{"_id":"6011aa318ebc3e340b1766fd","slug":"desi-ghee-and-milk-powder-will-also-be-available-along-with-dry-ration-lakhimpur-news-bly435085380","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखे राशन के साथ देसी घी और दूध पाउडर भी मिलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखे राशन के साथ देसी घी और दूध पाउडर भी मिलेगा
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को देसी घी और दूध पाउडर का वितरण किया जाएगा, जिसके लिए सभी ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना कार्यालयों पर आपूर्ति भी पहुंचा दी गई है। स्वयं सहायता समूह और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से सूखा राशन और दाल के साथ ही देसी घी और दूध पाउडर भी बांटा जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीन महीने के लिए एक बार में देसी घी और दूध पाउडर के पैकेटों का वितरण कराया जाएगा, जबकि गेहूं, चावल और दाल का वितरण प्रत्येक महीने होगा। सूखा राशन वितरण योजना के तहत जनपद के 3503 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी श्रेणियों के कुल 394083 लाभार्थी हैं। इनमें छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को आसमानी नीला, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को हल्का हरा, गर्भवती/धात्री महिलाओं को पीला और 11 से 14 वर्ष तक किशोरियों (स्कूल न जाने वाली) को गुलाबी कलर और अतिकुपोषित श्रेणी में रखे गए बच्चों को लाल कलर कोड दिया गया है। इसी कलर कोड के हिसाब से राशन की मात्रा निर्धारित की गई है। अभी तक लाभार्थियों को गेहूं, चावल और दाल बांटी जाती थी, लेकिन अब उन्हें देसी घी और मिल्क पावडर भी मिलेगा।
दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने बाल विकास परियोजना कार्यालयों पर देसी घी के 450 ग्राम और 900 ग्राम के पराग ब्रांड के पैकेट भेजे हैं, जबकि दूध पाउडर के 400 ग्राम और 750 ग्राम के पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। गुलाबी कलर कोड के लाभार्थियों को 450 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पाउडर, पीला कलर कोड वाले लाभार्थियों को 450 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पावडर, आसमानी नीला कलर कोड के लाभार्थियों को 450 ग्राम देसी घी और 400 ग्राम दूध पाउडर, हल्का हरा कलर कोड वाले लाभार्थियों को केवल 400 ग्राम दूध पाउडर, लाल कलर कोड वाले लाभार्थियों को 900 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पाउडर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सभी ब्लॉकों में देसी घी और दूध पाउडर के पैकेट की आपूर्ति हो गई है। सूखे राशन के साथ ही इन दोनों वस्तुओं का वितरण पांच फरवरी को किया जाएगा। छूटे हुए लाभार्थियों को अगले दिन छह फरवरी को वितरित किया जाएगा। वितरण के दौरान निगरानी के लिए न्याय पंचायत स्तर पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- सुनील कुमार श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीन महीने के लिए एक बार में देसी घी और दूध पाउडर के पैकेटों का वितरण कराया जाएगा, जबकि गेहूं, चावल और दाल का वितरण प्रत्येक महीने होगा। सूखा राशन वितरण योजना के तहत जनपद के 3503 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी श्रेणियों के कुल 394083 लाभार्थी हैं। इनमें छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को आसमानी नीला, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को हल्का हरा, गर्भवती/धात्री महिलाओं को पीला और 11 से 14 वर्ष तक किशोरियों (स्कूल न जाने वाली) को गुलाबी कलर और अतिकुपोषित श्रेणी में रखे गए बच्चों को लाल कलर कोड दिया गया है। इसी कलर कोड के हिसाब से राशन की मात्रा निर्धारित की गई है। अभी तक लाभार्थियों को गेहूं, चावल और दाल बांटी जाती थी, लेकिन अब उन्हें देसी घी और मिल्क पावडर भी मिलेगा।
विज्ञापन
दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने बाल विकास परियोजना कार्यालयों पर देसी घी के 450 ग्राम और 900 ग्राम के पराग ब्रांड के पैकेट भेजे हैं, जबकि दूध पाउडर के 400 ग्राम और 750 ग्राम के पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। गुलाबी कलर कोड के लाभार्थियों को 450 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पाउडर, पीला कलर कोड वाले लाभार्थियों को 450 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पावडर, आसमानी नीला कलर कोड के लाभार्थियों को 450 ग्राम देसी घी और 400 ग्राम दूध पाउडर, हल्का हरा कलर कोड वाले लाभार्थियों को केवल 400 ग्राम दूध पाउडर, लाल कलर कोड वाले लाभार्थियों को 900 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पाउडर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सभी ब्लॉकों में देसी घी और दूध पाउडर के पैकेट की आपूर्ति हो गई है। सूखे राशन के साथ ही इन दोनों वस्तुओं का वितरण पांच फरवरी को किया जाएगा। छूटे हुए लाभार्थियों को अगले दिन छह फरवरी को वितरित किया जाएगा। वितरण के दौरान निगरानी के लिए न्याय पंचायत स्तर पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- सुनील कुमार श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी