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Lakhimpur Kheri News: सील तोड़कर संचालित मिला अस्पताल, संचालक पर रिपोर्ट
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मितौली। सीएचसी अधीक्षक ने कस्बे में अवैध रूप से संचालित एक अस्पताल के संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि अस्पताल संचालक सील तोड़कर दोबारा ओपीडी संचालित कर रहा था।
बीते अक्टूबर में अस्पताल को सील किया गया था। मितौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 22 अक्तूबर 2024 को टीम ने कस्ता-ममरी मार्ग पर संचालित अस्पताल सिफा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन सहित आवश्यक दस्तावेज मांगे।
अस्पताल में तमाम कमियां मिलीं। इसके चलते अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करते हुए सील करने की कार्रवाई की गई। बीते 29 जुलाई को टीम ने दोबारा अस्पताल में छापामारी की तो अस्पताल संचालन कि पुष्टि हुई। फिर से टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गई। सीएमओ संतोष गुप्ता के आदेश के बाद अस्पताल संचालक जिब्राइल के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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अस्पताल संचालक झोलाछाप के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
- 26 अगस्त को बसंतापुर गांव में इलाज के दौरान हुई थी महिला की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। गांव बसंतापुर के एक निजी अस्पताल में 26 अगस्त को इलाज के दौरान हुई महिला की मौत के मामले में चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल सील कर दिया है।
गांव बसंतापुर में बिना पंजीकरण चल रहे एक निजी अस्पताल में 26 अगस्त को गांव करौंहा निवासी गुड़िया पत्नी ओमप्रकाश की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि अस्पताल संचालक झोलाछाप चिकित्सक दिनेश यादव निवासी कोयलीपुरवा थाना धौरहरा ने गलत इंजेक्शन और बोतल लगाकर अस्पताल के बेड पर लिटा दिया। मृतका के पुत्र विशाल निगम के मुताबिक, इंजेक्शन के बाद उसकी मां गुड़िया की हालत बिगड़ने लगी, तो उसके पिता ओमप्रकाश ने डॉक्टर से देखने को कहा।
इस पर वह उसे दूसरी जगह ले जाने की सलाह देते हुए भगाने लगे। इसी बीच उसकी मौत हो गई। यह देख डॉक्टर मौके से भाग गए। इसके बाद पीड़ित ने अपने परिजनों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया था। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. रवी सिंह ने दूसरे दिन उसका अस्पताल सील कर दिया।
मामले में मंगलवार को मृतका के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप अस्पताल संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की है। प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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बीते अक्टूबर में अस्पताल को सील किया गया था। मितौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 22 अक्तूबर 2024 को टीम ने कस्ता-ममरी मार्ग पर संचालित अस्पताल सिफा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन सहित आवश्यक दस्तावेज मांगे।
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अस्पताल में तमाम कमियां मिलीं। इसके चलते अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करते हुए सील करने की कार्रवाई की गई। बीते 29 जुलाई को टीम ने दोबारा अस्पताल में छापामारी की तो अस्पताल संचालन कि पुष्टि हुई। फिर से टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गई। सीएमओ संतोष गुप्ता के आदेश के बाद अस्पताल संचालक जिब्राइल के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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अस्पताल संचालक झोलाछाप के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
- 26 अगस्त को बसंतापुर गांव में इलाज के दौरान हुई थी महिला की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। गांव बसंतापुर के एक निजी अस्पताल में 26 अगस्त को इलाज के दौरान हुई महिला की मौत के मामले में चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल सील कर दिया है।
गांव बसंतापुर में बिना पंजीकरण चल रहे एक निजी अस्पताल में 26 अगस्त को गांव करौंहा निवासी गुड़िया पत्नी ओमप्रकाश की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि अस्पताल संचालक झोलाछाप चिकित्सक दिनेश यादव निवासी कोयलीपुरवा थाना धौरहरा ने गलत इंजेक्शन और बोतल लगाकर अस्पताल के बेड पर लिटा दिया। मृतका के पुत्र विशाल निगम के मुताबिक, इंजेक्शन के बाद उसकी मां गुड़िया की हालत बिगड़ने लगी, तो उसके पिता ओमप्रकाश ने डॉक्टर से देखने को कहा।
इस पर वह उसे दूसरी जगह ले जाने की सलाह देते हुए भगाने लगे। इसी बीच उसकी मौत हो गई। यह देख डॉक्टर मौके से भाग गए। इसके बाद पीड़ित ने अपने परिजनों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया था। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. रवी सिंह ने दूसरे दिन उसका अस्पताल सील कर दिया।
मामले में मंगलवार को मृतका के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप अस्पताल संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की है। प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।