{"_id":"6454061f7f4e400fc909fcf4","slug":"voted-first-then-household-chores-kushinagar-news-c-7-1-152294-2023-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: पहले किया मतदान, फिर घर का काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: पहले किया मतदान, फिर घर का काम
Fri, 05 May 2023 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 05 May 2023 12:53 AM IST
विज्ञापन
नगर की गृहिणियों ने मतदान को दी प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सशक्त मतदाता मजबूत लोकतंत्र की पहचान होते हैं। जितना अधिक मतदान होगा, उतना ही लोकतंत्र मजबूत होगा। इसको ध्यान में रखते में नगर की महिलाओं ने पहले मतदान को प्राथमिकता दी है। नगर की गृहिणियों ने बृहस्पतिवार को पहले मतदान किया। इसके बाद घर का कार्य किया। इस कार्य से गृहिणियां काफी खुश नजर आईं।
घर का कार्य तो हर दिन होता है। देश के विकास में सहयोग करने का दिन आम नागरिकों के लिए कभी-कभी आता है। चुनाव भी देश के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। इसलिए आज हमने पहले मतदान किया, इसके बाद घर का कार्य की हूं।
- श्वेता अग्रवाल, गृहिणी
चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व कहा जाता है। जब भी देश में किसी भी स्तर का चुनाव आता है, तब मैं सबसे पहले मतदान करती हूं। इसके बाद ही कोई अन्य कार्य करती हूं। आज भी हमने पहले मतदान किया है।
विज्ञापन
- अर्पिता बगाड़िया, गृहिणी
अधिक से अधिक मतदान मजबूत लोकतंत्र की पहचान है। इसलिए हर चुनाव के दिन परिवार के लोगों के साथ पहले मतदान कर ही जलपान करती हूं। आज भी मतदान के बाद भी घर के अन्य कार्य की हूं। इससे मन को प्रसन्नता मिली है।
- सुमन तुलस्यान, गृहिणी
किसी भी स्तर का चुनाव हो लोगों को उसे पूरी गंभीरता से लेनी चाहिए। क्योंकि देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक-एक मत महत्वपूर्ण होता है। इसको ध्यान में रखते हुए हमने आज सबसे पहले बूथ पर जाकर मतदान की हूं। इसके बाद ही कोई अन्य कार्य की हूं।
-मीनाक्षी रूंगटा, गृहिणी
नगर के बुजुर्गों ने भी मतदान को दी प्राथमिकता
पडरौना। अन्य सामान्य महिला और पुरुषों से अधिक मतदान को लेकर नगर के बुजुर्ग उत्साहित दिखे। इनका कहना था कि लोकतंत्र का सही अर्थ मतदाताओं के मिले मताधिकार से होता है। इसलिए अन्य कार्यों की तरह सभी मतदाताओं को मतदान को भी दैनिक जीवन का अभिन्न कार्य मानकर मतदान करना चाहिए।
पडरौना नगर पालिका परिषद चुनाव में पहली बार वर्ष 1984 में मतदान की थी। इसके बाद से अब तक हुए सभी आम चुनाव और निकाय चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग की हूं। अन्य लोगों को देश में होने वाली सभी चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
-70 वर्षीय प्रभावती मिश्रा, पूर्व प्रधानाचार्य, स्योबाई कमला देवी इंटर कॉलेज पडरौना
चुनाव के दिन पड़े सर्वाधिक मत प्रतिशत देश की मजबूती को दर्शाता है। इसलिए नगर में होने वाले सभी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। वोट देने के बाद अत्यधिक आत्म संतोष मिलता है।
-60 वर्षीय ओमप्रकाश सिंह, नगर के निवासी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सशक्त मतदाता मजबूत लोकतंत्र की पहचान होते हैं। जितना अधिक मतदान होगा, उतना ही लोकतंत्र मजबूत होगा। इसको ध्यान में रखते में नगर की महिलाओं ने पहले मतदान को प्राथमिकता दी है। नगर की गृहिणियों ने बृहस्पतिवार को पहले मतदान किया। इसके बाद घर का कार्य किया। इस कार्य से गृहिणियां काफी खुश नजर आईं।
घर का कार्य तो हर दिन होता है। देश के विकास में सहयोग करने का दिन आम नागरिकों के लिए कभी-कभी आता है। चुनाव भी देश के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। इसलिए आज हमने पहले मतदान किया, इसके बाद घर का कार्य की हूं।
विज्ञापन
- श्वेता अग्रवाल, गृहिणी
चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व कहा जाता है। जब भी देश में किसी भी स्तर का चुनाव आता है, तब मैं सबसे पहले मतदान करती हूं। इसके बाद ही कोई अन्य कार्य करती हूं। आज भी हमने पहले मतदान किया है।
विज्ञापन
- अर्पिता बगाड़िया, गृहिणी
अधिक से अधिक मतदान मजबूत लोकतंत्र की पहचान है। इसलिए हर चुनाव के दिन परिवार के लोगों के साथ पहले मतदान कर ही जलपान करती हूं। आज भी मतदान के बाद भी घर के अन्य कार्य की हूं। इससे मन को प्रसन्नता मिली है।
- सुमन तुलस्यान, गृहिणी
किसी भी स्तर का चुनाव हो लोगों को उसे पूरी गंभीरता से लेनी चाहिए। क्योंकि देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक-एक मत महत्वपूर्ण होता है। इसको ध्यान में रखते हुए हमने आज सबसे पहले बूथ पर जाकर मतदान की हूं। इसके बाद ही कोई अन्य कार्य की हूं।
-मीनाक्षी रूंगटा, गृहिणी
नगर के बुजुर्गों ने भी मतदान को दी प्राथमिकता
पडरौना। अन्य सामान्य महिला और पुरुषों से अधिक मतदान को लेकर नगर के बुजुर्ग उत्साहित दिखे। इनका कहना था कि लोकतंत्र का सही अर्थ मतदाताओं के मिले मताधिकार से होता है। इसलिए अन्य कार्यों की तरह सभी मतदाताओं को मतदान को भी दैनिक जीवन का अभिन्न कार्य मानकर मतदान करना चाहिए।
पडरौना नगर पालिका परिषद चुनाव में पहली बार वर्ष 1984 में मतदान की थी। इसके बाद से अब तक हुए सभी आम चुनाव और निकाय चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग की हूं। अन्य लोगों को देश में होने वाली सभी चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
-70 वर्षीय प्रभावती मिश्रा, पूर्व प्रधानाचार्य, स्योबाई कमला देवी इंटर कॉलेज पडरौना
चुनाव के दिन पड़े सर्वाधिक मत प्रतिशत देश की मजबूती को दर्शाता है। इसलिए नगर में होने वाले सभी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। वोट देने के बाद अत्यधिक आत्म संतोष मिलता है।
-60 वर्षीय ओमप्रकाश सिंह, नगर के निवासी।