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फीस जमा न होने पर बच्चों को निकालने पर भड़के अभिभावक
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गोला गोकर्णनाथ। नगर के मुन्नूगंज स्थित उमा देवी चिल्ड्रेंस एकेडमी में फीस जमा न होने से बच्चों को निकालने और प्रबंधक के अड़ियल रवैये पर अभिभावक भड़क गए। उन्होंने स्कूल जाकर हंगामा किया और प्रबंधन से कोरोना काल में फीस में छूट देने की मांग की। हंगामे की जानकारी मिलने पर पहुंचीं राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. प्रीति वर्मा ने प्रबंधक सनी गुप्ता को अभिभावकों की मांगों पर सकारात्मक रवैया अपनाने को कहा है। बाद में स्कूल प्रबंधन ने कुछ मांगें मान कर फीस में छूट दे दी। वहीं स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने किसी बच्चे को स्कूल से निकाला नहीं है।
सूचना पर पहुंचे नगर शिक्षाधिकारी शोभनाथ यादव और कुंभी के बीईओ को ज्ञापन देकर अभिभावकों ने मानक विहीन विद्यालय को दी गई मान्यता पर सवाल उठाए। अभिभावकों ने प्रबंध समिति द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद से इंग्लिश मीडियम की मान्यता लेकर सीबीएसई पाठ्यक्रम पर पढ़ाई कराए जाने का आरोप लगाया।
अधिकारियों ने मान्यता संबंधी दस्तावेज चेक किए और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। वहीं दबाव बनने पर प्रबंधक सनी गुप्ता ने विद्यार्थियों की कुल फीस में ट्रांसपोर्ट, खेलकूद सहित अन्य शुल्क मुक्त करने की घोषणा की, तब जाकर मामला शांत हुआ।
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मेरे दो बच्चे मयूरी गुप्ता कक्षा पांच और शिव गुप्ता कक्षा दो में पढ़ते हैं। इस स्कूल में सीबीएसई पैटर्न समक्ष कर पढ़ा रहा था। आज पता चला है कि बेसिक शिक्षा परिषद से स्कूल की मान्यता है। स्कूल संचालक ने अभिभावकों को गुमराह करने का काम किया है।
- पंकज गुप्ता, पालिका सदस्य
मेरी बेटी शताक्षी केडिया थर्ड में पढ़ती है। सीबीएसई बताकर अभिभावकों को भ्रम में रखा गया। इस विद्यालय में अन्य स्कूलों से अधिक फीस है। फीस जमा होने में देरी होने पर बच्चों को बिना सूचना के बाहर निकाल दिया जाता है, जो गलत है।
- श्रद्धा केडिया, अभिभावक
स्कूल प्रबंधन का रवैया काफी अड़ियल है। कोरोना काल में स्कूल बंद रहा, फिर भी अभिभावकों से पूरी फीस ली जा रही है। यहां अभिभावकों की किसी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। फीस न जमा होने पर बच्चों को बिना सूचना दिए ही निकाल दिया जाता है।
- अंकुश माहेश्वरी, अभिभावक
एक तो स्कूल में अभिभावकों को बिना विश्वास में लिए निर्णय थोप दिया जाता है। प्रबंधक का अड़ियल रवैया भी निंदनीय है। बात करने पर उल्टी सीधा जबाब दिया जाता है। आज तो एक बात और निकल कर आई कि स्कूल की मान्यता बेसिक से है और पढ़ाई सीबीएसई पैटर्न पर हो रही है। अभिभावकों के साथ छल और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
- अखिलेश वर्मा, अभिभावक
अभिभावकों को फीस को लेकर दिक्कत थी। अभिभावकों से कोई भी ट्रांसपोर्ट आदि अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिस पर अभिभावकों ने अपनी सहमति दे दी है। बेसिक शिक्षा परिषद से स्कूल की कक्षा आठ तक इंग्लिश मीडिएम की मान्यता है। सीबीएसई की मान्यता प्रक्रिया में है।
- सनी गुप्ता, प्रबंधक, यूडी चिल्ड्रेंस एकेडमी
