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प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने डीएम दफ्तर घेरा
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 01 May 2015 06:54 PM IST
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किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को डीएम का दफ्तर घेर लिया। प्रभारी डीएम/सीडीओ नितीश कुमार को छह सूत्री ज्ञापन देकर बेमौसम बारिश और ओले गिरने से तबाह हुए किसानों को बिना किसी भेदभाव के उचित मुआवजा देने और कर्जा माफ किए जाने की मांग की। उन्होंने चेताया कि जब तक एक-एक किसान को उनका हक नहीं मिल जाता तब तक चैन नहीं लेंगे। इसके पहले जितिन प्रसाद के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के पहले जितिन ने कांग्रेस भवन में जिले के किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने कहा कि जिले में बेमौसम बारिश से किसानों की गेहूं की अधिकतर फसल नष्ट हो गई है। किसान त्राहि-त्राहि कर रहा है। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन किसी भी किसान की मौत को फसल नुकसान के लिए मौत नहीं मान रही है।
उन्होंने कहा कि जिले में गेहूं की फसल बर्बाद हो जाने से किसान अपने बेटे-बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे है। बच्चों की पढ़ाई के लिए किसान गन्ना भुगतान पर आस लगाए थे लेकिन चीनी मिलें बकाया अदा नहीं कर रहीं हैं। इससे उनके तमाम काम रुके हुए हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों को उनके बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान चीनी मिलों से तत्काल दिलाया जाए। सभा को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह और मोनिस नकवी ने भी संबोधित किया।
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नुकसान के सर्वे में धांधली का आरोप
जितिन प्रसाद ने आरोप लगाया कि बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के प्रशासनिक सर्वे में भी धांधली की गई है। बड़े किसानों का अधिक नुकसान दिखाकर उन्हें फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया जबकि छोटे किसानों के खेतों का ही सर्वे नहीं किया गया है। इससे उन्हें मुआवजा भी मुश्किल है। यह प्रशासन की सरासर धांधली है।
किसानों की आत्महत्या के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं
जितिन प्रसाद ने डीएम को दिए गए ज्ञापन में मांग की कि अब तक जिले में कितने किसानों ने फसल नुकसान के कारण आत्महत्या की है। आत्महत्या करने वाले कितने किसानोें को कितनी आर्थिक सहायता प्रशासन ने दी है। इसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि आत्महत्या करने वाले किसानों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए।
गेहूं खरीद पर भी उठाए सवाल
जितिन प्रसाद ने कहा कि बेमौसम बारिश से किसानों का अधिकतर गेहूं खराब हो चुका है। जो बचा है उसके खरीद का इंतजाम प्रशासन के पास नहीं है। किसानों को अपना गेहूं औने-पौने दामों पर बिचौलियों के हाथों बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
कांग्रेस जिला कमेटी ने उठाई मजदूरों की समस्याएं
जिला कांग्रेस कमेटी ने भी डीएम को अलग से एक ज्ञापन सौंपा जिसमें किसानों के साथ मजदूरों की समस्याएं भी उठाईं। ज्ञापन में मांग की गई कि जिन मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर नहीं हैं उन सभी मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था की जाए। इस मांग में संगठित और असंगठित क्षेत्र के अलावा मनरेगा मजदूर भी शामिल हैं।
प्रदर्शन में यह लोग रहे शामिल
प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह, पूर्वमंत्री माया प्रसाद, रवि प्रताप सिंह, अशोक सक्सेना, बाबूराम शुक्ल, संजय शर्मा, राजीव अग्निहोत्री, राजकुमार अवस्थी, प्रह्लाद पांडेय, नवीन पांडेय, पारस मिश्र, कमलेश मिश्र, इरफान किदवई, संजय गोस्वामी, विनीत मिश्र, मनजीत कौर, विनीत मिश्र, कुसुमलता बरनवाल, शकील अयूबी, जगदंबा प्रसाद मिश्र, सुजीता कुमारी, मनीषा पासवान, कुलवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
12 को सभी ब्लाकों पर प्रदर्शन होगा
