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ग्राम विकास विभाग की टीम ईंट की मोटाई से संतुष्ट नही
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पसगवां सीएचसी में इंटरलॉकिंग मार्ग का निरीक्षण करते संयुक्त ग्राम्य विकास आयुक्त प्रशासन राजे?
- फोटो : LAKHIMPUR
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पसगवां। सांसद रेखा अरुण वर्मा की शिकायत पर ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने पसगवां ब्लॉक में बीडीओ अमित सिंह के कार्यकाल में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की अभिलेखीय और स्थलीय जांच की। स्थलीय जांच में टीम इंटरलॉकिंग ईंट की मोटाई से संतुष्ट नजर नहीं आई।
मौजूदा समय में ब्लॉक बांकेगंज के बीडीओ अमित सिंह पूर्व में पसगवां के बीडीओ रहे। बताया जाता है जिस समय अमित सिंह पसगवां में तैनात थे उस समय सांसद रेखा वर्मा से उनकी नहीं बनी। सांसद ने अमित सिंह की शिकायत शासन से की। जांच ग्राम्य विकास विभाग को सौंपी गई। ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त प्रशासन के नेतृत्व में टीम ने यहां ब्लॉक कार्यालय में बीडीओ अमित सिंह के कार्यकाल में कराए गए मनरेगा योजना के कार्यों की अभिलेखीय जांच की। इस दौरान बीडीओ अमित सिंह भी मौजूद रहे।
इसके अलावा टीम ने पसगवां, पांडेयवारी सहित कई गांवों में इंटरलॉकिंग की जांच की। जांच में इंटरलॉकिंग ईंट की मोटाई से टीम संतुष्ट नजर नही आई। टीम ने कुछ फर्म मालिकों से पूछताछ की, और टैक्स अदायगी के बारे में जानकारी हासिल की। संयुक्त आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार ने बताया कि ईट की मोटाई निर्धारित 80 मिमी से कम होने, चहेती फर्म को काम दिए जाने, फर्जी बिलों से जीएसटी की चोरी आदि शिकायत की गई है। उधर बीडीओ अमित सिंह का कहना है कि मैने अपने कार्यकाल में जो काम कराए सभी नियमानुसार कराए थे।
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जांच टीम में संयुक्त आयुक्त प्रशासन के अलावा संयुक्त आयुक्त मनरेगा धीरेन्द्र प्रताप सिंह, चीफ टेक्निकल एक्जामिनर एसपी सिंह, डीडीओ अरविंद कुमार, डीसी मनरेगा प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ,बीडीओ प्रदीप चौधरी आदि कई लोग शामिल रहे।
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कम संख्या में आए फर्म मालिक
ब्लॉक कार्यालय में सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों की संख्या 24 है लेकिन जांच में बहुत कम संख्या में फर्म मालिक ही मौके पर पहुंचे। बीडीओ प्रदीप चौधरी ने सोमवार को फोन पर बताया कि 14 फर्म मालिकों को ही नोटिस भेजा गया है।
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तकनीकी सहायक नही दे पाए टीम के प्रश्नों के उत्तर
पसगवां ।ग्राम पंचायत वीरमपुर जांच के दौरान इंटरलॉकिंग ईंट और नीचे डाली गई सीमेंट, मौरंग, रोड़ी, बालू मानक के अनुरूप न मिलने पर संयुक्त ग्राम्य विकास आयुक्त की टीम ने तकनीकी सहायक आलोक सिंह को आड़े हाथों लिया। पांडेयवारी में भी तकनीकी सहायक आलोक सिंह, चीफ टेक्निकल एक्जामिनर एस पी सिंह के प्रश्नों का उत्तर नही दे पाए।
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मौजूदा समय में ब्लॉक बांकेगंज के बीडीओ अमित सिंह पूर्व में पसगवां के बीडीओ रहे। बताया जाता है जिस समय अमित सिंह पसगवां में तैनात थे उस समय सांसद रेखा वर्मा से उनकी नहीं बनी। सांसद ने अमित सिंह की शिकायत शासन से की। जांच ग्राम्य विकास विभाग को सौंपी गई। ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त प्रशासन के नेतृत्व में टीम ने यहां ब्लॉक कार्यालय में बीडीओ अमित सिंह के कार्यकाल में कराए गए मनरेगा योजना के कार्यों की अभिलेखीय जांच की। इस दौरान बीडीओ अमित सिंह भी मौजूद रहे।
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इसके अलावा टीम ने पसगवां, पांडेयवारी सहित कई गांवों में इंटरलॉकिंग की जांच की। जांच में इंटरलॉकिंग ईंट की मोटाई से टीम संतुष्ट नजर नही आई। टीम ने कुछ फर्म मालिकों से पूछताछ की, और टैक्स अदायगी के बारे में जानकारी हासिल की। संयुक्त आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार ने बताया कि ईट की मोटाई निर्धारित 80 मिमी से कम होने, चहेती फर्म को काम दिए जाने, फर्जी बिलों से जीएसटी की चोरी आदि शिकायत की गई है। उधर बीडीओ अमित सिंह का कहना है कि मैने अपने कार्यकाल में जो काम कराए सभी नियमानुसार कराए थे।
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जांच टीम में संयुक्त आयुक्त प्रशासन के अलावा संयुक्त आयुक्त मनरेगा धीरेन्द्र प्रताप सिंह, चीफ टेक्निकल एक्जामिनर एसपी सिंह, डीडीओ अरविंद कुमार, डीसी मनरेगा प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ,बीडीओ प्रदीप चौधरी आदि कई लोग शामिल रहे।
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कम संख्या में आए फर्म मालिक
ब्लॉक कार्यालय में सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों की संख्या 24 है लेकिन जांच में बहुत कम संख्या में फर्म मालिक ही मौके पर पहुंचे। बीडीओ प्रदीप चौधरी ने सोमवार को फोन पर बताया कि 14 फर्म मालिकों को ही नोटिस भेजा गया है।
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तकनीकी सहायक नही दे पाए टीम के प्रश्नों के उत्तर
पसगवां ।ग्राम पंचायत वीरमपुर जांच के दौरान इंटरलॉकिंग ईंट और नीचे डाली गई सीमेंट, मौरंग, रोड़ी, बालू मानक के अनुरूप न मिलने पर संयुक्त ग्राम्य विकास आयुक्त की टीम ने तकनीकी सहायक आलोक सिंह को आड़े हाथों लिया। पांडेयवारी में भी तकनीकी सहायक आलोक सिंह, चीफ टेक्निकल एक्जामिनर एस पी सिंह के प्रश्नों का उत्तर नही दे पाए।