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शहरों में जल्द शुरू होगी 17 अंकों की आईडी बनाने की प्रक्रिया
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शहरों में जल्द शुरू होगी 17 अंकों की आईडी बनाने की प्रक्रिया
- दो साल में प्रक्रिया नहीं शुरू होने पर डीएम ने जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना(कुशीनगर)। जिले में जल्द ही नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में 17 डिजिट की यूनिक प्रॉपर्टी आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शासन के आदेश के करीब दो साल बाद जिले में व्यवस्था लागू की जा रही है।
नगर पंचायत खड्डा निवासी अनिरुद्ध गुप्ता के पत्र पर डीएम ने शासनादेश का हवाला देते हुए सभी इओ को आदेश जारी कर दिया है। मामला सामने आने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने व्यवस्था लागू करने में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदारों को तलब भी किया था।
वर्ष 2020 में ही शासन ने सभी मंडल के आयुक्तों, जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को संपत्तियों का विवरण तैयार करवाने के निर्देश थे। इस यूनिक प्रॉपर्टी आईडी से आसानी से उसके मालिक और पूरा ब्यौरा देखा जा सकेगा। इसके अलावा यूनिक आईडी को संपत्ति के निर्धारित टैक्स प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। ताकि गृहकर के बारे में जानकारी मिल सके।
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जिले की तीन नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों में इस व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका है। इस मामले में नगर पंचायत खड्डा निवासी अनिरुद्ध गुप्ता ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। तब कहीं जाकर डीएम को प्रकरण की जानकारी हुई। इसके बाद डीएम ने सभी इओ को आदेश जारी करते हुए नई व्यवस्था लागू करने को कहा। इस आदेश के बाद काम भी शुरू हो गया है। नई व्यवस्था में जो यूनिक नंबर दिया जाएगा वह 17 अंकों का होगा। पहले दो अंक स्थानीय सरकारी डॉयरेक्टरी के होंगे। तीन से पांच अंक तक स्थानीय निकाय का कोड निर्धारित होगा। छह से सात अंकों स्थानीय निकाय का जोनल कोड होगा। आठ से 10 अंकों तक स्थानीय निकाय का वार्ड कोड ओर 11 से 16 अंकों तक संपति कोड होगा। 17वें अंक के स्थान पर एक विशेष अक्षर संपति के प्रारूप को बताएगा।
उपलब्ध हो जाएगी सभी जानकारी
नगर पालिका परिषद पडरौना के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था में पूरे क्षेत्र और हर मकान का सर्वे किया जाता है। इसके बाद सभी के घरों के लिए यूनिक आईडी कोड नंबर प्लेट लगाई जाएगी। इस व्यवस्था से किसका मकान कहां पर है, संबंधित व्यक्ति के पास कुल कितनी संपत्ति दर्ज है। संपत्ति पर कितना निर्माण हुआ है। कितना निर्माण कार्य बाकी है। कितना टैक्स जमा हो रहा है। मकान का नक्शा बनाया गया है या नहीं सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। इससे नगर क्षेत्र में किसी भी संपत्ति की आसानी से जांच हो सकेगी।
शासन के आदेश का अनुपालन किया जाना जरूरी है। मामला संज्ञान में आने पर इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी, कुशीनगर
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- दो साल में प्रक्रिया नहीं शुरू होने पर डीएम ने जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना(कुशीनगर)। जिले में जल्द ही नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में 17 डिजिट की यूनिक प्रॉपर्टी आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शासन के आदेश के करीब दो साल बाद जिले में व्यवस्था लागू की जा रही है।
नगर पंचायत खड्डा निवासी अनिरुद्ध गुप्ता के पत्र पर डीएम ने शासनादेश का हवाला देते हुए सभी इओ को आदेश जारी कर दिया है। मामला सामने आने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने व्यवस्था लागू करने में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदारों को तलब भी किया था।
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वर्ष 2020 में ही शासन ने सभी मंडल के आयुक्तों, जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को संपत्तियों का विवरण तैयार करवाने के निर्देश थे। इस यूनिक प्रॉपर्टी आईडी से आसानी से उसके मालिक और पूरा ब्यौरा देखा जा सकेगा। इसके अलावा यूनिक आईडी को संपत्ति के निर्धारित टैक्स प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। ताकि गृहकर के बारे में जानकारी मिल सके।
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जिले की तीन नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों में इस व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका है। इस मामले में नगर पंचायत खड्डा निवासी अनिरुद्ध गुप्ता ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। तब कहीं जाकर डीएम को प्रकरण की जानकारी हुई। इसके बाद डीएम ने सभी इओ को आदेश जारी करते हुए नई व्यवस्था लागू करने को कहा। इस आदेश के बाद काम भी शुरू हो गया है। नई व्यवस्था में जो यूनिक नंबर दिया जाएगा वह 17 अंकों का होगा। पहले दो अंक स्थानीय सरकारी डॉयरेक्टरी के होंगे। तीन से पांच अंक तक स्थानीय निकाय का कोड निर्धारित होगा। छह से सात अंकों स्थानीय निकाय का जोनल कोड होगा। आठ से 10 अंकों तक स्थानीय निकाय का वार्ड कोड ओर 11 से 16 अंकों तक संपति कोड होगा। 17वें अंक के स्थान पर एक विशेष अक्षर संपति के प्रारूप को बताएगा।
उपलब्ध हो जाएगी सभी जानकारी
नगर पालिका परिषद पडरौना के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था में पूरे क्षेत्र और हर मकान का सर्वे किया जाता है। इसके बाद सभी के घरों के लिए यूनिक आईडी कोड नंबर प्लेट लगाई जाएगी। इस व्यवस्था से किसका मकान कहां पर है, संबंधित व्यक्ति के पास कुल कितनी संपत्ति दर्ज है। संपत्ति पर कितना निर्माण हुआ है। कितना निर्माण कार्य बाकी है। कितना टैक्स जमा हो रहा है। मकान का नक्शा बनाया गया है या नहीं सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। इससे नगर क्षेत्र में किसी भी संपत्ति की आसानी से जांच हो सकेगी।
शासन के आदेश का अनुपालन किया जाना जरूरी है। मामला संज्ञान में आने पर इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी, कुशीनगर