लखीमपुर खीरी: मासूम मनजोत का हुआ अंतिम संस्कार, तेंदुए के हमले से गई थी जान, इलाके में लगाए गए पिंजरे
निघासन क्षेत्र के टापरपुरवा गांव में छह साल के मासूम की मौत के बाद वन विभाग ने इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगवाए हैं। बुधवार को तेंदुए ने गांव निवासी मनजोत को मार डाला था। उसका शव खेत में मिला। बृहस्पतिवार को मासूम के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विस्तार
लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र में पिता और भाइयों के सामने तेंदुए के हमले में हुई छह वर्षीय मनजोत सिंह की मौत से टापरपुरवा गांव में मातम पसरा हुआ है। बुधवार शाम हुई इस खौफनाक घटना के बाद बृहस्पतिवार को मासूम का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे की मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच मांगें रखीं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। उधर, हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए हैं।
नौरंगाबाद के टॉपरपुरवा फार्म निवासी मनजोत बुधवार शाम चाचा के घर से अपने बड़े भाइयों अंग्रेज सिंह और अनमोल सिंह के साथ घर लौट रहा था। घर से करीब 50 मीटर पहले गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और मनजोत को जबड़े में दबोचकर खेत के अंदर खींच ले गया। पिता और भाइयों के सामने हुई इस घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई।
खेत में मिला था अधखाया शव
सूचना मिलते ही एसडीएम यदुवीर सिंह, सीओ शमशेर बहादुर सिंह, तहसीलदार देवेंद्रमणि त्रिपाठी, वन विभाग के एसडीओ मनोज तिवारी और बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह समेत निघासन, सिंगाही और तिकुनिया थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। डीएफओ कीर्ति चौधरी के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने तलाश अभियान चलाया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद घर से लगभग एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मनजोत का क्षत-विक्षत शव मिला। शव देखते ही परिजन बेसुध हो गए। घटना के बाद से आसपास के गांवों और फार्मों में दहशत का माहौल है।
पांच मांगें रखीं, आश्वासन पर माने ग्रामीण
मासूम की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच मांगें रखीं। इनमें 48 घंटे के भीतर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घर की बाउंड्रीवॉल बनवाने, दो सोलर लाइटें लगवाने और हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग शामिल थी। अधिकारियों ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे घटनास्थल पर पिंजरा लगाया गया। आश्वासन मिलने पर ग्रामीण शांत हुए और रात करीब 12 बजे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया गया।
दो पिंजरे लगाए, चार कैमरों से निगरानी
बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में दो सोलर लाइटें लगवा दी गई हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं। चार कैमरों से निगरानी की जा रही है। ड्रोन की मदद से भी तेंदुए की तलाश की जा रही है। जंगल के किनारे खाई खोदने का काम भी कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में इससे पहले 17 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। मौजूदा घटना में शामिल तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने तेंदुए को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वही ग्रामीणों को बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।