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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri Violence: Local BJP leaders know about premeditated violence, that's why many leaders did not reach on spot

लखीमपुर खीरी हिंसा: स्थानीय भाजपा नेताओं को पता था होने वाला है बड़ा बवाल, इसलिए कई नेता पहुंचे ही नहीं

Mon, 04 Oct 2021 07:18 PM IST
Harendra Chaudhary लखीमपुर खीरी से आशीष तिवारी
लखीमपुर खीरी से आशीष तिवारी Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 04 Oct 2021 07:18 PM IST
सार

अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में जिला भाजपा के एक प्रमुख पदाधिकारी ने बताया कि उन्होंने पार्टी के अन्य लोगों को भी इस बारे में अवगत कराया था। भाजपा से जुड़े एक नेता ने बताया कि जब किसानों ने गृह राज्य मंत्री को काले झंडे दिखाए थे और उसके बाद अलग अलग कारणों से कुछ झंडे दिखाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए, जिसके बाद से ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था

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Lakhimpur Kheri Violence: Local BJP leaders know about premeditated violence, that's why many leaders did not reach on spot
लखीमपुर खीरी में हिंसा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

लखीमपुर खीरी के भाजपा नेताओं को अंदेशा था कि रविवार को उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कोई बड़ी घटना हो सकती है। यही वजह थी कि पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारियों से लेकर कई नेता कार्यक्रम में जाने से बचते रहे। अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में जिला भाजपा के एक प्रमुख पदाधिकारी ने बताया कि उन्होंने पार्टी के अन्य लोगों को भी इस बारे में अवगत कराया था।

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भाजपा से जुड़े एक नेता ने बताया कि जब किसानों ने गृह राज्य मंत्री को काले झंडे दिखाए थे और उसके बाद अलग अलग कारणों से कुछ झंडे दिखाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए, जिसके बाद से ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था। भाजपा नेता ने बताया कि उसके बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्य्रकम की तय तिथि से एक रोज पहले तिकुनिया में विरोध प्रदर्शन की भूमिका बनने लगी। उक्त नेता ने बताया कि इसकी जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को भी दी गयी थी। लेकिन न राज्य मंत्री और न पुलिस ने इस बाबत कोई गंभीर कदम उठाया।
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लखीमपुर जिला भाजपा के नेता बताते हैं किसी भी स्तर पर होने वाले बवाल को लेकर सुनवाई न होने से फिलहाल उन्होंने और उनके कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर जाने का प्रोग्राम रद्द कर दिया। क्योंकि उनको पता था कि मामला उल्टा पड़ सकता है और वही हुआ भी। पलिया के निवासी सरदार हुकम सिंह बताते हैं कि उनके कई रिश्तेदारों के खिलाफ कोविड का उल्लंघन करने की एफआईआर दर्ज करवाई गईं। वह कहते हैं कि इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को हम किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। उनका कहना है कि क्या अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए हम लोग नेता को काले झंडे नहीं दिखा सकते। लेकिन मंत्री ने खुले आम धमकी दी, लेकिन उनके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं दर्ज हुई।
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जिला भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सिर्फ मंत्री की जिद के चलते यह कार्यक्रम हुआ अन्यथा कार्यक्रम में बवाल की जानकारी तो सभी  को थी। नाम न छापने की शर्त पर एक भाजपा नेता ने बताया कि अंदरूनी तौर पर संगठन के मनमुटाव के चलते ऐसी विषम परिस्थियां पैदा हुईं। किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर एलआईयू ने भी अपना इनपुट दिया था। लेकिन सबको दरकिनार कर दिया गया।

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