लखीमपुर खीरी। भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में 12 मई को दोपहर एक बजे एक साथ ब्लाक मुख्यालयों पर पर प्रदर्शन कर भूमि अधिग्रहण बिल की प्रतियां फूंकेगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि 12 मई को होने वाले इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तीन मई से आठ मई तक जिले के सभी ब्लाकों में कांग्रेस कमेटी की बैठक होगी। बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी प्रभारी की हैसियत से भाग लेंगे। बैठकों में कार्यक्रम की रूपरेखा बनेगी।
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प्रदर्शन के पहले जितिन ने कांग्रेस भवन में जिले के किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने कहा कि जिले में बेमौसम बारिश से किसानों की गेहूं की अधिकतर फसल नष्ट हो गई है। किसान त्राहि-त्राहि कर रहा है। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन किसी भी किसान की मौत को फसल नुकसान के लिए मौत नहीं मान रही है।
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उन्होंने कहा कि जिले में गेहूं की फसल बर्बाद हो जाने से किसान अपने बेटे-बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे है। बच्चों की पढ़ाई के लिए किसान गन्ना भुगतान पर आस लगाए थे लेकिन चीनी मिलें बकाया अदा नहीं कर रहीं हैं। इससे उनके तमाम काम रुके हुए हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों को उनके बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान चीनी मिलों से तत्काल दिलाया जाए। सभा को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह और मोनिस नकवी ने भी संबोधित किया।
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नुकसान के सर्वे में धांधली का आरोप
जितिन प्रसाद ने आरोप लगाया कि बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के प्रशासनिक सर्वे में भी धांधली की गई है। बड़े किसानों का अधिक नुकसान दिखाकर उन्हें फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया जबकि छोटे किसानों के खेतों का ही सर्वे नहीं किया गया है। इससे उन्हें मुआवजा भी मुश्किल है। यह प्रशासन की सरासर धांधली है।
किसानों की आत्महत्या के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं
जितिन प्रसाद ने डीएम को दिए गए ज्ञापन में मांग की कि अब तक जिले में कितने किसानों ने फसल नुकसान के कारण आत्महत्या की है। आत्महत्या करने वाले कितने किसानोें को कितनी आर्थिक सहायता प्रशासन ने दी है। इसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि आत्महत्या करने वाले किसानों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए।
गेहूं खरीद पर भी उठाए सवाल
जितिन प्रसाद ने कहा कि बेमौसम बारिश से किसानों का अधिकतर गेहूं खराब हो चुका है। जो बचा है उसके खरीद का इंतजाम प्रशासन के पास नहीं है। किसानों को अपना गेहूं औने-पौने दामों पर बिचौलियों के हाथों बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
कांग्रेस जिला कमेटी ने उठाई मजदूरों की समस्याएं
जिला कांग्रेस कमेटी ने भी डीएम को अलग से एक ज्ञापन सौंपा जिसमें किसानों के साथ मजदूरों की समस्याएं भी उठाईं। ज्ञापन में मांग की गई कि जिन मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर नहीं हैं उन सभी मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था की जाए। इस मांग में संगठित और असंगठित क्षेत्र के अलावा मनरेगा मजदूर भी शामिल हैं।
प्रदर्शन में यह लोग रहे शामिल
प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह, पूर्वमंत्री माया प्रसाद, रवि प्रताप सिंह, अशोक सक्सेना, बाबूराम शुक्ल, संजय शर्मा, राजीव अग्निहोत्री, राजकुमार अवस्थी, प्रह्लाद पांडेय, नवीन पांडेय, पारस मिश्र, कमलेश मिश्र, इरफान किदवई, संजय गोस्वामी, विनीत मिश्र, मनजीत कौर, विनीत मिश्र, कुसुमलता बरनवाल, शकील अयूबी, जगदंबा प्रसाद मिश्र, सुजीता कुमारी, मनीषा पासवान, कुलवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
12 को सभी ब्लाकों पर प्रदर्शन होगा
लखीमपुर खीरी। भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में 12 मई को दोपहर एक बजे एक साथ ब्लाक मुख्यालयों पर पर प्रदर्शन कर भूमि अधिग्रहण बिल की प्रतियां फूंकेगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि 12 मई को होने वाले इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तीन मई से आठ मई तक जिले के सभी ब्लाकों में कांग्रेस कमेटी की बैठक होगी। बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी प्रभारी की हैसियत से भाग लेंगे। बैठकों में कार्यक्रम की रूपरेखा बनेगी।