{"_id":"5749dcdc4f1c1b2f2d6936c9","slug":"six-villages-have-adopted-to-eliminate-malnutrition","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण मिटाने के लिए छह गांवों को गोद लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण मिटाने के लिए छह गांवों को गोद लिया
कुशीनगर
Updated Sat, 28 May 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
खड्डा में राज्य पोषण मिशन के ब्लाक स्तरीय अभिमुखिकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को मातृ व पोषण विषय पर जानकारी देते सीडीओ केदारनाथ सिंह और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खड्डा। विकास खंड के छह गांवों में कुपोषण मिटाने के लिए प्रशासन अभियान चलाएगा। इन गांवों के कुपोषित बच्चों को सेहतमंद करने के लिए चयनित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर राशन, आवास के अलावा शौचालय समेत अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। शनिवार को खड्डा ब्लाक सभागार में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सीडीओ केदारनाथ सिंह ने इन छह गांवों को गोद लिए जाने की घोषणा की।
खड्डा ब्लॉक सभागार में शनिवार को राज्य पोषण मिशन के तहत ब्लॉक स्तरीय अभिमुखिकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा था। इसमें ग्राम प्रधानों को मातृ व पोषण विषय पर जानकारी दी जा रही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ केदारनाथ सिंह ने कहा कि कुपोषण मिटाए बिना देश की तरक्की नहीं हो सकती।
कुपोषण मिटाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल की है। इस दौरान सीडीओ ने बताया कि कुपोषण मिटाने के लिए खड्डा ब्लॉक के छह गांवों सोहरौना, भैंसहा, बोधीछपरा, मिश्रौली, अहिरौली व सिसवां गोपाल को गोद लिया गया है।
विज्ञापन
इन गांवों में जल्दी ही विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रशिक्षक और अपर सांख्यिकी अधिकारी अंबरीष सिंह ने कहा कि कुपोषण का मुख्य कारण गरीबी व बेरोजगारी के साथ-साथ प्रदूषित वातावरण है। ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी है कि अपने गांव के गरीबों को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाएं और गांव में सफाई व पेयजल की स्थिति को ठीक करें।
बीडीओ खड्डा मोहन त्रिपाठी ने कहा ग्राम प्रधानों की जागरूकता से ही कुपोषण को मिटाने में कामयाबी मिलेगी। कुपोषित बच्चों की भलाई के लिए ग्राम प्रधानों को विशेष प्रयास करना होगा। ऐसे चिन्हित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर राशन, आवास और शौचालय की व्यवस्था कराने की आवश्यकता है।
साथ ही महिलाओं को भी जागरूक किए जाने की जरूरत है। इस दौरान सीडीपीओ खड्डा कयूम, सीडीपीओ तमकुही राजेंद्र, प्रद्युम्न तिवारी, वशिष्ठमणि त्रिपाठी, मंजूर अहमद, नागेन्द्र चौधरी, जितेंद्र, निसार अहमद सहित तमाम लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
खड्डा ब्लॉक सभागार में शनिवार को राज्य पोषण मिशन के तहत ब्लॉक स्तरीय अभिमुखिकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा था। इसमें ग्राम प्रधानों को मातृ व पोषण विषय पर जानकारी दी जा रही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ केदारनाथ सिंह ने कहा कि कुपोषण मिटाए बिना देश की तरक्की नहीं हो सकती।
विज्ञापन
कुपोषण मिटाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल की है। इस दौरान सीडीओ ने बताया कि कुपोषण मिटाने के लिए खड्डा ब्लॉक के छह गांवों सोहरौना, भैंसहा, बोधीछपरा, मिश्रौली, अहिरौली व सिसवां गोपाल को गोद लिया गया है।
विज्ञापन
इन गांवों में जल्दी ही विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रशिक्षक और अपर सांख्यिकी अधिकारी अंबरीष सिंह ने कहा कि कुपोषण का मुख्य कारण गरीबी व बेरोजगारी के साथ-साथ प्रदूषित वातावरण है। ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी है कि अपने गांव के गरीबों को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाएं और गांव में सफाई व पेयजल की स्थिति को ठीक करें।
बीडीओ खड्डा मोहन त्रिपाठी ने कहा ग्राम प्रधानों की जागरूकता से ही कुपोषण को मिटाने में कामयाबी मिलेगी। कुपोषित बच्चों की भलाई के लिए ग्राम प्रधानों को विशेष प्रयास करना होगा। ऐसे चिन्हित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर राशन, आवास और शौचालय की व्यवस्था कराने की आवश्यकता है।
साथ ही महिलाओं को भी जागरूक किए जाने की जरूरत है। इस दौरान सीडीपीओ खड्डा कयूम, सीडीपीओ तमकुही राजेंद्र, प्रद्युम्न तिवारी, वशिष्ठमणि त्रिपाठी, मंजूर अहमद, नागेन्द्र चौधरी, जितेंद्र, निसार अहमद सहित तमाम लोग मौजूद थे।