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Lakhimpur Kheri News: खैर के 172 बोटा पकड़ने जाने के मामले की जांच करेगी दो सदस्यीय टीम

Tue, 07 Jul 2026 11:08 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 07 Jul 2026 11:08 PM IST
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A two-member team will investigate the case of the seizure of 172 boats of Khair
महेशपुर रेंज में खैर लकड़ी से भरी ट्रक की जांच करते डीटीआर के एफडी। स्रोत : वन विभाग।
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज में ट्रक से अवैध रूप से खैर की लकड़ी बरामद होने के मामले में मंगलवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच. राजामोहन महेशपुर रेंज पहुंचे। उन्होंने ट्रक और लकड़ी का निरीक्षण कर जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की।
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एफडी ने बताया कि दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ तापस मिहिर के निर्देशन में महेशपुर रेंज के रेंजर निर्भय प्रताप शाही और वन कर्मियों ने रविवार रात गोला-सिकंदराबाद मार्ग पर काले तिरपाल से ढके ट्रक में भरी अवैध खैर की लकड़ी पकड़ी थी।
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टीम ने ट्रक सीज कर दिया, जबकि चालक और उसका साथी भाग गए। जांच में ट्रक से 172 बोटा खैर की लकड़ी बरामद हुई। नंबर प्लेट की जांच में ट्रक सीतापुर जिले का पाया गया।
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घटना के 48 घंटे बाद भी ट्रक का कोई दावेदार सामने नहीं आया है। एफडी ने बताया कि ट्रक से बरामद खैर की लकड़ी की जांच कराई जा रही है। जांच टीम में दुधवा नेशनल पार्क के एसडीओ महावीर सिंह और बहराइच वन निगम के डीएसएम शिव कुमार मीना शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले वनाधिकारी या वन कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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खैर के नाम पर पड़ा खीरी का नाम
पर्यावरणविदों के अनुसार खीरी जिले में कभी खैर के जंगलों की बहुतायत थी। इसी के नाम पर खैरीगढ़ स्टेट और जिले का नाम खीरी पड़ा। समय के साथ खैर के पेड़ों की संख्या लगातार घटती गई और अब जंगलों में इनकी संख्या काफी कम रह गई है।

पुराने समय में खैर की लकड़ी से कत्था बनाया जाता था। पर्यावरणविदों का कहना है कि खैर की लकड़ी के अवैध कटान के तार सीतापुर से बरेली तक जुड़े हैं। महेशपुर रेंज में पकड़ी गई लकड़ी बरेली की ओर ले जाई जा रही थी, जबकि ट्रक की नंबर प्लेट सीतापुर जिले की है।
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