फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Misappropriation of lakhs in MNREGA in the name of ineligible job card holders

अपात्र जॉब कार्ड धारकों के नाम पर मनरेगा में लाखों की हेराफेरी

Fri, 23 Jul 2021 12:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 12:16 AM IST
विज्ञापन
Misappropriation of lakhs in MNREGA in the name of ineligible job card holders
बीडीओ ने पंचायत मित्र से 40 हजार की रिकवरी कराई, रिपोर्ट लिखाने के आदेश
विज्ञापन

सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अटकोनवा का मामला
लखीमपुर खीरी। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अटकोनवा में अपात्र जॉबकार्ड धारकों के नाम पर लाखों की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। शिकायत किए जाने के बाद जांच में आरोप सही मिले। पंचायत मित्र की भूमिका भी संदिग्ध मिली। इसके बाद बीडीओ संतोष कुमार ने आरोपी पंचायत मित्र से 40 हजार रुपये की रिकवरी कराई है। साथ ही पंचायत मित्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) को दिए हैं।
कोरोना काल में केंद्र सरकार ने मजदूरों को रोजगार देने के लिए खजाना खोला था, जिसमें अधिकारियों समेत मनरेगा कर्मचारियों ने भी सेंध लगाकर लाखों की हेराफेरी कर डाली है। 2020-21 में मनरेगा से 106.24 लाख मानव दिवस सृजित करते हुए तीन अरब 22 करोड़ नौ लाख 31 हजार रुपये खर्च किए गए, जबकि 2021-22 में भी 19 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। कोरोना काल में नए जॉबकार्ड बनाने की अनुमति दी गई थी, जिससे मौके का फायदा उठाते हुए पंचायत मित्रों ने गांवों में अपात्रों के भी जॉबकार्ड बनाकर मनरेगा में सेंध लगाने का जुगाड़ बना लिया हैै।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि फर्जी मस्टर रोल के जरिए अपात्रों के खाते में मनरेगा से भुगतान भेजा जाता है, जिसके बाद कार्डधारक को 200 से 500 रुपये का लालच देकर हजारों की रकम हड़प ली जाती है। अभी लखीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अटकोनवा का मामला सामने आया है, जहां पर प्रधान बदलने के कारण इस मामले का खुलासा हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम पंचायत अटकोनवा में नए प्रधान ने कामकाज संभाला तो अपात्रों के जॉबकार्ड बनाए जाने की जानकारी हुई। इसके बाद पता चला कि इन अपात्रों के खाते में 90-90 दिन काम करने की मजदूरी भेजी गई थी। इस मामले की शिकायत बीडीओ संतोष कुमार सिंह से की गई, तो जांच में परतें उधड़ गईं।
इस मामले को दबाने के काफी प्रयास हुए, लेकिन शिकायतकर्ता ने हार नहीं मानी। लिहाजा बीडीओ ने पंचायत मित्र नीतू वर्मा से करीब 40 हजार रुपये की रिकवरी कराई है। साथ ही सचिव रोली दुबे को आरोपी पंचायत मित्र के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

ग्राम पंचायत अटकोनवा में मनरेगा की धनराशि अपात्र जॉब कार्डधारकों के खाते में भेजे जाने का मामला सामने आया था, जिसमें पंचायत मित्र को दोषी पाया गया है। क्योंकि जॉबकार्ड फीड कराने का काम पंचायत मित्र करता है। इसलिए पंचायत मित्र से करीब 40 हजार रुपये की रिकवरी कराई गई है और रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए हैं। - संतोष कुमार सिंह, बीडीओ, लखीमपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed