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Lakhimpur Kheri News: चार विभागों की लापरवाही से सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में पिछड़ा जिला
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लखीमपुर खीरी। सीएम डैशबोर्ड में लखीमपुर के पिछड़ने के पीछे चार विभागों के अफसरों की लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य, समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में लापरवाही की वजह से जनपद की रैंक गिरी है। इसके अलावा राजस्व वसूली में पिछले माह की अपेक्षा इस बार जिला काफी पिछड़ गया है। डीएम ने संबंधित अफसरों को चेतावनी जारी की है।
जनपद में सितंबर माह में ओवरऑल रैंकिंग 25वीं थी, जो अक्तूबर में छह अंक गिरकर 31वें स्थान पर आ गई। इसमें स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय डायलिसिस यूनिट कार्यक्रम, राष्ट्रीय आजीविका मिशन में समूहों को लाभ देने में, समाज कल्याण विभाग में वृद्धावस्था पेंशन और बेसिक शिक्षा विभाग में निपुण परीक्षा की प्रगति ई ग्रेड आई है, जिसकी वजह से रैंक खराब हुई है।
यह हालात तब हैं, जब पिछले माह की रैंकिंग में सुधार के लिए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अफसरों के साथ बैठक कर सख्ती दिखाई थी। कई अफसरों को नोटिस भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद कोई असर नहीं दिखा।
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13 से 40वें स्थान पर पहुंचीं राजस्व वसूली की रैंकिंग
सितंबर की अपेक्षा अक्तूबर में राजस्व वसूली की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही है। जिला एक महीने में सीधे 27 अंक लुढ़क गया। सितंबर में राजस्व की रैकिंग 13वें नंबर पर थीं, जो इस बार 40वें स्थान पर आ गई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में ग्रेड के अनुसार देखें तो उद्योग निवेश में बी, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायक योजना में ई, गन्ना मूल्य भुगतान में सी, जीएसटी में ई, निर्विवाद उत्तराधिकारी में डी, धारा-98 में सी, वसूली प्रमाणपत्र में ई, स्वामित्व प्रमाणपत्र में ई, ठेकेदार अनुबंध में डी, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में डी रैंकिंग आई है।
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किन अनुभागों में हम पीछे रह गए है, इसकी पूरी समीक्षा कर उस पर काम किया जाएगा। ताकि, अगले महीने की रैंक मजबूत हो। अगर कहीं लापरवाही सामने आती है, तो कार्रवाई भी की जाएगी।
-संजय सिंह, एडीएम प्रशासन
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जनपद में सितंबर माह में ओवरऑल रैंकिंग 25वीं थी, जो अक्तूबर में छह अंक गिरकर 31वें स्थान पर आ गई। इसमें स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय डायलिसिस यूनिट कार्यक्रम, राष्ट्रीय आजीविका मिशन में समूहों को लाभ देने में, समाज कल्याण विभाग में वृद्धावस्था पेंशन और बेसिक शिक्षा विभाग में निपुण परीक्षा की प्रगति ई ग्रेड आई है, जिसकी वजह से रैंक खराब हुई है।
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यह हालात तब हैं, जब पिछले माह की रैंकिंग में सुधार के लिए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अफसरों के साथ बैठक कर सख्ती दिखाई थी। कई अफसरों को नोटिस भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद कोई असर नहीं दिखा।
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13 से 40वें स्थान पर पहुंचीं राजस्व वसूली की रैंकिंग
सितंबर की अपेक्षा अक्तूबर में राजस्व वसूली की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही है। जिला एक महीने में सीधे 27 अंक लुढ़क गया। सितंबर में राजस्व की रैकिंग 13वें नंबर पर थीं, जो इस बार 40वें स्थान पर आ गई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में ग्रेड के अनुसार देखें तो उद्योग निवेश में बी, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायक योजना में ई, गन्ना मूल्य भुगतान में सी, जीएसटी में ई, निर्विवाद उत्तराधिकारी में डी, धारा-98 में सी, वसूली प्रमाणपत्र में ई, स्वामित्व प्रमाणपत्र में ई, ठेकेदार अनुबंध में डी, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में डी रैंकिंग आई है।
किन अनुभागों में हम पीछे रह गए है, इसकी पूरी समीक्षा कर उस पर काम किया जाएगा। ताकि, अगले महीने की रैंक मजबूत हो। अगर कहीं लापरवाही सामने आती है, तो कार्रवाई भी की जाएगी।
-संजय सिंह, एडीएम प्रशासन