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Lakhimpur Kheri News: फरियाद लंबी, निस्तारण की रफ्तार धीमी
Sun, 18 Oct 2026 01:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:07 AM IST
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रामू
लखीमपुर खीरी/गोला गोकर्णनाथ। गोला तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतें तो पहुंचीं, लेकिन मौके पर सिर्फ छह का ही निस्तारण हो सका।
कुल 57 शिकायती प्रार्थनापत्र आए। इनमें बरसात में कच्चा मकान गिरने के बाद सर्वे न होने, जमीन में हिस्सा नहीं मिलने, कब्जा हटवाने और खतौनी में पिता का नाम संशोधित कराने जैसी समस्याएं शामिल रहीं। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं होने पर लोगों ने डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसपी ख्याति गर्ग के सामने अपनी बात रखी।
डीएम ने कहा कि अधिकारी शिकायतों और आवेदनों के समयबद्ध व संतुष्टिपरक समाधान के लिए शिकायतकर्ता से स्वयं बात करें। पीड़ित की मनोदशा समझें, उसकी भावना का सम्मान करें और संवेदनशीलता के साथ समस्या का समाधान करें।
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बरसात में कच्चा मकान गिर गया था। अब तक कोई सर्वे करने नहीं पहुंचा है। कई बार प्रार्थना पत्र भी दे चुका हूं। अब तहसील दिवस में शिकायत भी की है।
-रामू, जयराम नगर
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पिता गुलशन सिंह व माता रेखा की बचपन में ही मौत हो गई थी। दादा-दादी ने परवरिश की। उनके न रहने पर बुआ जमीन-जायदाद में हिस्सा नहीं दे रही हैं। वह तीन बहने हैं।
-पूजा देवी व अर्चना, रैनखेड़ा।
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खतौनी में मुझे अपने पिता का नाम संशोधित कराना है। लेखपाल कोई न कोई बहाना करके टरका रहा है। पहले भी कई शिकायत की, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा।
-रामनंदन वाजपेई, कपरहा
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मेरे भतीजों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। पहले भी कई शिकायत की हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। डीएम साहब को आज फिर से प्रार्थना पत्र दिया है।
-रामस्वरूप, कन्धईपुर
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कुल 57 शिकायती प्रार्थनापत्र आए। इनमें बरसात में कच्चा मकान गिरने के बाद सर्वे न होने, जमीन में हिस्सा नहीं मिलने, कब्जा हटवाने और खतौनी में पिता का नाम संशोधित कराने जैसी समस्याएं शामिल रहीं। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं होने पर लोगों ने डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसपी ख्याति गर्ग के सामने अपनी बात रखी।
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डीएम ने कहा कि अधिकारी शिकायतों और आवेदनों के समयबद्ध व संतुष्टिपरक समाधान के लिए शिकायतकर्ता से स्वयं बात करें। पीड़ित की मनोदशा समझें, उसकी भावना का सम्मान करें और संवेदनशीलता के साथ समस्या का समाधान करें।
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बरसात में कच्चा मकान गिर गया था। अब तक कोई सर्वे करने नहीं पहुंचा है। कई बार प्रार्थना पत्र भी दे चुका हूं। अब तहसील दिवस में शिकायत भी की है।
-रामू, जयराम नगर
पिता गुलशन सिंह व माता रेखा की बचपन में ही मौत हो गई थी। दादा-दादी ने परवरिश की। उनके न रहने पर बुआ जमीन-जायदाद में हिस्सा नहीं दे रही हैं। वह तीन बहने हैं।
-पूजा देवी व अर्चना, रैनखेड़ा।
खतौनी में मुझे अपने पिता का नाम संशोधित कराना है। लेखपाल कोई न कोई बहाना करके टरका रहा है। पहले भी कई शिकायत की, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा।
-रामनंदन वाजपेई, कपरहा
मेरे भतीजों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। पहले भी कई शिकायत की हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। डीएम साहब को आज फिर से प्रार्थना पत्र दिया है।
-रामस्वरूप, कन्धईपुर

रामू

रामू

रामू

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