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Lakhimpur Kheri News: हिंसक जानवर के हमले में ग्रामीण की मौत से क्षेत्र में दहशत, चश्मदीद को आया बुखार
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मैगलगंज। क्षेत्र के कपासी गांव के पास हिंसक जानवर के हमले में एक ग्रामीण की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत है। बताया गया कि बाघ को हमला करते देखने वाले दूसरे ग्रामीण को उसे तेज बुखार आ गया है।
मैगलगंज थाना क्षेत्र के गांव मढि़या और कपासी के निकट कठिना नदी के किनारे मढि़या गांव निवासी राजाराम पुत्र खेमकरण को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। प्रत्यक्षदर्शी नंदकिशोर ने बताया कि वह नदी के अंदर मछली पकड़ रहे थे। जैसे ही है जानवर नदी के किनारे आया तो उसने डुबकी लगा ली और अपने सिर के ऊपर जलकुंभी रख ली। वह कुछ देर नदी के किनारे खड़ा रहा और वहां से फिर वापस चला गया। इसके बाद नदी से निकलकर घर चले आए और ग्रामीणों को जानकारी दी। उधर, कठिना नदी के किनारे लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर इसी जानवर ने एक भैंस को शिकार बनाया। जिसकी गर्दन कटी हुई थी।
बृहस्पतिवार की सुबह एसडीओ, रेंजर कृष्ण कुमार सागर, वन दरोगा धनीराम वर्मा ने मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तो वहां पर बाघ के पग चिह्न दिखाई दिए। रेंजर ने ग्रामीणों को बाघ या तेंदुआ की मौजूदगी की जानकारी दी और सभी से सतर्क रहने को कहा। रेंजर कृष्ण कुमार सागर ने बताया कि घटनास्थल के आसपास से पग चिह्न जुटाए गए हैं। बाघ और तेंदुए के पगचिह्न एक जैसे होते हैं। एक्सपर्ट जांच के लिए चिह्न भेजे गए हैं।
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मैगलगंज थाना क्षेत्र के गांव मढि़या और कपासी के निकट कठिना नदी के किनारे मढि़या गांव निवासी राजाराम पुत्र खेमकरण को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। प्रत्यक्षदर्शी नंदकिशोर ने बताया कि वह नदी के अंदर मछली पकड़ रहे थे। जैसे ही है जानवर नदी के किनारे आया तो उसने डुबकी लगा ली और अपने सिर के ऊपर जलकुंभी रख ली। वह कुछ देर नदी के किनारे खड़ा रहा और वहां से फिर वापस चला गया। इसके बाद नदी से निकलकर घर चले आए और ग्रामीणों को जानकारी दी। उधर, कठिना नदी के किनारे लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर इसी जानवर ने एक भैंस को शिकार बनाया। जिसकी गर्दन कटी हुई थी।
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बृहस्पतिवार की सुबह एसडीओ, रेंजर कृष्ण कुमार सागर, वन दरोगा धनीराम वर्मा ने मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तो वहां पर बाघ के पग चिह्न दिखाई दिए। रेंजर ने ग्रामीणों को बाघ या तेंदुआ की मौजूदगी की जानकारी दी और सभी से सतर्क रहने को कहा। रेंजर कृष्ण कुमार सागर ने बताया कि घटनास्थल के आसपास से पग चिह्न जुटाए गए हैं। बाघ और तेंदुए के पगचिह्न एक जैसे होते हैं। एक्सपर्ट जांच के लिए चिह्न भेजे गए हैं।
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