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अल्ट्रासाउंड सेंटर व दो प्राइवेट अस्पताल सील
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अल्ट्रासाउंड सेंटर व दो प्राइवेट अस्पताल सील
खड्डा/पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा स्थित दो प्राइवेट अस्पतालों को एसडीएम ने जांच के बाद सील करा दिया। इसमें से एक में अल्ट्रासाउंड सेंटर भी संचालित हो रहा था। दोनों अस्पताल व अल्ट्रासांउड सेंटर बिना किसी वैध कागजात के ही संचालित हो रहे थे।
शुक्रवार को खड्डा के एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने कोटवा में संचालित एक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। वहां अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड सेंटर का भी संचालन होते पाया गया। संचालक सेंटर से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाया। बगल में मौजूद एक और प्राइवेट हॉस्पिटल की जांच की गई। यहां बिना डॉक्टर के ही मरीजों का ऑपरेशन भी करने की बात सामने आई। इस अस्पताल में भर्ती आठ मरीजों को जिला अस्पताल भेजकर इस अस्पताल को सील करा दिया गया।
इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया की पूर्व में इन अस्पतालों की जांच की गई थी और मिली कमियों को सुधार करने का निर्देश दिया गया था। दुबारा जांच में भी कमियों में कोई सुधार नहीं किया गया था। कई लोगों ने दूरभाष के माध्यम से दोनों अस्पतालों की शिकायत की थी। निरीक्षण में लोगों के शिकायत की पुष्टि हो गई है। दोनों अस्पताल को सीलकर उनसे एक सप्ताह के अंदर संचालन संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। अगर अस्पताल संचालक वैध कागजात उपलब्ध नहीं करा पाते हैं तो दोनों अस्पताल के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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खड्डा/पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा स्थित दो प्राइवेट अस्पतालों को एसडीएम ने जांच के बाद सील करा दिया। इसमें से एक में अल्ट्रासाउंड सेंटर भी संचालित हो रहा था। दोनों अस्पताल व अल्ट्रासांउड सेंटर बिना किसी वैध कागजात के ही संचालित हो रहे थे।
शुक्रवार को खड्डा के एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने कोटवा में संचालित एक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। वहां अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड सेंटर का भी संचालन होते पाया गया। संचालक सेंटर से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाया। बगल में मौजूद एक और प्राइवेट हॉस्पिटल की जांच की गई। यहां बिना डॉक्टर के ही मरीजों का ऑपरेशन भी करने की बात सामने आई। इस अस्पताल में भर्ती आठ मरीजों को जिला अस्पताल भेजकर इस अस्पताल को सील करा दिया गया।
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इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया की पूर्व में इन अस्पतालों की जांच की गई थी और मिली कमियों को सुधार करने का निर्देश दिया गया था। दुबारा जांच में भी कमियों में कोई सुधार नहीं किया गया था। कई लोगों ने दूरभाष के माध्यम से दोनों अस्पतालों की शिकायत की थी। निरीक्षण में लोगों के शिकायत की पुष्टि हो गई है। दोनों अस्पताल को सीलकर उनसे एक सप्ताह के अंदर संचालन संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। अगर अस्पताल संचालक वैध कागजात उपलब्ध नहीं करा पाते हैं तो दोनों अस्पताल के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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