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Lakhimpur Kheri News: शासन में अटकी इंडो-नेपाल सीमा सड़क, पांच माह से काम ठप
Fri, 07 Nov 2025 11:31 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:31 PM IST
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तिकुनिया क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर गुरुद्वारा कौड़ियाला तक जाने वाला जर्जर मार्ग। संवाद
तिकुनिया। इंडो-नेपाल सीमा सड़क का काम पिछले पांच महीनों से ठप है। इस परियोजना के तहत गुरुद्वारा कौड़ियाला तक कार्य होना है। इसके लिए सर्वेक्षण और भूमि अधिग्रहण का कार्य जिस तेजी से शुरू हुआ था, उतनी ही तेजी से बंद भी हो गया। इससे किसान चिंतित हैं।
भूमि अधिग्रहण के बाद कई किसानों को मुआवजा भी नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शासन स्तर से अटका है। यह सड़क परियोजना सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की पेट्रोलिंग और सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। चंदन चौकी से गुरुद्वारा कौड़ियाला तक 7 मीटर चौड़ी व लगभग 26 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसके बीच में बेला परसुआ, कड़िया, रायपुर चौराहा, टाडा, बरसोला, कौड़ियाला, जनकपुर आदि दर्जनों गांव आते हैं। यह सड़क पीलीभीत से सुमेरनगर, बनकटी होते हुए चंदन चौकी तक पहले ही बन चुकी है। आगे का काम नए सिरे से होना है, इसलिए बजट अभी तय नहीं है।
मई-जून में चंदन चौकी से आगे के हिस्से का सर्वे कराया गया था। इसके बाद कई किसानों की भूमि का अधिग्रहण कर लोक निर्माण विभाग ने रजिस्ट्री कराकर मुआवजा भी दे दिया। स्थानीय किसानों का कहना है कि वे परियोजना के विरोध में नहीं हैं। जमीन लेने के बाद उन्हें समय पर उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद लंबा इंतजार उन्हें आर्थिक संकट में डाल रहा है।
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सीमा सड़क का निर्माण कार्य रुका नहीं है, बल्कि एसएसबी की तरफ से नए सुझाव दिए गए हैं। इस वजह से शासन स्तर से मार्ग की नई रूपरेखा के लिए बैठकें और मंत्रणा चल रही हैं। जैसे ही अंतिम स्वीकृति मिलेगी, उसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-फराज खान, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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लोक निर्माण विभाग ने सड़क बनाने के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत की है। अभी तक निर्माण कार्य नहीं हुआ है और न ही मुआवजा दिया गया है।
- साबिर, बरसोला कला
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अप्रैल-मई में बॉर्डर योजना के तहत भूमि अधिग्रहण करके मुआवजा तो दे दिया, लेकिन अभी सड़क नहीं बनी है। जल्द बन जाए तो आवागमन सुगम हो।
- जाहिद हुसैन, बरसोला कला
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हमारी जमीन फंसी हुई है। अभी मुआवजा भी विभाग ने नहीं दिया है और निर्माण कार्य भी काफी समय से रुका हुआ है। इसको लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
- राम बहादुर
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भूमि अधिग्रहण के बाद कई किसानों को मुआवजा भी नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शासन स्तर से अटका है। यह सड़क परियोजना सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की पेट्रोलिंग और सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। चंदन चौकी से गुरुद्वारा कौड़ियाला तक 7 मीटर चौड़ी व लगभग 26 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसके बीच में बेला परसुआ, कड़िया, रायपुर चौराहा, टाडा, बरसोला, कौड़ियाला, जनकपुर आदि दर्जनों गांव आते हैं। यह सड़क पीलीभीत से सुमेरनगर, बनकटी होते हुए चंदन चौकी तक पहले ही बन चुकी है। आगे का काम नए सिरे से होना है, इसलिए बजट अभी तय नहीं है।
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मई-जून में चंदन चौकी से आगे के हिस्से का सर्वे कराया गया था। इसके बाद कई किसानों की भूमि का अधिग्रहण कर लोक निर्माण विभाग ने रजिस्ट्री कराकर मुआवजा भी दे दिया। स्थानीय किसानों का कहना है कि वे परियोजना के विरोध में नहीं हैं। जमीन लेने के बाद उन्हें समय पर उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद लंबा इंतजार उन्हें आर्थिक संकट में डाल रहा है।
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सीमा सड़क का निर्माण कार्य रुका नहीं है, बल्कि एसएसबी की तरफ से नए सुझाव दिए गए हैं। इस वजह से शासन स्तर से मार्ग की नई रूपरेखा के लिए बैठकें और मंत्रणा चल रही हैं। जैसे ही अंतिम स्वीकृति मिलेगी, उसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-फराज खान, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
लोक निर्माण विभाग ने सड़क बनाने के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत की है। अभी तक निर्माण कार्य नहीं हुआ है और न ही मुआवजा दिया गया है।
- साबिर, बरसोला कला
अप्रैल-मई में बॉर्डर योजना के तहत भूमि अधिग्रहण करके मुआवजा तो दे दिया, लेकिन अभी सड़क नहीं बनी है। जल्द बन जाए तो आवागमन सुगम हो।
- जाहिद हुसैन, बरसोला कला
हमारी जमीन फंसी हुई है। अभी मुआवजा भी विभाग ने नहीं दिया है और निर्माण कार्य भी काफी समय से रुका हुआ है। इसको लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
- राम बहादुर

तिकुनिया क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर गुरुद्वारा कौड़ियाला तक जाने वाला जर्जर मार्ग। संवाद

तिकुनिया क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर गुरुद्वारा कौड़ियाला तक जाने वाला जर्जर मार्ग। संवाद

तिकुनिया क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर गुरुद्वारा कौड़ियाला तक जाने वाला जर्जर मार्ग। संवाद