{"_id":"68c31d34c25554b2c00b9465","slug":"due-to-the-administrations-negligence-illegal-buses-started-running-again-on-the-lucknow-route-lakhimpur-news-c-120-lkh1010-155379-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: प्रशासन की अनदेखी से लखनऊ मार्ग पर फिर से दौड़ने लगीं डग्गामार बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: प्रशासन की अनदेखी से लखनऊ मार्ग पर फिर से दौड़ने लगीं डग्गामार बसें
विज्ञापन
एलआरपी चौराहे पर सवारियों के इंतजार में खड़ी डग्गामार बस। संवाद
लखीमपुर खीरी। प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाते हुए लखनऊ मार्ग पर एक बार फिर डग्गामार बसों का संचालन तेज हो गया है। एलआरपी चौराहे पर सुबह से शाम तक कई डग्गामार बसें सवारियों को बैठाकर लखनऊ की ओर रवाना होने लगी हैं।
करीब 10 दिन पहले अनुबंधित बस यूनियन ने डग्गामार बसों के विरोध में चक्का जाम की चेतावनी दी थी। उस समय शासन ने सख्ती दिखाई और चार-पांच दिन तक कार्रवाई के चलते इन बसों का संचालन लगभग बंद हो गया था, लेकिन अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। बिना किसी रोक-टोक के डग्गामार बसें दौड़ रहीं हैं।
यात्री भाड़े में मामूली अंतर के कारण डग्गामार बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घट रही है। परिवहन निगम की लापरवाही और सख्त कार्रवाई के अभाव में यह समस्या लगातार बनी हुई है।
विज्ञापन
रोडवेज अनुबंधित बस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो न केवल रोडवेज को आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि कभी भी यात्रियों को जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की चुप्पी और परिवहन निगम की निष्क्रियता से डग्गामार बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने हड़ताल खत्म करने के लिए हुए समझौता पत्र का भी हवाला दिया कि प्रशासन अपनी बात पर अमल नहीं करा पा रहा है।
पहले की अपेक्षा काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। मंगलवार को एक बस सीज भी की गई थी। निगम की ओर से लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। - शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ, परिवहन निगम
विज्ञापन
करीब 10 दिन पहले अनुबंधित बस यूनियन ने डग्गामार बसों के विरोध में चक्का जाम की चेतावनी दी थी। उस समय शासन ने सख्ती दिखाई और चार-पांच दिन तक कार्रवाई के चलते इन बसों का संचालन लगभग बंद हो गया था, लेकिन अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। बिना किसी रोक-टोक के डग्गामार बसें दौड़ रहीं हैं।
विज्ञापन
यात्री भाड़े में मामूली अंतर के कारण डग्गामार बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घट रही है। परिवहन निगम की लापरवाही और सख्त कार्रवाई के अभाव में यह समस्या लगातार बनी हुई है।
विज्ञापन
रोडवेज अनुबंधित बस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो न केवल रोडवेज को आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि कभी भी यात्रियों को जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की चुप्पी और परिवहन निगम की निष्क्रियता से डग्गामार बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने हड़ताल खत्म करने के लिए हुए समझौता पत्र का भी हवाला दिया कि प्रशासन अपनी बात पर अमल नहीं करा पा रहा है।
पहले की अपेक्षा काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। मंगलवार को एक बस सीज भी की गई थी। निगम की ओर से लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। - शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ, परिवहन निगम