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उमस भरी गर्मी के साथ रोगों ने भी पसारे पांव
Lakhimpur
Updated Thu, 10 Jul 2014 05:33 AM IST
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अस्पतालों में लगातार बढ़े रहे मरीज
बिजली कटौती ने और बढ़ा दीं दुश्वारियां
लखीमपुर खीरी। 36 घंटे लगातार बारिश के बाद मौसम साफ हुआ तो एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। बुधवार को सुबह से उमस रही। वायुमंडल में नमी की मात्रा अधिक रही। आसमान में धुंध छाई रही। इससे सूरज की तपिश कम रही। दिन में हवा बंद रहने से उमस में और ज्यादा इजाफा हुआ। इस बीच दिन में कई घंटे बिजली गायब रहने से लोगों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गईं। इसी के साथ बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
बुधवार को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार रात भी उमस भरी गर्मी से लोग सो नहीं पाए। रात दस बजे से 12 बजे तक बिजली गायब रहने से लोग गर्मी से परेशान रहे। बुधवार को सुबह से भारी उमस रही। आसमान में धुंध छाई रहने से सूरज अपना पूरा ताप नहीं उड़ेल पाया। मौसम में नमी की अधिकता और हवाएं बंद रहने से उमस बढ़ी और लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान रहे।
सोमवार को दोपहर बारिश बंद होने के बाद से बुधवार तक बारिश तो दूर बूंदा-बांदी तक नहीं हुई है। आसमान में बादल भी नजर नहीं आ रहे हैं। हवाएं नहीं चलने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। इस उमस भरी गर्मी में बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। लोग जुकाम, बुखार, मलेरिया, फाइलेरिया और डायरिया के शिकार हो रहे हैं।
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बेरहम हुआ मौसम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अस्पतालों और निजी डॉक्टरों के यहां मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी से न तो लोग रात में नींद ले पा रहे हैं न ही दिन में चैन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि कि यदि एक दो दिन पानी न बरसा और इसी तरह उमस बढ़ती रही तो बीमारियों में और ज्यादा इजाफा हो सकता है। फिलहाल लोगों को इस उमस भरी गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
मैलानी। सोमवार तक खुशगवार रहे मौसम में मंगलवार को एकदम से बदलाव आ गया। दिन में धूप खिली रही, जिससे मौसम का रुख बदल गया। शाम होते-होते हवा भी बंद हो गई। रात को उमस शुरू हो गई। पूरी रात जारी उमस ने सबकी नींदें हराम कर दीं। आधी रात के बाद ही थोड़ी बहुत नींद लोग सो सके। बुधवार को भी सुबह से ही उमस शुरू हो गई। पसीने के कारण अपने ही शरीर से गंध आने लगी। इस तरह पड़ रही भीषण और चिपचिपी गर्मी से जनजीवन बेहाल हो चला है।
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तेज धूप के बाद पड़ी फुहार
गोला गोकर्णनाथ। कई दिन से तेज धूप और उमस से परेशान लोग दोपहर तक चिलचिलाती धूप से परेशान दिखे। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और गर्म हवाओं की जगह ठंडी हवाएं चलने लगीं। हवाओं के झोंके के साथ ही फुहार पड़ने लगी। जिससे लोगों ने सुहावने मौसम का आनंद लिया और राहत महसूस की।
बांकेगंज। शाम चार बजे अचानक आसमान में छाई काली घटा के साथ रिमझिम फुहारें पड़ने से मौसम सुहावना हो गया। इससे पिछले दो दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। फुहारें पड़ने से कुछ देर के लिए तापमान में गिरावट तो जरूर आई, लेकिन इस बारिश से किसानों को कोई खास फायदा नहीं मिला।
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बिजली कटौती ने और बढ़ा दीं दुश्वारियां
लखीमपुर खीरी। 36 घंटे लगातार बारिश के बाद मौसम साफ हुआ तो एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। बुधवार को सुबह से उमस रही। वायुमंडल में नमी की मात्रा अधिक रही। आसमान में धुंध छाई रही। इससे सूरज की तपिश कम रही। दिन में हवा बंद रहने से उमस में और ज्यादा इजाफा हुआ। इस बीच दिन में कई घंटे बिजली गायब रहने से लोगों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गईं। इसी के साथ बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
बुधवार को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार रात भी उमस भरी गर्मी से लोग सो नहीं पाए। रात दस बजे से 12 बजे तक बिजली गायब रहने से लोग गर्मी से परेशान रहे। बुधवार को सुबह से भारी उमस रही। आसमान में धुंध छाई रहने से सूरज अपना पूरा ताप नहीं उड़ेल पाया। मौसम में नमी की अधिकता और हवाएं बंद रहने से उमस बढ़ी और लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान रहे।
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सोमवार को दोपहर बारिश बंद होने के बाद से बुधवार तक बारिश तो दूर बूंदा-बांदी तक नहीं हुई है। आसमान में बादल भी नजर नहीं आ रहे हैं। हवाएं नहीं चलने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। इस उमस भरी गर्मी में बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। लोग जुकाम, बुखार, मलेरिया, फाइलेरिया और डायरिया के शिकार हो रहे हैं।
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बेरहम हुआ मौसम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अस्पतालों और निजी डॉक्टरों के यहां मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी से न तो लोग रात में नींद ले पा रहे हैं न ही दिन में चैन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि कि यदि एक दो दिन पानी न बरसा और इसी तरह उमस बढ़ती रही तो बीमारियों में और ज्यादा इजाफा हो सकता है। फिलहाल लोगों को इस उमस भरी गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
मैलानी। सोमवार तक खुशगवार रहे मौसम में मंगलवार को एकदम से बदलाव आ गया। दिन में धूप खिली रही, जिससे मौसम का रुख बदल गया। शाम होते-होते हवा भी बंद हो गई। रात को उमस शुरू हो गई। पूरी रात जारी उमस ने सबकी नींदें हराम कर दीं। आधी रात के बाद ही थोड़ी बहुत नींद लोग सो सके। बुधवार को भी सुबह से ही उमस शुरू हो गई। पसीने के कारण अपने ही शरीर से गंध आने लगी। इस तरह पड़ रही भीषण और चिपचिपी गर्मी से जनजीवन बेहाल हो चला है।
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तेज धूप के बाद पड़ी फुहार
गोला गोकर्णनाथ। कई दिन से तेज धूप और उमस से परेशान लोग दोपहर तक चिलचिलाती धूप से परेशान दिखे। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और गर्म हवाओं की जगह ठंडी हवाएं चलने लगीं। हवाओं के झोंके के साथ ही फुहार पड़ने लगी। जिससे लोगों ने सुहावने मौसम का आनंद लिया और राहत महसूस की।
बांकेगंज। शाम चार बजे अचानक आसमान में छाई काली घटा के साथ रिमझिम फुहारें पड़ने से मौसम सुहावना हो गया। इससे पिछले दो दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। फुहारें पड़ने से कुछ देर के लिए तापमान में गिरावट तो जरूर आई, लेकिन इस बारिश से किसानों को कोई खास फायदा नहीं मिला।