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Lakhimpur Kheri News: आईटीआई की कक्षाएं शुरू, नहीं भरीं सभी ट्रेड की सीटें
Tue, 09 Sep 2025 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:15 AM IST
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शहर के राजापुर स्थित आईटीआई कॉलेज। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में छह आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। लखीमपुर को छोड़कर अन्य आईटीआई में अभी तक पूरी सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाई हैं। सबसे ज्यादा सीटें कुंभी की आईटीआई में हैं। यहां पर कुल सीटों के सापेक्ष 87 प्रतिशत सीटों पर ही युवाओं ने प्रवेश लिया।
मोहम्मदी में करीब 97 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक सिंतबर से नए छात्र-छात्राओं की कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। युवाओं को उच्च शिक्षा के बाद रोजगार मिले इसको लेकर शहर सहित जिले की अन्य पांच आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है।
बताते चलें कि लखीमपुर, चंदनचौकी, मोहम्मदी, निघासन, कुंभी और धौरहरा स्थित आईटीआई संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया के बाद शैक्षिक सत्र की शुरुआत भी कर दी गई है, लेकिन अभी तक पांच आईटीआई में पूरी सीटों पर प्रवेश नहीं हो सके हैं।
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लखीमपुर स्थित राजकीय आईटीआई में 532 में से सभी 532 सीटों पर प्रवेश लिए जा चुके हैं। वहीं चंदनचौकी में 448 में से 404 सीटें (91 प्रतिशत), मोहम्मदी में 464 में से 451 सीटें (97 प्रतिशत), निघासन में 368 में से 341 सीटें (93 प्रतिशत), कुम्भी में 404 में से 350 सीटें (87 प्रतिशत) तथा धौरहरा में 344 में से 327 सीटों यानी (95 प्रतिशत) सीटों पर ही प्रवेश हो सके।
शत-प्रतिशत सीटों पर प्रवेश न होने के पीछे कहीं न कहीं युवाओं का रुझान आईटीआई की ओर से हटता हुआ दिखाई दे रहा है। नोडल पीके शाक्यवार ने कहा कि सभी आईटीआई छात्र-छात्राओं को आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
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मोहम्मदी में करीब 97 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक सिंतबर से नए छात्र-छात्राओं की कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। युवाओं को उच्च शिक्षा के बाद रोजगार मिले इसको लेकर शहर सहित जिले की अन्य पांच आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है।
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बताते चलें कि लखीमपुर, चंदनचौकी, मोहम्मदी, निघासन, कुंभी और धौरहरा स्थित आईटीआई संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया के बाद शैक्षिक सत्र की शुरुआत भी कर दी गई है, लेकिन अभी तक पांच आईटीआई में पूरी सीटों पर प्रवेश नहीं हो सके हैं।
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लखीमपुर स्थित राजकीय आईटीआई में 532 में से सभी 532 सीटों पर प्रवेश लिए जा चुके हैं। वहीं चंदनचौकी में 448 में से 404 सीटें (91 प्रतिशत), मोहम्मदी में 464 में से 451 सीटें (97 प्रतिशत), निघासन में 368 में से 341 सीटें (93 प्रतिशत), कुम्भी में 404 में से 350 सीटें (87 प्रतिशत) तथा धौरहरा में 344 में से 327 सीटों यानी (95 प्रतिशत) सीटों पर ही प्रवेश हो सके।
शत-प्रतिशत सीटों पर प्रवेश न होने के पीछे कहीं न कहीं युवाओं का रुझान आईटीआई की ओर से हटता हुआ दिखाई दे रहा है। नोडल पीके शाक्यवार ने कहा कि सभी आईटीआई छात्र-छात्राओं को आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।