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जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की बनाएं रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/मझगईं।
Updated Tue, 07 Jun 2016 11:51 PM IST
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dudhwa
- फोटो : amar ujala
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- दुधवा टाईगर रिजर्व और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने किया गोष्ठी का आयोजन
- पर्यावरण का महत्व समझाया और किया वन्यजीवों के प्रति जागरूक
- बांटा गया मुआवजा भी, बताया फसलों के बचाव का तरीका
दुधवा नेशनल पार्क की गुलरा वन चौकी पर दुधवा टाईगर रिर्जव एवं विश्व प्रकृति निधि भारत के तत्वावधान में जागरूकता गोष्ठी एवं मुआवजा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्डन एनके उपाध्याय ने विश्व पर्यावरण दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके बारे में विस्तार से बताया और उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने किसानों को जंगली हाथियों से बचाव के तरीके बताए और किसानों से कहा कि जंगली जानवरों से फसल का नुकसान होने पर उसकी रिपोर्ट बनाकर समय से दे दें, ताकि मुआवजा उचित और समय से मिल सके। इस मौके पर 2014 में जंगली जानवरों द्वारा किए फसलों के नुकसान का मुआवजा भी दिया गया। सोनारीपुर रेंजर कलीम अहमद ने कहा कि जो किसान मुआवजा पाने से वंचित रह गए हैं उनको भी जल्द मुआवजा दिया जाएगा। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजनाधिकारी राधेश्याम भार्गव ने बताया कि 1,29742 रुपये के मुआवजे का वितरण हुआ है। इस मौके पर बेलरायां रेंजर एमके शुक्ला, प्रधानपति शहादत, पूर्व प्रधान रामशंकर पांडे, जसवंत सिंह बिट्टू, वकील रामचंद्र, छविनाथ चौहान, दरोगा वीरबहादुर सिंह, वन रक्षक उमाशंकर पाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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- पर्यावरण का महत्व समझाया और किया वन्यजीवों के प्रति जागरूक
- बांटा गया मुआवजा भी, बताया फसलों के बचाव का तरीका
दुधवा नेशनल पार्क की गुलरा वन चौकी पर दुधवा टाईगर रिर्जव एवं विश्व प्रकृति निधि भारत के तत्वावधान में जागरूकता गोष्ठी एवं मुआवजा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्डन एनके उपाध्याय ने विश्व पर्यावरण दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके बारे में विस्तार से बताया और उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने किसानों को जंगली हाथियों से बचाव के तरीके बताए और किसानों से कहा कि जंगली जानवरों से फसल का नुकसान होने पर उसकी रिपोर्ट बनाकर समय से दे दें, ताकि मुआवजा उचित और समय से मिल सके। इस मौके पर 2014 में जंगली जानवरों द्वारा किए फसलों के नुकसान का मुआवजा भी दिया गया। सोनारीपुर रेंजर कलीम अहमद ने कहा कि जो किसान मुआवजा पाने से वंचित रह गए हैं उनको भी जल्द मुआवजा दिया जाएगा। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजनाधिकारी राधेश्याम भार्गव ने बताया कि 1,29742 रुपये के मुआवजे का वितरण हुआ है। इस मौके पर बेलरायां रेंजर एमके शुक्ला, प्रधानपति शहादत, पूर्व प्रधान रामशंकर पांडे, जसवंत सिंह बिट्टू, वकील रामचंद्र, छविनाथ चौहान, दरोगा वीरबहादुर सिंह, वन रक्षक उमाशंकर पाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।