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Lakhimpur Kheri News: चैती मेले के मंच पर काव्य की बौछार, 97 कवियों ने बांधा समां
Wed, 08 Apr 2026 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 08 Apr 2026 12:09 AM IST
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गोला के चैती मेला मंच पर काव्यपाठ करतीं शिप्रा खरे। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। नगर के ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में 97 कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शरद वाजपेयी ने किया। बृजेश तिवारी ने मां सरस्वती की वंदना से काव्य पाठ की शुरुआत की।
कवि सम्मेलन में गेंदनलाल कनौजिया ने जीवन एक भौतिक सपना है, जो लगता बड़ा सुहाना सुनाया। राहुल मौर्य ने सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, वह जीवन सार सिखाता है प्रस्तुत किया। अनुराधिका वर्मा ने शब्द जब साहित्य बनते हैं, मंच तक पहुंचाते हैं सुनाकर सराहना पाई।
सुरेश ठाकुर ने आया मेला चैती का, मन में खिले फुलझड़ियां और आलोक तिवारी ने अपनी इस छोटी काशी में भोले का गुणगान है, चैत मास का चैती मेला गोला की पहचान है सुनाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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प्रमोद गुप्ता ‘भोले’ ने थोड़ा आराम मिल जाए समझ लेना ये चैती है और आदेश राजपूत ने तिरंगा ओढ़कर आऊं तो आंखें नम नहीं करना जैसी देशभक्ति रचना से तालियां बटोरीं।
डॉ. वेदप्रकाश अग्निहोत्री ने हिमालय की तलहटी में बसा मेरा नगर गोला, जहां पर वास करते हैं त्रिलोकीनाथ बम भोला सुनाया, वहीं शिप्रा खरे की बचपन छूटा, नैहर छूटा... ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
इसके अलावा मुन्नेंद्र प्रताप मंजुल, श्रीकांत तिवारी, द्वारिकाप्रसाद रस्तोगी, रमेश पांडे, वीपी मिश्र ‘बेधड़क’, देवीचरन मिश्र, बेदिल भारती सहित कुल 97 कवियों ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जितेंद्र त्रिपाठी, संजय मिश्र, डॉ. आदर्श दीक्षित, राजेश्वर शुक्ला, शारदा प्रसाद कश्यप, बाबूराम शुक्ला, मुनेंद्र शुक्ला, डॉ. घासीराम राठौर और विवेक राजपूत ने कवियों को सम्मानित किया। नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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आज होगा खाटू श्याम संकीर्तन
चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर आठ अप्रैल को सायं सात बजे से खाटू श्याम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
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कवि सम्मेलन में गेंदनलाल कनौजिया ने जीवन एक भौतिक सपना है, जो लगता बड़ा सुहाना सुनाया। राहुल मौर्य ने सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, वह जीवन सार सिखाता है प्रस्तुत किया। अनुराधिका वर्मा ने शब्द जब साहित्य बनते हैं, मंच तक पहुंचाते हैं सुनाकर सराहना पाई।
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सुरेश ठाकुर ने आया मेला चैती का, मन में खिले फुलझड़ियां और आलोक तिवारी ने अपनी इस छोटी काशी में भोले का गुणगान है, चैत मास का चैती मेला गोला की पहचान है सुनाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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प्रमोद गुप्ता ‘भोले’ ने थोड़ा आराम मिल जाए समझ लेना ये चैती है और आदेश राजपूत ने तिरंगा ओढ़कर आऊं तो आंखें नम नहीं करना जैसी देशभक्ति रचना से तालियां बटोरीं।
डॉ. वेदप्रकाश अग्निहोत्री ने हिमालय की तलहटी में बसा मेरा नगर गोला, जहां पर वास करते हैं त्रिलोकीनाथ बम भोला सुनाया, वहीं शिप्रा खरे की बचपन छूटा, नैहर छूटा... ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
इसके अलावा मुन्नेंद्र प्रताप मंजुल, श्रीकांत तिवारी, द्वारिकाप्रसाद रस्तोगी, रमेश पांडे, वीपी मिश्र ‘बेधड़क’, देवीचरन मिश्र, बेदिल भारती सहित कुल 97 कवियों ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जितेंद्र त्रिपाठी, संजय मिश्र, डॉ. आदर्श दीक्षित, राजेश्वर शुक्ला, शारदा प्रसाद कश्यप, बाबूराम शुक्ला, मुनेंद्र शुक्ला, डॉ. घासीराम राठौर और विवेक राजपूत ने कवियों को सम्मानित किया। नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
आज होगा खाटू श्याम संकीर्तन
चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर आठ अप्रैल को सायं सात बजे से खाटू श्याम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।