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Kushinagar News: एआई कंप्यूटेशनल थिंकिंग की पढ़ाई करेंगे कक्षा तीन से आठवीं के विद्यार्थी
Wed, 20 May 2026 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 20 May 2026 02:22 AM IST
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पडरौना। सीबीएसई की तरफ से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा तीन से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नया पाठ्यक्रम लागू किया गया है। नए पाठ्यक्रम के लागू होने से बच्चों में डिजिटल समझ बढ़ेगी।
जिला कोऑर्डिनेटर राहुल तिवारी ने बताया कि तीसरी कक्षा से बच्चों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और एआई पाठ्यक्रम सभी को पढ़ाया जाएगा। नए पाठ्यक्रम में संरचित मॉड्यूल, व्यापक शिक्षक पुस्तिकाएं और सशक्त छात्र मूल्यांकन ढांचा भी है। इसका मकसद वर्तमान समय में बच्चों को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना है। कंप्यूटेशनल थिकिंग एआई की नींव है। शिक्षा के लिए एआई, शिक्षा में एआई की परिकल्पना के अनुरूप यह पहल युवा दिमागों में आलोचनात्मक सोच, डिजाइन अभिविन्यास और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देकर संवर्धित शिक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव देगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के तहत इसे भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार किया है। इसमें स्कूली शिक्षा की शुरुआत से छात्र सीटी कौशल और एआई से हर दिन की समस्याओं की पहचान कर उसका हल निकालना सीखेंगे। इसका मकसद छात्रों को शुरुआती स्तर पर टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करना है, ताकि भारत एआई में सुपर हब बनाना है।
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जिला कोऑर्डिनेटर राहुल तिवारी ने बताया कि तीसरी कक्षा से बच्चों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और एआई पाठ्यक्रम सभी को पढ़ाया जाएगा। नए पाठ्यक्रम में संरचित मॉड्यूल, व्यापक शिक्षक पुस्तिकाएं और सशक्त छात्र मूल्यांकन ढांचा भी है। इसका मकसद वर्तमान समय में बच्चों को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना है। कंप्यूटेशनल थिकिंग एआई की नींव है। शिक्षा के लिए एआई, शिक्षा में एआई की परिकल्पना के अनुरूप यह पहल युवा दिमागों में आलोचनात्मक सोच, डिजाइन अभिविन्यास और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देकर संवर्धित शिक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव देगी।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के तहत इसे भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार किया है। इसमें स्कूली शिक्षा की शुरुआत से छात्र सीटी कौशल और एआई से हर दिन की समस्याओं की पहचान कर उसका हल निकालना सीखेंगे। इसका मकसद छात्रों को शुरुआती स्तर पर टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करना है, ताकि भारत एआई में सुपर हब बनाना है।
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