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सीओ की गिरफ्तारी के आदेश, जुर्माना
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 08 May 2015 08:19 PM IST
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अदालती आदेश की अवहेलना के मामले को अपर जिला जज हाजी अशरफ अंसारी ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने सीओ कमल किशोर वर्मा पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर के एसपी को आदेशित किया है। साथ ही कोषाधिकारी को पत्र लिखते हुए जुर्माने की रकम वेतन से वसूलने के आदेश दिए हैं।
बताते चलें कि नीमगांव थाना क्षेत्र में की रहने वाली गोदावरी की चार अप्रैल 2005 को संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई थी। उसकी माता लीलावती ने पुत्री के पति गुरुप्रसाद सहित ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो सबकी गवाही के बाद फाइल सीओ सिटी कमल किशोर वर्मा की गवाही पर अटक गई। तमाम पत्राचार के बाद नौ अक्तूबर 2014 को सीओ केके वर्मा ने अधूरी गवाही के बीच ही समय दिए जाने की गुजारिश की थी। कोर्ट ने इसे सशर्त मंजूरी देते हुए 10 हजार रुपये का मुचलका दाखिल करने पर अवसर दिया था कि अगली तारीख पर गवाही अवश्य दर्ज कराई जायेगी, इसके बाद कई बार पत्र लिखे गए, सम्मन, नोटिस भेजे गए मगर गाजीपुर के सीओ सिटी के रूप में तैनात कमल किशोर वर्मा अदालत नहीं लौटे। इसी अदालत में इसी तरह एक अन्य फाइल भी सीओ कमल किशोर वर्मा की गवाही के अभाव में लंबित चल रही है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने सीओ कमल किशोर वर्मा के खिलाफ टिप्पणी करते हुए अपने आदेश में लिखा है कि आचरण से पुष्ट हो रहा है कि जानबूझकर अदालत के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। कोर्ट ने मुचलके को जब्त करते हुए 10 हजार रुपये की वसूली उनके वेतन से करने के लिए कोषाधिकारी को पत्र लिखा है। साथ ही सीओ कमल किशोर वर्मा के खिलाफ बिना जमानती वारंट जारी करते हुए उनको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश गाजीपुर के एसपी को दिया है।
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बताते चलें कि नीमगांव थाना क्षेत्र में की रहने वाली गोदावरी की चार अप्रैल 2005 को संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई थी। उसकी माता लीलावती ने पुत्री के पति गुरुप्रसाद सहित ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो सबकी गवाही के बाद फाइल सीओ सिटी कमल किशोर वर्मा की गवाही पर अटक गई। तमाम पत्राचार के बाद नौ अक्तूबर 2014 को सीओ केके वर्मा ने अधूरी गवाही के बीच ही समय दिए जाने की गुजारिश की थी। कोर्ट ने इसे सशर्त मंजूरी देते हुए 10 हजार रुपये का मुचलका दाखिल करने पर अवसर दिया था कि अगली तारीख पर गवाही अवश्य दर्ज कराई जायेगी, इसके बाद कई बार पत्र लिखे गए, सम्मन, नोटिस भेजे गए मगर गाजीपुर के सीओ सिटी के रूप में तैनात कमल किशोर वर्मा अदालत नहीं लौटे। इसी अदालत में इसी तरह एक अन्य फाइल भी सीओ कमल किशोर वर्मा की गवाही के अभाव में लंबित चल रही है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने सीओ कमल किशोर वर्मा के खिलाफ टिप्पणी करते हुए अपने आदेश में लिखा है कि आचरण से पुष्ट हो रहा है कि जानबूझकर अदालत के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। कोर्ट ने मुचलके को जब्त करते हुए 10 हजार रुपये की वसूली उनके वेतन से करने के लिए कोषाधिकारी को पत्र लिखा है। साथ ही सीओ कमल किशोर वर्मा के खिलाफ बिना जमानती वारंट जारी करते हुए उनको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश गाजीपुर के एसपी को दिया है।
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