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गोशाला में गोवंश के मरने का सिलसिला जारी, एक और गाय की मौत
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका की अस्थायी गोशाला में गोवंश के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। आए दिन इनकी मौत हो रही है। मंगलवार को भी एक गाय की मौत हो गई। पिछले 15 दिन में तीन गोवंश की मौत हो चुकी है।
गोशाला में गोवंश का हाल बेहाल है। न तो इनके हरे चारे पानी की व्यवस्था है और न ही इलाज आदि की। ऐसे में गोवंश सूखा भूसा खाने के लिए मजबूर हैं। हरे चारे के नाम पर फूल गोभी के पत्ते और डंठल खिलाए जा रहे हैं। ऐसे में गोवंश भूखों मरने के लिए मजबूर है। मंगलवार को एक गाय की मौत हो गई। जबकि इससे पहले भी दो बीमार बछड़ों की मौत हो चुकी है। गोवंश की मौत पर पर्दा डालने के लिए पालिका कर्मी मृत गोवंश को शहर के बाहर ले जाकर कूड़े के ढ़ेरों में दबा दे रहे हैं। जबकि नियमानुसार इनका पोस्टमार्टम होना चाहिए, जिससे इनकी मौत का कारण पता लग सके।
गोशाला में गोवंश के चारा पानी से लेकर दाने तक ही पर्याप्त व्यवस्था है। मंगलवार को गाय के मरने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी
-आरआर अंबेश, अधिशासी अधिकारी
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गोशाला में गोवंश का हाल बेहाल है। न तो इनके हरे चारे पानी की व्यवस्था है और न ही इलाज आदि की। ऐसे में गोवंश सूखा भूसा खाने के लिए मजबूर हैं। हरे चारे के नाम पर फूल गोभी के पत्ते और डंठल खिलाए जा रहे हैं। ऐसे में गोवंश भूखों मरने के लिए मजबूर है। मंगलवार को एक गाय की मौत हो गई। जबकि इससे पहले भी दो बीमार बछड़ों की मौत हो चुकी है। गोवंश की मौत पर पर्दा डालने के लिए पालिका कर्मी मृत गोवंश को शहर के बाहर ले जाकर कूड़े के ढ़ेरों में दबा दे रहे हैं। जबकि नियमानुसार इनका पोस्टमार्टम होना चाहिए, जिससे इनकी मौत का कारण पता लग सके।
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गोशाला में गोवंश के चारा पानी से लेकर दाने तक ही पर्याप्त व्यवस्था है। मंगलवार को गाय के मरने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी
-आरआर अंबेश, अधिशासी अधिकारी