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दुराचारी को सात साल की सजा
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 08 May 2015 08:20 PM IST
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किशोरी को बहलाकर भगा ले जाने और उससे दुराचार के मामले में अपर जिला जज योगिता चंद्रा ने एक बलात्कारी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी को मोहम्मदी कस्बे के पूर्वी लखपेड़ा निवासी वेदप्रकाश, रोहित तथा शिखा देवी दो मार्च 2011 को बहलाकर भगा ले गए थे। आरोप है कि शिखा देवी की मदद से अपहर्ताओं ने चार पहिया वाहन पर लादकर किशोरी को शाहजहांपुर और बरेली में अलग-अलग स्थानों पर रखकर जोर जबरदस्ती की गई। करीब दो सप्ताह बाद पुलिस की मदद से किशोरी अपहर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई तो आपबीती सुनाई। अदालती सुनवाई के दौरान आरोपी रोहित की पत्रावली किशोर घोषित होने के कारण जुवनाइल बोर्ड भेज दी गई जबकि बहस सुनने के बाद फैसले की तारीख मुकर्रर हो गई। फैसला सुनने के लिए शिखा हाजिर नहीं हुई तो उसकी गिरफ्तारी के लिए पत्र लिखे गए और तमाम प्रयास किए गए लेकिन शिखा हत्थे नहीं चढ़ी। कोर्ट ने वेदप्रकाश को दोषसिद्ध करते हुए उसे सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि फरार आरोपी शिखा की फाइल अलग करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी को पत्र लिखा है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी को मोहम्मदी कस्बे के पूर्वी लखपेड़ा निवासी वेदप्रकाश, रोहित तथा शिखा देवी दो मार्च 2011 को बहलाकर भगा ले गए थे। आरोप है कि शिखा देवी की मदद से अपहर्ताओं ने चार पहिया वाहन पर लादकर किशोरी को शाहजहांपुर और बरेली में अलग-अलग स्थानों पर रखकर जोर जबरदस्ती की गई। करीब दो सप्ताह बाद पुलिस की मदद से किशोरी अपहर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई तो आपबीती सुनाई। अदालती सुनवाई के दौरान आरोपी रोहित की पत्रावली किशोर घोषित होने के कारण जुवनाइल बोर्ड भेज दी गई जबकि बहस सुनने के बाद फैसले की तारीख मुकर्रर हो गई। फैसला सुनने के लिए शिखा हाजिर नहीं हुई तो उसकी गिरफ्तारी के लिए पत्र लिखे गए और तमाम प्रयास किए गए लेकिन शिखा हत्थे नहीं चढ़ी। कोर्ट ने वेदप्रकाश को दोषसिद्ध करते हुए उसे सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि फरार आरोपी शिखा की फाइल अलग करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी को पत्र लिखा है।
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