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गोला में किसानों ने चीनी मिल में डाला ताला, मिल मालिक, केन कमिश्नर के पुतले की अर्थी निकाली

Fri, 03 Dec 2021 11:31 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 11:31 PM IST
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In Gola, the farmers put a lock in the sugar mill, took out the meaning of the effigy of the mill owner, cane commissioner
गोला में किसानों को संबोधित करते किसान नेता।
बकाया गन्ना भुगतान की मांग पर अड़े किसान, तौल गेट पर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
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गन्ना आपूर्ति के अभाव में बजाज चीनी मिल की दोनों इकाइयां हुईं बंद
गोला गोकर्णनाथ। शुक्रवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर गन्ना किसानों ने बजाज चीनी मिल में ताला डाल दिया। यही नहीं, किसान नेता चीनी मिल मालिक, अध्यासी और संचालकों पर एफआईआर और संपूर्ण भुगतान की मांग पर अड़ गए। देखते ही देखते प्रदर्शन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में बदल गया। गन्ना आपूर्ति के अभाव में बजाज चीनी मिल को अपनी दोनों इकाइयां बंद करनी पड़ी।
शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा अपने साथियों के साथ अंधेरे में ही बजाज चीनी मिल के गन्ना यार्ड में जा पहुंचे और सुबह सात बजे तौल काटों के आगे आड़े तिरछे ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर जाम लगा दिया। चीनी मिल के चक्का जाम की सूचना पाते ही भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के अमनदीप सिंह, बलकार सिंह, गुरदीप सिंह, आप पार्टी नेता रामनिवास वर्मा, प्रोग्रेसिव फार्मर फ्रंट के पदाधिकारी पहुंच गए।
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किसान नेताओं ने गन्ना किसानों के साथ तौल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना और मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, चीनी मिल ने तौल गेटों को बंद कर अपने सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बजाज चीनी मिल के मालिक और गन्ना आयुक्त की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और पुतलों को वहीं धरना स्थल के गेट पर लटका दिया।
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गन्ना विकास समिति के सचिव नंदलाल माथुर और प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नेता श्रीकृष्ण वर्मा, अमनदीप सिंह संधू, अमरजीत सिंह और रामनिवास वर्मा मिल मालिक मिल प्रबंधन पर एफआईआर और संपूर्ण गन्ना भुगतान की मांग पर अड़ गए।
जब तक एफआईआर दर्ज नहीं, तब तक बंद नहीं होगा धरना
गोला गोकर्णनाथ। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि उनकी मात्र दो मांगे हैं। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती और बकाया संपूर्ण भुगतान मय ब्याज नहीं मिलता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। शाम तक गन्ना विकास समिति सचिव और प्रभारी निरीक्षक के अलावा कोई भी प्रशासनिक और मिल प्रबंधन का अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। अंजनी दीक्षित, गुरदेव सिंह, देवेंद्र वर्मा, दिलीप वर्मा, सुखनंदन प्रसाद वर्मा, अमन वर्मा, सर्वेश कुमार, गुड्डू, नारायण लाल वर्मा, गोवर्धन लाल वर्मा, संदीप वर्मा, मुकेश वर्मा, राहुल वर्मा, दिनेश वर्मा, कलेक्टर सिंह, विकास वर्मा, अखिलेश राज, दिनेश, राजकुमार गौतम, पिंकू, नीरज वर्मा, कपिल वर्मा, अजीत बंसल आदि मौजूद रहे। संवाद
गन्ना आपूर्ति के अभाव में चीनी मिल की दोनों इकाइयां बंद
गोला गोकर्णनाथ। गोला चीनी मिल बजाज ग्रुप की सबसे बड़ी मिल है। जिसकी प्रतिदिन पेराई क्षमता एक लाख 30 हजार क्विंटल है। गन्ना आपूर्ति के अभाव में चीनी मिल की पहली इकाई 9:20 पर और दूसरी इकाई पूर्वाहन 11:05 पर बंद हो गई।
डीसीओ बोले, क्या गारंटी है एफआईआर दर्ज होने पर किसान चलने देंगे चीनी मिल
गोला गोकर्णनाथ। मिल मालिक और मिल प्रबंधन पर एफआईआर के बाबत जानकारी करने पर जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने बताया कि क्या गारंटी है कि मुकदमा दर्ज करा दिया जाए तो किसान चीनी मिल चलने देंगे। जैसा कि पलिया में हो चुका है। फोन पर हुई बातचीत में बृजेश पटेल ने कहा की 80 फीसदी किसान चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग चीनी मिल नहीं चलने देना चाहते। आवश्यक वस्तु अधिनियम की एफआईआर बिना डीएम के आदेश के दर्ज नहीं हो सकती। सब कुछ डीएम की जानकारी में है। संवाद
गोला मिल से जुड़े गन्ना केंद्रों पर बंद हुई तौल
ममरी। बकाया गन्ना भुगतान न मिलने से नाराज किसान नेताओं ने गोला चीनी मिल को बंद करा दिया, जिससे बिलहरी महेशपुर, मस्तीपुर, घमहाघाट, गेहुआं आदि सेंटरों पर गन्ने की तौल बंद रही।

सेंटर पर गन्ना लेकर आए अशरफी गंज के रुपेश, सिंगहा के कमल, गौरीगंज के पुत्तू लाल समेत कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर तौल का इंतजार करते देखे गए, लेकिन वहां तौल बंद मिली। सेंटर पर मौजूद किसानों ने विभिन्न किसान संगठनों द्वारा गन्ना भुगतान की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का एक स्वर में समर्थन किया है, जबकि उप गन्ना प्रबंधक राजेश मिश्रा ने किसानों की मांग को जायज बताते हुए कहा है कि तौल बंद होने से किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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