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Flood: लखीमपुर में अभी भी 150 गांवों में बाढ़, कहीं बढ़ रहा पानी तो कहीं स्थिर; जानें आज का अपडेट

Sat, 13 Jul 2024 03:46 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 13 Jul 2024 03:46 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी जिले में सप्ताहभर बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। अभी भी 150 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निघासन इलाके में बाढ़ का पानी शनिवार को भी बढ़ रहा है। 

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many villages still affected by floods in Lakhimpur Kheri
निघासन के गांव में बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी जिले में 150 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कुछ गांवों में पानी जरूरी कम हुआ है, लेकिन ज्यादातर गांवों में बाढ़ के पानी से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। निघासन क्षेत्र के कई गांवों में अभी बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। अदलाबाद-निघासन मार्ग पर पानी आ गया है। बाढ़ से प्रभावित लोग परेशान हैं। सरकारी सहायता नहीं पहुंच पा रही है।

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धौरहरा तहसील क्षेत्र के 20 गांवों में पांच दिनों से बाढ़ का पानी भरा है। इन गावों के स्कूलों में भी पानी भरा होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। हालात स्थिर हैं। बिजुआ क्षेत्र के नारायनपुर, लोनियाना मंत्रा शाहपुर में बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली है। फूलबेहड़ और पलिया क्षेत्र में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में हालात स्थिर हैं। 
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many villages still affected by floods in Lakhimpur Kheri
गांव में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
नदियों में बाढ़ की स्थिति 
शारदा नदी
1- बनबसा 
(तरे का जल स्तर-221.70 मीटर)
गेज-             218.600 मीटर
डिस्चार्ज-       64966 क्यूसेक
शारदा का जलस्तर बढ़ रहा है। 
  
2- पलिया कलां 
खतरे का जल स्तर-154.590 मीटर
गेज-              154.360 मीटर
यहां जलस्तर घट रहा है। 

3- शारदा बैराज 
खतरे का जल स्तर-135.490 मीटर
गेज-             135.000 मीटर
डिस्चार्ज-       138707 क्यूसेक 
यहां नदी का जलस्तर का स्थिर है। 

घाघरा नदी
4- गिरिजा बैराज
खतरे का जल स्तर-136.780  मीटर
गेज-           135.100 मीटर 
डिस्चार्ज-     120424 क्यूसेक 
घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर है। 
(नोट- सुबह 10 बजे तक की रिपोर्ट)

 

सड़क पर ट्रॉलियों को बना लिया घर
पलिया-भीरा मार्ग पर रोड किनारे निवास करने वाले ग्रामीणों के घर पानी भर गया है। जिससे वह रेलवे क्रॉसिंग के पास ही ट्रैक्टर-ट्रॉली को घर बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। ट्रॉलियों में घर का कीमती सामान लदा हुआ है, जबकि सड़क पर ही चारपाई आदि डालकर रह रहे हैं। प्रशासन की तरफ से इनको तिरपाल की व्यवस्था कराई गई है। कुछ लोगों ने अपने स्तर से तिरपाल आदि लिया है। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि प्रतिदिन प्रशासन की तरफ से लंच पैकेट भी मिलते हैं लेकिन वह खुद भी खाना कभी-कभार बना लेते हैं।

सैकड़ों पीड़ितों तक नहीं पहुंची बाढ़ राहत सामग्री 
पलियाकला में शारदा व सुहेली नदियों की बाढ़ से प्रभावित सैकड़ों ग्रामीणों को प्रशासन की तरफ से लंच पैकेटों का वितरण किया जा रहा है, लेकिन अभी बाढ़ राहत किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। लंच पैकेटों में भी कभी तहरी, अचार व कभी पूड़ी-सब्जी का वितरण प्रशासन करा रहा है। इस बारे में शुक्रवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि राहत किट अभी तक तहसील में आ नहीं सकी हैं। देर शाम या फिर शनिवार तक किट आने के बाद तुरंत उनका वितरण बाढ़ पीड़ितों में कराया जाएगा। 

वहीं, संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंदनगर, खजुरिया, कमलापुरी, संपूर्णानगर आदि गांव में लंच पैकेट प्रशासन ने बांटे हैं। सिंगाही खुर्द की बाढ़ पीड़ित मीरा देवी, अर्जुन, राहुल, माया के अलावा अन्य कई बाढ़ प्रभावित पीड़ित ट्रैक्टर-ट्रॉली पर जीवन यापन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन एक समय लंच पैकेट भेज रहा है लेकिन बाढ़ राहत किट नहीं मिल पाई है। लेखपाल विनीत सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत किट आते ही वितरण प्राथमिकता में कराएंगे।

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