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Lakhimpur Kheri News: एग्जिट पोल फेल... मतदाताओं ने पलट दी बाजी
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लखीमपुर खीरी। खीरी और धौरहरा सीट पर एग्जिट पोल में दिखाए गए सभी अनुमान फेल हो गए। मतदाताओं ने बड़ा उलटफेर किया। दो दशकों से भाजपा के कब्जे वाली सीटें सपा की झोली में डाल दीं। राजनीतिक विश्लेषकों का गुणा-भाग भी यहां पूरी तरह से फेल रहा।
खीरी सीट से अजय मिश्र टेनी और धौरहरा से रेखा वर्मा दो बार से सांसद थीं। इस लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के नेता और समर्थक इनकी जीत को लेकर आश्वस्त थे। रही-सही कसर एग्जिट पोल ने पूरी कर दी। एक जून की देर शाम आए एग्जिट पोल में खीरी और धौरहरा दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत दिखाई जा रही थी।
यह देख समर्थक भी उत्साहित हो गए थे। सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं हुईं। जीत की अग्रिम बधाई दी जाने लगी। उधर, सपा-बसपा और कांग्रेस के नेता इसपर सवाल उठा रहे थे। चौक-चौराहों पर भी चर्चा हो रही थी। मंगलवार को नतीजे आए तो एग्जिट पोल पूरी तरह से गलत साबित हुआ।-- -- -
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मतदाताओं का मिजाज भांप नहीं सकीं एजेंसियां
सर्वे एजेंसियां खीरी और धौरहरा सीट के मतदाताओं का मिजाज भांपने में नाकाम रहीं। वोटर का मूड क्या है। तराई के जिले की चुनावी बयार किस दिशा में बह रही है, यह समझ नहीं सकीं। जनता से जुड़े स्थानीय मुद्दे इस चुनाव में हावी रहे। यही वजह है कि दोनों सीटें गठबंधन के खाते में चली गईं।
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खीरी सीट से अजय मिश्र टेनी और धौरहरा से रेखा वर्मा दो बार से सांसद थीं। इस लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के नेता और समर्थक इनकी जीत को लेकर आश्वस्त थे। रही-सही कसर एग्जिट पोल ने पूरी कर दी। एक जून की देर शाम आए एग्जिट पोल में खीरी और धौरहरा दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत दिखाई जा रही थी।
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यह देख समर्थक भी उत्साहित हो गए थे। सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं हुईं। जीत की अग्रिम बधाई दी जाने लगी। उधर, सपा-बसपा और कांग्रेस के नेता इसपर सवाल उठा रहे थे। चौक-चौराहों पर भी चर्चा हो रही थी। मंगलवार को नतीजे आए तो एग्जिट पोल पूरी तरह से गलत साबित हुआ।
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मतदाताओं का मिजाज भांप नहीं सकीं एजेंसियां
सर्वे एजेंसियां खीरी और धौरहरा सीट के मतदाताओं का मिजाज भांपने में नाकाम रहीं। वोटर का मूड क्या है। तराई के जिले की चुनावी बयार किस दिशा में बह रही है, यह समझ नहीं सकीं। जनता से जुड़े स्थानीय मुद्दे इस चुनाव में हावी रहे। यही वजह है कि दोनों सीटें गठबंधन के खाते में चली गईं।