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गोला का एल वन सेंटर कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को तैयार
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मॉकड्रिल के तहत कोरोना संक्रमित बच्ची को सीएचसी ले जाता एंबुलेंस स्टाफ। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
गोला का एल वन सेंटर कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को तैयार
गोला गोकर्णनाथ। सीएचसी एलवन कोविड-19 सेंटर पर तीसरी लहर की तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) हुआ। पूर्वाभ्यास में सेंटर पूरी तरह खरा उतरा।
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे अचानक सायरन बजाती हुई एक एंबुलेंस के सीएचसी के गेट पर रुकते ही पीपीई किट पहने डॉक्टरों की एक टीम दौड़ती हुई एंबुलेंस के पास पहुंची। फौरन एंबुलेंस से दीपशिखा नाम की एक बच्ची को स्ट्रेचर पर लिटाया गया और मेडिकल टीम उसे लेकर कोविड-19 वार्ड की ओर दौड़ी। यह दृश्य देख कुछ देर के लिए अस्पताल में मौजूद मरीज और तीमारदार हैरत में पड़ गए। बाद में उन्हें पता चला की यह मॉकड्रिल थी।
एसीएमओ कोविड-19 प्रभारी डॉ बीसी पंत और कुंभी पीएचसी प्रभारी डॉ गणेश कुमार के दिशा निर्देशन में बाल रोग विशेषज्ञ अशोक बिहारी सिंह, स्टाफ नर्स प्रतिमा, पुनीत के साथ डॉक्टर यामिनी बादल, फार्मासिस्ट मुन्ना लाल चौधरी, सचिन, अनूप कुमार पांडे, रमेश चंद्र वर्मा मौजूद रहे।
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एसीएमओ ने बताया कि गोला सीएचसी को कोविड-19 एल वन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। तीसरी लहर से निपटने की तैयारियो पर किया गया मॉकड्रिल सफल रहा है। एलवन सेंटर पर ऑक्सीजन के 40 सिलिंडर, 25 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पांच बाई पाइप, आईसीयू वार्ड सहित पर्याप्त दवाइयां संसाधन उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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एडी हेल्थ लखनऊ मंडल ने परखी विभागीय अधिकारियों की तैयारी
लखीमपुर खीरी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए एडी हेल्थ लखनऊ मंडल डॉ. जीएस बाजपेई शुक्रवार को जिले में आए। उन्होंने कोविड अस्पताल जगसड़ में मॉकड्रिल देखकर बच्चों के इलाज को लेकर की गई तैयारियां की हकीकत परखी। वहीं जिले की चार सीएचसी पर एसीएमओ की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुआ।
कोविड-19 की दूसरी लहर की भयावहता को देखकर स्वास्थ्य महकमा बेहद अलर्ट है। तीसरी लहर की आशंका को लेकर महकमे ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसके लिए शुक्रवार को कोविड अस्पताल जगसड़ सहित जिले की चार सीएचसी पर कोरोना संक्रमण से बचाव की तैयारियों को मॉकड्रिल हुआ। इसकी हकीकत स्वयं एडी हेल्थ ने जगसड़ अस्पताल पहुंचकर देखी। उन्होंने ऑक्सीजन व्यवस्था, दवाइयों के रखरखाव, मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड़ों की संख्या, कोरोना जांच की व्यवस्था सहित साफ सफाई और वैक्सीनेशन के बारे में मालुमात की। स्टाफ से दवाओं और इलाज के बारे में जानकारी लेकर व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए।
उधर, रमियाबेहड़ में एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, पलिया सीएचसी में एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, गोला सीएचसी में एसीएमओ डॉ. वीसी पंत और मोहम्मदी सीएचसी में एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुआ। संवाद
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कोविड की तीसरी लहर को लेकर बनाया गया पीकू वार्ड
पलियाकलां। कोरोना संक्रमण में तीसरी लहर की आशंका को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के लिए आठ बेडों का पीकू वार्ड बनाकर तैयार किया गया है। जिसमें बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।