स्कूल प्रबंधक और अभिभावकों के बीच बैठक में फीस में छूट पर सहमति बन गई है। प्रबंधक ने अतिरिक्त देय शुल्क हटा दिया है। मान्यता बेसिक शिक्षा परिषद से कक्षा आठ तक अंग्रेजी माध्यम में है। अप्लाई करने पर बेसिक शिक्षा परिषद जब एनओसी देता है तो कक्षा नौ से 12 तक सीबीएसई की मान्यता दिल्ली से मिलती है। अभिभावकों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- शोभनाथ यादव नगर शिक्षाधिकारी लखीमपुर खीरी।
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सूचना पर पहुंचे नगर शिक्षाधिकारी शोभनाथ यादव और कुंभी के बीईओ को ज्ञापन देकर अभिभावकों ने मानक विहीन विद्यालय को दी गई मान्यता पर सवाल उठाए। अभिभावकों ने प्रबंध समिति द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद से इंग्लिश मीडियम की मान्यता लेकर सीबीएसई पाठ्यक्रम पर पढ़ाई कराए जाने का आरोप लगाया।
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अधिकारियों ने मान्यता संबंधी दस्तावेज चेक किए और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। वहीं दबाव बनने पर प्रबंधक सनी गुप्ता ने विद्यार्थियों की कुल फीस में ट्रांसपोर्ट, खेलकूद सहित अन्य शुल्क मुक्त करने की घोषणा की, तब जाकर मामला शांत हुआ।
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मेरे दो बच्चे मयूरी गुप्ता कक्षा पांच और शिव गुप्ता कक्षा दो में पढ़ते हैं। इस स्कूल में सीबीएसई पैटर्न समक्ष कर पढ़ा रहा था। आज पता चला है कि बेसिक शिक्षा परिषद से स्कूल की मान्यता है। स्कूल संचालक ने अभिभावकों को गुमराह करने का काम किया है।
- पंकज गुप्ता, पालिका सदस्य
मेरी बेटी शताक्षी केडिया थर्ड में पढ़ती है। सीबीएसई बताकर अभिभावकों को भ्रम में रखा गया। इस विद्यालय में अन्य स्कूलों से अधिक फीस है। फीस जमा होने में देरी होने पर बच्चों को बिना सूचना के बाहर निकाल दिया जाता है, जो गलत है।
- श्रद्धा केडिया, अभिभावक
स्कूल प्रबंधन का रवैया काफी अड़ियल है। कोरोना काल में स्कूल बंद रहा, फिर भी अभिभावकों से पूरी फीस ली जा रही है। यहां अभिभावकों की किसी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। फीस न जमा होने पर बच्चों को बिना सूचना दिए ही निकाल दिया जाता है।
- अंकुश माहेश्वरी, अभिभावक
एक तो स्कूल में अभिभावकों को बिना विश्वास में लिए निर्णय थोप दिया जाता है। प्रबंधक का अड़ियल रवैया भी निंदनीय है। बात करने पर उल्टी सीधा जबाब दिया जाता है। आज तो एक बात और निकल कर आई कि स्कूल की मान्यता बेसिक से है और पढ़ाई सीबीएसई पैटर्न पर हो रही है। अभिभावकों के साथ छल और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
- अखिलेश वर्मा, अभिभावक
अभिभावकों को फीस को लेकर दिक्कत थी। अभिभावकों से कोई भी ट्रांसपोर्ट आदि अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिस पर अभिभावकों ने अपनी सहमति दे दी है। बेसिक शिक्षा परिषद से स्कूल की कक्षा आठ तक इंग्लिश मीडिएम की मान्यता है। सीबीएसई की मान्यता प्रक्रिया में है।
- सनी गुप्ता, प्रबंधक, यूडी चिल्ड्रेंस एकेडमी
स्कूल प्रबंधक और अभिभावकों के बीच बैठक में फीस में छूट पर सहमति बन गई है। प्रबंधक ने अतिरिक्त देय शुल्क हटा दिया है। मान्यता बेसिक शिक्षा परिषद से कक्षा आठ तक अंग्रेजी माध्यम में है। अप्लाई करने पर बेसिक शिक्षा परिषद जब एनओसी देता है तो कक्षा नौ से 12 तक सीबीएसई की मान्यता दिल्ली से मिलती है। अभिभावकों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- शोभनाथ यादव नगर शिक्षाधिकारी लखीमपुर खीरी।