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दस रुपये का सिक्का लेने से मना करना गैरकानूनी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:01 AM IST
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dharna
- फोटो : amar ujala
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- अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने लिखा सभी बैंकों को पत्र
- एसबीआई प्रबंधक ने भी सिक्के को बताया वैध
आम लोगों में दस रुपये के सिक्के को लेकर यहां बन चुकी भ्रम की स्थिति को अग्रणी बैंक के प्रबंधक ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि दस रुपये का सिक्का पूरी तरह वैध है। इसे लेने से मना करना गैरकानूनी है। यही बात एसबीआई प्रबंधक ने भी कही है।
दस रुपये का सिक्का जब चलन में आया तो लोगों ने अपने घरों में स्टोर कर लिया। बाजार के बजाय यह सिक्का घरों में गुल्लकों की शोभा बढ़ाने लगा। इससे यह सिक्का चलन में कम हो गया। अचानक अफवाह उड़ी कि रिजर्व बैंक ने 10 रुपये का सिक्का बंद कर दिया है। इस अफवाह के चलते यह सिक्का गुल्लकों से निकलकर फिर बाजार में आ गया। आज हालत यह है कि यह सिक्का कोई लेने को तैयार नहीं है। इससे भ्रम कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है।
भ्रम का फायदा उठा चांदी काट रहे दलाल
दस रुपये का सिक्का बंद होने की अफवाह का दलालों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। दलाल इन सिक्कों का सात-आठ रुपये में खरीदकर चांदी काट रहे हैं। जिले के कई क्षेत्रों में तो 10 रुपया का सिक्का पांच रुपया में बिक रहा है। भ्रम के चलते लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
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आदर्श व्यापार मंडल ने दिया ज्ञापन
दस रुपये का सिक्का बंद होने की अफवाह से पैदा हुई भ्रम की स्थिति को लेकर आदर्श व्यापार मंडल ने शुक्रवार को डीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है भ्रम के कारण फुटकर और थोक दुकानदार 10 रुपये के सिक्के नहीं ले रहे हैं। बैंक भी सिक्के गिनने और रखरखाव की झंझट से बचने के लिए यह सिक्के लेने में आनाकानी करती हैं। इन स्थितियों से निबटने के जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सिक्कों का प्रचलन वैध, बैंक लेने में न करें आनाकानी
अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार द्विवेदी ने सभी बैंक प्रबंधकों को पत्र लिखकर कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार सभी प्रकार के सिक्कों का प्रचलन वैध है। जनता की सुविधा और सहयोग के लिए उन्होंने
भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के प्रबंधक अमरेश कुमार मौर्य ने बताया कि 10 रुपये का कोई सिक्का रिजर्व बैंक ने बंद नहीं किया है। रिजर्व बैंक जब कोई सिक्का या नोट बंद करता है तो वह बैंकों के माध्यम से वापस लेकर उसका पूरा मूल्य चुकाती है। रिजर्व बैंक ने फिलहाल कोई करेंसी बंद नहीं की है। यह कोई व्यक्ति या व्यापारी यह सिक्के लेने से मना करता है तो वह गैरकानूनी है।
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- एसबीआई प्रबंधक ने भी सिक्के को बताया वैध
आम लोगों में दस रुपये के सिक्के को लेकर यहां बन चुकी भ्रम की स्थिति को अग्रणी बैंक के प्रबंधक ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि दस रुपये का सिक्का पूरी तरह वैध है। इसे लेने से मना करना गैरकानूनी है। यही बात एसबीआई प्रबंधक ने भी कही है।
दस रुपये का सिक्का जब चलन में आया तो लोगों ने अपने घरों में स्टोर कर लिया। बाजार के बजाय यह सिक्का घरों में गुल्लकों की शोभा बढ़ाने लगा। इससे यह सिक्का चलन में कम हो गया। अचानक अफवाह उड़ी कि रिजर्व बैंक ने 10 रुपये का सिक्का बंद कर दिया है। इस अफवाह के चलते यह सिक्का गुल्लकों से निकलकर फिर बाजार में आ गया। आज हालत यह है कि यह सिक्का कोई लेने को तैयार नहीं है। इससे भ्रम कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है।
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भ्रम का फायदा उठा चांदी काट रहे दलाल
दस रुपये का सिक्का बंद होने की अफवाह का दलालों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। दलाल इन सिक्कों का सात-आठ रुपये में खरीदकर चांदी काट रहे हैं। जिले के कई क्षेत्रों में तो 10 रुपया का सिक्का पांच रुपया में बिक रहा है। भ्रम के चलते लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
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आदर्श व्यापार मंडल ने दिया ज्ञापन
दस रुपये का सिक्का बंद होने की अफवाह से पैदा हुई भ्रम की स्थिति को लेकर आदर्श व्यापार मंडल ने शुक्रवार को डीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है भ्रम के कारण फुटकर और थोक दुकानदार 10 रुपये के सिक्के नहीं ले रहे हैं। बैंक भी सिक्के गिनने और रखरखाव की झंझट से बचने के लिए यह सिक्के लेने में आनाकानी करती हैं। इन स्थितियों से निबटने के जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सिक्कों का प्रचलन वैध, बैंक लेने में न करें आनाकानी
अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार द्विवेदी ने सभी बैंक प्रबंधकों को पत्र लिखकर कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार सभी प्रकार के सिक्कों का प्रचलन वैध है। जनता की सुविधा और सहयोग के लिए उन्होंने
भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के प्रबंधक अमरेश कुमार मौर्य ने बताया कि 10 रुपये का कोई सिक्का रिजर्व बैंक ने बंद नहीं किया है। रिजर्व बैंक जब कोई सिक्का या नोट बंद करता है तो वह बैंकों के माध्यम से वापस लेकर उसका पूरा मूल्य चुकाती है। रिजर्व बैंक ने फिलहाल कोई करेंसी बंद नहीं की है। यह कोई व्यक्ति या व्यापारी यह सिक्के लेने से मना करता है तो वह गैरकानूनी है।