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डांट की डर से किशोर ने खाया जहर, मौत 

Mon, 08 Aug 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /फरधान।
अमर उजाला ब्यूरो /फरधान। Updated Mon, 08 Aug 2016 11:47 PM IST
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Fear of scolding teens ate poison, death
जांच में पता चला है कि दवाई को खासतौर पर नशे के लिए ही बनाया गया था।
आईडी व अन्य कागजात खोने से था परेशान
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किशोर की मौत से परिवार में मचा कोहराम 

पिता की आईडी खो जाने पर डांट के डर से परेशान गांव चिन्हारपुर निवासी वीरेंद्र वर्मा के 13 वर्षीय पुत्र शोभित ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत गंभीर होने पर परिवार वालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। 
गांव चिन्हारपुर निवासी वीरेंद्र वर्मा का पुत्र शोभित फरधान थाने के गांव लखनापुर गांव निवासी अपने मामा संत कुमार के यहां रुककर बेहजम स्थित एक स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता था। वह अपना आधार कार्ड बनवाना चाहता था। उसके मामा संत कुमार ने बताया कि शनिवार को शोभित घर आया और अपने पिता वीरेंद्र की आईडी सहित कुछ अन्य कागज लेकर  रविवार को साइकिल से लखनापुर आ रहा था। इसी बीच रास्ते में कागजात खो गए। खोजबीन के बाद भी कागज नहीं मिले। घर पर डांट पड़ने के डर से उसने कहीं से जहरीला पदार्थ लाकर खा लिया। वह लखनापुर पहुंचा और न ही घर गया। शाम को लखनापुर न पहुंचने की जब पिता वीरेंद्र को जानकारी हुई तो उन्होंने ग्रामीणों के साथ उसकी खोजबीन शुरू की। रात 11 बजे गांव के बाहर निकली नहर की पटरी के किनारे वह बेहोशी की हालत में मिला। पिता के पूछने पर उसने सारी बात बताई और जहर खाने की जानकारी दी। परिवार वाले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों की सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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छात्र ने फांसी लगाकर जान दी
मैगलगंज। गांव निधियाई निवासी रघुवीर शर्मा के 14 वर्षीय पुत्र दीपक शर्मा ने घर के अंदर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह श्रीपाल सिंह इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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गांव निधियाई निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि रविवार को गुड़िया-तिजिया का पर्व था। उनका पुत्र दीपक गुड़ियों की पिटाई कर घर वापस आया और कुछ देर बाद कमरे में चला गया। जहां उसने गले में रस्सी का फंदा डाल लिया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे में चीख होने पर परिवार के लोग जब तक कमरे में पहुंचते और उसे नीते उतरते। इससे पहले ही दीपक की मौत हो चुकी थी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। 
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