बाद यह घाव फिर से हरा हो गया और अब भरने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय चिकित्सक उसके इलाज में लगे हैं लेकिन कोई भी फायदा नहीं हुआ तो फिर आइवीआरआई बरेली के विशेषज्ञों को लगाया गया। वह परीक्षण कर उसका इलाज कर रहे हैं और ठीक होने की उम्मीद भी जता रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह हाथियों में होने वाली स्वभाविक बात है और घाव अपने आप भर भी जाते हैं ।
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