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मरीजों की बढ़ती आमद को देखते हुए जिला अस्पताल का स्टाफ नाकाफी

Thu, 31 Mar 2022 02:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 02:17 AM IST
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In view of the increasing influx of patients, the staff of the district hospital is inadequate.
पर्चा काउंटर पर लाइन में खड़े मरीज। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
ओपीडी से लेकर दवा वितरण काउंटर पर लगी रहती है भीड़
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रोजाना 1500 मरीजों की ओपीडी, जबकि डॉक्टरों की तैनाती 25
लखीमपुर खीरी। जिले की आबादी तो हर साल बढ़ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या पिछले कई सालों से जस की तस है। ऐसे में मरीजों को पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए लाइन में लगकर घंटों अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। जिला अस्पताल में रोजाना 14 से 15 सौ नए पर्चे बन रहे हैं, जबकि स्वीकृत पद के सापेक्ष सिर्फ 25 डॉक्टरों की ही तैनाती है।
जिला अस्पताल में 267 बेड हैं। इसके सापेक्ष ही डॉक्टर से लेकर पैरामेडिकल आदि स्टाफ की तैनाती है। साल दर साल जिले की आबादी तो बढ़ती गई, लेकिन स्टाफ आज तक नहीं बढ़ा है। मौजूदा समय में रोजाना 1400 से 1500 तक नए पर्चे बन रहे हैं। करीब सात-आठ सौ पुराने पर्चे पर भी मरीज देखे जा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी एवं दवा वितरण काउंटर पर लाइन लगाकर अपनी बारी आने का घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे ही हालात अल्ट्रासाउंड कक्ष से लेकर एक्सरे रूम तक के हैं। वहीं वार्डों के भी हालात काफी खराब हैं। एक-एक स्टाफ नर्स 35 से 40 मरीजों की देखरेख में लगी रहती हैं।
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एक मरीज देखने में लगते हैं कम से कम 15 मिनट
डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की शिकायत रहती है कि डॉक्टर ने उसे देखा नहीं, जबकि हकीकत यह है कि एक मरीज को देखने और उसकी बात सुनने के लिए कम से कम 15 मिनट का समय चाहिए। मगर, सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक वार्ड का निरीक्षण, ओपीडी में मरीज देखने से लेकर आपातकालीन कॉल रिसीव करना बेहद मुश्किल है, जबकि ओपीडी में रोजाना 150 से 200 मरीजों को देखते हैं।
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तीन बाल रोग विशेषज्ञ संभाल रहे जिला अस्पताल एवं आईसीयू वार्ड
जिला अस्पताल में तीन बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है, जबकि 20 बेड का चिल्ड्रन वार्ड और 10 बेड का आईसीयू वार्ड है। इन तीन बाल रोग विशेषज्ञों को ओपीडी के साथ चिल्ड्रन वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों का इलाज करने की जिम्मेदारी है। वहीं कभी कभार बाल रोग विशेषज्ञ इमरजेंसी ड्यूटी करने के लिए भी मजबूर होते हैं।


पद- स्वीकृत- तैनाती
डॉक्टर- 26-25- एक
स्टाफ नर्स-23-11-12
वार्ड ब्वाय-49-12-37
सफाई कर्मी-13-13-00
अस्पताल में कुल बेड- 267

जिला अस्पताल 267 बेड का है। डॉक्टर के 26 पद स्वीकृत हैं। कॉर्डियोलॉजिस्ट का एक पद रिक्त है। अस्पताल काफी पुराना है। आबादी बढ़ने से मरीज तो बढ़े, लेकिन स्टाफ की स्थिति जस की तस है। मेडिकल कॉलेज बनने से डॉक्टर व स्टाफ की कमी से मिल जाएगी।
- डॉ. मदन लाल, सीएमएस, जिला अस्प्ताल
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