वार्ड में इलाज के लिए दवाएं, उपकरण और ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। अधीक्षक डॉ हरेंद्र नाथ वरुण ने बताया कि आठ बेडों के इस वार्ड में बच्चों के इलाज के लिए लगभग सभी व्यवस्थाएं की गईं हैं। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। सीएचसी एलवन कोविड-19 सेंटर पर तीसरी लहर की तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) हुआ। पूर्वाभ्यास में सेंटर पूरी तरह खरा उतरा।
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे अचानक सायरन बजाती हुई एक एंबुलेंस के सीएचसी के गेट पर रुकते ही पीपीई किट पहने डॉक्टरों की एक टीम दौड़ती हुई एंबुलेंस के पास पहुंची। फौरन एंबुलेंस से दीपशिखा नाम की एक बच्ची को स्ट्रेचर पर लिटाया गया और मेडिकल टीम उसे लेकर कोविड-19 वार्ड की ओर दौड़ी। यह दृश्य देख कुछ देर के लिए अस्पताल में मौजूद मरीज और तीमारदार हैरत में पड़ गए। बाद में उन्हें पता चला की यह मॉकड्रिल थी।
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एसीएमओ कोविड-19 प्रभारी डॉ बीसी पंत और कुंभी पीएचसी प्रभारी डॉ गणेश कुमार के दिशा निर्देशन में बाल रोग विशेषज्ञ अशोक बिहारी सिंह, स्टाफ नर्स प्रतिमा, पुनीत के साथ डॉक्टर यामिनी बादल, फार्मासिस्ट मुन्ना लाल चौधरी, सचिन, अनूप कुमार पांडे, रमेश चंद्र वर्मा मौजूद रहे।
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एसीएमओ ने बताया कि गोला सीएचसी को कोविड-19 एल वन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। तीसरी लहर से निपटने की तैयारियो पर किया गया मॉकड्रिल सफल रहा है। एलवन सेंटर पर ऑक्सीजन के 40 सिलिंडर, 25 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पांच बाई पाइप, आईसीयू वार्ड सहित पर्याप्त दवाइयां संसाधन उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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एडी हेल्थ लखनऊ मंडल ने परखी विभागीय अधिकारियों की तैयारी
लखीमपुर खीरी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए एडी हेल्थ लखनऊ मंडल डॉ. जीएस बाजपेई शुक्रवार को जिले में आए। उन्होंने कोविड अस्पताल जगसड़ में मॉकड्रिल देखकर बच्चों के इलाज को लेकर की गई तैयारियां की हकीकत परखी। वहीं जिले की चार सीएचसी पर एसीएमओ की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुआ।
कोविड-19 की दूसरी लहर की भयावहता को देखकर स्वास्थ्य महकमा बेहद अलर्ट है। तीसरी लहर की आशंका को लेकर महकमे ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसके लिए शुक्रवार को कोविड अस्पताल जगसड़ सहित जिले की चार सीएचसी पर कोरोना संक्रमण से बचाव की तैयारियों को मॉकड्रिल हुआ। इसकी हकीकत स्वयं एडी हेल्थ ने जगसड़ अस्पताल पहुंचकर देखी। उन्होंने ऑक्सीजन व्यवस्था, दवाइयों के रखरखाव, मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड़ों की संख्या, कोरोना जांच की व्यवस्था सहित साफ सफाई और वैक्सीनेशन के बारे में मालुमात की। स्टाफ से दवाओं और इलाज के बारे में जानकारी लेकर व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए।
उधर, रमियाबेहड़ में एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, पलिया सीएचसी में एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, गोला सीएचसी में एसीएमओ डॉ. वीसी पंत और मोहम्मदी सीएचसी में एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुआ। संवाद
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कोविड की तीसरी लहर को लेकर बनाया गया पीकू वार्ड
पलियाकलां। कोरोना संक्रमण में तीसरी लहर की आशंका को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के लिए आठ बेडों का पीकू वार्ड बनाकर तैयार किया गया है। जिसमें बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।
वार्ड में इलाज के लिए दवाएं, उपकरण और ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। अधीक्षक डॉ हरेंद्र नाथ वरुण ने बताया कि आठ बेडों के इस वार्ड में बच्चों के इलाज के लिए लगभग सभी व्यवस्थाएं की गईं हैं। संवाद