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खेशवाही गांव में वट पूजन को लेकर तनाव
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा।
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:20 AM IST
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दूसरे समुदाय की महिलाओं ने घेरा वट वृक्ष
बिना पूजा किए लौटी सुहागिनें, कोतवाली में दी तहरीर
कोतवाली क्षेत्र में जहां हर जगह सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री का पूजन किया वहीं खेशवाही गांव की महिलाएं वट पूजन से वंचित रह गईं। जहां वर्षों से वट पूजन होता आ रहा था उस पेड़ पर गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने कब्जा जमा रखा है। पुरुष खुद तो सामने नहीं आए लेकिन महिलाओं को वट के नीचे खड़ा कर दिया। वहां खड़ी महिलाओं ने सुहागिनों को पूजन करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के खेशवाही गांव में वट सावित्री पूजन को आई महिलाओं को बिना पूजा किए लौटना पड़ा। आरोप है कि वर्षों से पूजे जा रहे वट वृक्ष पर दूसरे समुदाय ने कब्जा जमा लिया, पुरुष खुद सामने नहीं आए, महिलाओं को वटवृक्ष के नीचे ईंट पत्थर लेकर खड़ा कर दिया। सुहागिनों को देखते ही वृक्ष के नीचे खड़ी महिलाओं ने गाली-गलौज शुरू कर दिया। यह देख सुहागिनें बिना पूजन के ही बैरंग लौट आईं।
खेशवाही गांव के सरस्वती तिवारी, कृष्णानंद, बाबूराम, मलखे सहित कई लोगों ने कोतवाली पहुंच कर मामले की तहरीर दी है। ग्राम प्रधान छत्रपाल मौर्य ने बताया कि यहां वटपूजन काफी सालो से चला आ रहा है। बीते वर्ष भी इन लोगों नें पूजन से मना किया था लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से यह लोग नहीं बोल पाए थे। इस बार पुरुषों ने घर की महिलाओं को आगे करके पूजन करने से रोका है जो गलत है इससे पूरे गांव में आक्रोश है।
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कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है फिलहाल जगह विवादित है सुनने में आया है कि बीते वर्ष पूजन के बाद जगह बदलने की बात दोनों पक्षों में हुई थी। यदि पूजन की ही जगह है तो रोकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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बिना पूजा किए लौटी सुहागिनें, कोतवाली में दी तहरीर
कोतवाली क्षेत्र में जहां हर जगह सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री का पूजन किया वहीं खेशवाही गांव की महिलाएं वट पूजन से वंचित रह गईं। जहां वर्षों से वट पूजन होता आ रहा था उस पेड़ पर गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने कब्जा जमा रखा है। पुरुष खुद तो सामने नहीं आए लेकिन महिलाओं को वट के नीचे खड़ा कर दिया। वहां खड़ी महिलाओं ने सुहागिनों को पूजन करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के खेशवाही गांव में वट सावित्री पूजन को आई महिलाओं को बिना पूजा किए लौटना पड़ा। आरोप है कि वर्षों से पूजे जा रहे वट वृक्ष पर दूसरे समुदाय ने कब्जा जमा लिया, पुरुष खुद सामने नहीं आए, महिलाओं को वटवृक्ष के नीचे ईंट पत्थर लेकर खड़ा कर दिया। सुहागिनों को देखते ही वृक्ष के नीचे खड़ी महिलाओं ने गाली-गलौज शुरू कर दिया। यह देख सुहागिनें बिना पूजन के ही बैरंग लौट आईं।
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खेशवाही गांव के सरस्वती तिवारी, कृष्णानंद, बाबूराम, मलखे सहित कई लोगों ने कोतवाली पहुंच कर मामले की तहरीर दी है। ग्राम प्रधान छत्रपाल मौर्य ने बताया कि यहां वटपूजन काफी सालो से चला आ रहा है। बीते वर्ष भी इन लोगों नें पूजन से मना किया था लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से यह लोग नहीं बोल पाए थे। इस बार पुरुषों ने घर की महिलाओं को आगे करके पूजन करने से रोका है जो गलत है इससे पूरे गांव में आक्रोश है।
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कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है फिलहाल जगह विवादित है सुनने में आया है कि बीते वर्ष पूजन के बाद जगह बदलने की बात दोनों पक्षों में हुई थी। यदि पूजन की ही जगह है तो रोकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।