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डेंगू बरपा रहा कहर, पीड़ितों की संख्या 31 तक पहुंची
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लखीमपुर खीरी। जिले में डेंगू का प्रकोप साल दर साल बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में हुई जांच में दो और लोग डेंगू से पीड़ित मिले। इससे जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 31 हो गई।
बुखार आने पर नकहा ब्लॉक के गांव अमृतापुर निवासी 42 वर्षीय रामबाबू पुत्र राममनोहर और शहर के मोहल्ला शिवकॉलोनी निवासी आनंद गौतम के 13 साल के पुत्र निखिल का इलाज निजी अस्पताल में हो रहा था। जब इनकी एक निजी पैथोलॉजी में जांच कराई गई तो वहां पर कार्ड टेस्ट में एनएस वन पॉजिटिव निकला। निजी पैथोलॉजी ने इसकी सूचना जिला अस्पताल में दी। इस पर जब दोनो की एलाइजा जांच जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हुई तो दोनो में डेंगू की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग अब दोनो पीड़ितों के घर और उसके पास एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की बात कर रहा है।
नाले नालियां चोक, तो कैसे न पनपें मच्छर
शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है। नाले-नालियां गंदगी से पटे हैं। चोक होने के कारण नालों में जलभराव रहता है। इससे उसमें मच्छर पनपते हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर न तो अधिशासी अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही पालिका अध्यक्ष। ऐसे में नाले नालियों के चोक होने से जहां मोहल्ले की गलियों में जलभराव होता है तो वहीं मच्छर भी पनपते हैं। जो नगरवासियो के लिए बीमारी का कारण बनते हैं।
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साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर का शरीर का आधार गहरे काले रंग का तथा सफेद चमकीली पट्टियां होती हैं। यह मच्छर साफ पानी में ही अंडे देता है। घर या ऑफिस में लगे कूलर, गमले, ओवर हेड टैंक, टायर या फिर हौजियों में पानी न इकठ्ठा न होने दें। यह मच्छर दिन में ही काटता है।
ऐसे करें बचाव
यह मच्छर दिन में काटता है। ऐसे में घर के सदस्यों को दिन में पूरी बांह की कमीज, फुल पैंट और पैरों में मोजा पहनना चाहिए। घरों में मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बुखार होने पर दवा के प्रयोग में सतर्कता बरतें। पैरासिटामॉल की गोली दें इसके अलावा मरीज के शरीर को पानी के पट्टियों से पोछें। बुखार तेज होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
हर साल बढ़ रहे डेंगू पीड़ित
वर्ष पीड़ित मौत
2013 चार एक
2014 तीन एक भी नहीं
2015 छह एक
2016 31 एक भी नहीं
2017 22 एक
2018 23 एक भी नहीं
2019 31 एक भी नहीं
हमारी कॉलोनी में जलनिकासी के लिए नाला नहीं है। इससे जलभराव होता है और मच्छर पनपते हैं। इस संबंध में कई बार अधिशासी अधिकारी को जानकारी दी गई है। मगर, वह ध्यान नहीं दे रहे है। मच्छरों के कारण ही डेंगू पांव पसार रहा है।
-अपूर्व सिंह
सदस्य, शिवकॉलोनी
कॉलोनी में डेंगू का मरीज मिलने की जानकारी नहीं है। साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जलनिकासी के लिए जल्द ही नाले का निर्माण कराया जाएगा। बुधवार को फॉगिंग भी कराई जाएगी।
-आरआर अंबेश
अधिशासी अधिकारी
शिवकॉलोनी में समस्या तो है। हाल ही में फॉगिंग कराई गई थी। जलनिकासी के लिए जल्द ही नाला निर्माण कराया जाएगा। बच्चे को डेंगू होने की जानकारी नहीं है। एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
-निरूपमा वाजपेई
अध्यक्ष, नगर पालिका
