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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में बड़े पैमाने पर गड़बडिय़ों के आरोप, सीडीओ ने सीएमओ से मांगा जवाब
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित की जा रही योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां होने की एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए सीडीओ अरविंद सिंह ने जांच शुरू कर दी है। आशा और संगिनी के पदों पर चयन में गोलमाल से लेकर फर्जी भुगतान किए जाने के आरोप हैं। 150 फर्जी आशाओं के नाम पर भुगतान निकाले जाने का भी गंभीर आरोप शामिल है। सीडीओ ने आरोपों के संबंध में सीएमओ से जवाब तलब किया है।
मां कालीधाम मझरा फार्म महेवा निवासी रमेश सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। शिकायती पत्र के साथ आरोपों के संबंध में कुछ सुबुत भी संलग्न किए गए हैं। इसमें जिला लेखा प्रबंधक (डैम) पर आशा चयन में गड़बड़ी करने का आरोप है कि उन्होंने आशा का चयन ग्राम स्तर पर नहीं किया, जो गाइड लाइन के विपरीत है। इन्हें प्रशिक्षण के नाम पर खानापूरी करके धनराशि को हड़प लिया गया। इसी तरह संगिनी के चयन के लिए साक्षात्कार नहीं कराया गया और न ही कमेटी गठित की गई। ऐसी गड़बड़ी 13 ब्लॉकों में होने की शिकायत की गई है। इसके अलावा आशाओं के प्रशिक्षण के नाम पर धनराशि का गोलमाल किए जाने का आरोप है। आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक ने 150 आशाओं की फर्जी इंट्री कर रखी है, जिसका ब्योरा समीक्षा बैठकों में नहीं दिया जाता है। इसके अलावा गंभीर आरोप है कि जिला कार्यक्रम प्रबंधक इकाई (डीपीएमयू) में वाहनों के फर्जी बिल लगाकर भुगतान कर लिया जाता है।
शिकायती पत्र में 15 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैैं। प्रकरण की जांच के लिए सीएमओ से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद सिंह, सीडीओ
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मां कालीधाम मझरा फार्म महेवा निवासी रमेश सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। शिकायती पत्र के साथ आरोपों के संबंध में कुछ सुबुत भी संलग्न किए गए हैं। इसमें जिला लेखा प्रबंधक (डैम) पर आशा चयन में गड़बड़ी करने का आरोप है कि उन्होंने आशा का चयन ग्राम स्तर पर नहीं किया, जो गाइड लाइन के विपरीत है। इन्हें प्रशिक्षण के नाम पर खानापूरी करके धनराशि को हड़प लिया गया। इसी तरह संगिनी के चयन के लिए साक्षात्कार नहीं कराया गया और न ही कमेटी गठित की गई। ऐसी गड़बड़ी 13 ब्लॉकों में होने की शिकायत की गई है। इसके अलावा आशाओं के प्रशिक्षण के नाम पर धनराशि का गोलमाल किए जाने का आरोप है। आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक ने 150 आशाओं की फर्जी इंट्री कर रखी है, जिसका ब्योरा समीक्षा बैठकों में नहीं दिया जाता है। इसके अलावा गंभीर आरोप है कि जिला कार्यक्रम प्रबंधक इकाई (डीपीएमयू) में वाहनों के फर्जी बिल लगाकर भुगतान कर लिया जाता है।
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शिकायती पत्र में 15 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैैं। प्रकरण की जांच के लिए सीएमओ से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद सिंह, सीडीओ