मच्छरों की रोकथाम के लिए निरंतर फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाता है। जहां पर डेंगू ओर मलेरिया के पीड़ित मिलते हैं वहां पर विशेष तौर से एंटीलार्वा का छिड़काव होता है।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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बुखार आने पर नकहा ब्लॉक के गांव अमृतापुर निवासी 42 वर्षीय रामबाबू पुत्र राममनोहर और शहर के मोहल्ला शिवकॉलोनी निवासी आनंद गौतम के 13 साल के पुत्र निखिल का इलाज निजी अस्पताल में हो रहा था। जब इनकी एक निजी पैथोलॉजी में जांच कराई गई तो वहां पर कार्ड टेस्ट में एनएस वन पॉजिटिव निकला। निजी पैथोलॉजी ने इसकी सूचना जिला अस्पताल में दी। इस पर जब दोनो की एलाइजा जांच जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हुई तो दोनो में डेंगू की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग अब दोनो पीड़ितों के घर और उसके पास एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की बात कर रहा है।
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नाले नालियां चोक, तो कैसे न पनपें मच्छर
शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है। नाले-नालियां गंदगी से पटे हैं। चोक होने के कारण नालों में जलभराव रहता है। इससे उसमें मच्छर पनपते हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर न तो अधिशासी अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही पालिका अध्यक्ष। ऐसे में नाले नालियों के चोक होने से जहां मोहल्ले की गलियों में जलभराव होता है तो वहीं मच्छर भी पनपते हैं। जो नगरवासियो के लिए बीमारी का कारण बनते हैं।
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साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर का शरीर का आधार गहरे काले रंग का तथा सफेद चमकीली पट्टियां होती हैं। यह मच्छर साफ पानी में ही अंडे देता है। घर या ऑफिस में लगे कूलर, गमले, ओवर हेड टैंक, टायर या फिर हौजियों में पानी न इकठ्ठा न होने दें। यह मच्छर दिन में ही काटता है।
ऐसे करें बचाव
यह मच्छर दिन में काटता है। ऐसे में घर के सदस्यों को दिन में पूरी बांह की कमीज, फुल पैंट और पैरों में मोजा पहनना चाहिए। घरों में मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बुखार होने पर दवा के प्रयोग में सतर्कता बरतें। पैरासिटामॉल की गोली दें इसके अलावा मरीज के शरीर को पानी के पट्टियों से पोछें। बुखार तेज होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
हर साल बढ़ रहे डेंगू पीड़ित
वर्ष पीड़ित मौत
2013 चार एक
2014 तीन एक भी नहीं
2015 छह एक
2016 31 एक भी नहीं
2017 22 एक
2018 23 एक भी नहीं
2019 31 एक भी नहीं
हमारी कॉलोनी में जलनिकासी के लिए नाला नहीं है। इससे जलभराव होता है और मच्छर पनपते हैं। इस संबंध में कई बार अधिशासी अधिकारी को जानकारी दी गई है। मगर, वह ध्यान नहीं दे रहे है। मच्छरों के कारण ही डेंगू पांव पसार रहा है।
-अपूर्व सिंह
सदस्य, शिवकॉलोनी
कॉलोनी में डेंगू का मरीज मिलने की जानकारी नहीं है। साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जलनिकासी के लिए जल्द ही नाले का निर्माण कराया जाएगा। बुधवार को फॉगिंग भी कराई जाएगी।
-आरआर अंबेश
अधिशासी अधिकारी
शिवकॉलोनी में समस्या तो है। हाल ही में फॉगिंग कराई गई थी। जलनिकासी के लिए जल्द ही नाला निर्माण कराया जाएगा। बच्चे को डेंगू होने की जानकारी नहीं है। एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
-निरूपमा वाजपेई
अध्यक्ष, नगर पालिका
मच्छरों की रोकथाम के लिए निरंतर फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाता है। जहां पर डेंगू ओर मलेरिया के पीड़ित मिलते हैं वहां पर विशेष तौर से एंटीलार्वा का छिड़काव होता है।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