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Kushinagar News: अहिरौलीदान में तटबंध पर कटान का खतरा, निगरानी बढ़ाई गई
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नदी के बैक रोलिंग से बढ़ी मुश्किलें, कटान स्थल पास बढ़ाई गई निगरानी
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान में एपी बांध के पास गंडक नदी की बैक रोलिंग से कटान का खतरा बना हुआ है। बृहस्पतिवार रात कटान तेज होने पर अभियंताओं ने जीओ बैग लगाकर बचाव कार्य कराया। पिछले 15-20 दिनों से इस हिस्से में कटान जारी है। बांध की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, एपी बांध के अहिरौलीदान में गंडक नदी के बैक रोलिंग से कटान के कारण बृहस्पतिवार रात को भी बचाव कार्य जारी रहा। यह कटान बांध के किमी 13.980 से किमी 13.400 के बीच हो रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नारायणी (गंडक) नदी के एप्रन से सटकर बहने के कारण कटान की हो रहा है।
क्षेत्र के पप्पू यादव, ब्रह्मा शर्मा, जीतन सिंह, भगवान पासवान और पप्पू सिंह ने कटान की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले करीब 15-20 दिन से तटबंध का यह हिस्सा कटान की चपेट में है। बांध को बचाने के लिए अभियंताओं को दिन-रात काम करना पड़ा है। नदी का डिस्चार्ज 30,000 क्यूसेक से नीचे आने के बाद भी कटान का खतरा बना हुआ है।
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बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार स्थिति को नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि बांध की निगरानी दिन-रात की जा रही है। बचाव सामग्री की कोई कमी नहीं है। नदी कभी शांत रहती है और कभी अचानक बैक रोलिंग से कटान शुरू हो जाता है। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। बृहस्पतिवार रात को बैक रोलिंग तेज होने से कटान शुरू हो गया था। जेई रमेशधर दुबे और जेई सोहनलाल वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य अभियंताओं के साथ जीओ बैग से कटान रोकने का कार्य शुरू कराया। यह कार्य देर रात तक चला।
एसडीओ दीपरत्न सिंह ने बताया कि रात में हुए कटान को जीओ बैग की सहायता से नियंत्रित कर लिया गया है। बांध की निगरानी लगातार की जा रही है। उनका उद्देश्य किसी भी खतरे से समय रहते निपटना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचाव सामग्री की कोई कमी नहीं है।
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तमकुहीरोड। अहिरौलीदान में एपी बांध के पास गंडक नदी की बैक रोलिंग से कटान का खतरा बना हुआ है। बृहस्पतिवार रात कटान तेज होने पर अभियंताओं ने जीओ बैग लगाकर बचाव कार्य कराया। पिछले 15-20 दिनों से इस हिस्से में कटान जारी है। बांध की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, एपी बांध के अहिरौलीदान में गंडक नदी के बैक रोलिंग से कटान के कारण बृहस्पतिवार रात को भी बचाव कार्य जारी रहा। यह कटान बांध के किमी 13.980 से किमी 13.400 के बीच हो रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नारायणी (गंडक) नदी के एप्रन से सटकर बहने के कारण कटान की हो रहा है।
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क्षेत्र के पप्पू यादव, ब्रह्मा शर्मा, जीतन सिंह, भगवान पासवान और पप्पू सिंह ने कटान की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले करीब 15-20 दिन से तटबंध का यह हिस्सा कटान की चपेट में है। बांध को बचाने के लिए अभियंताओं को दिन-रात काम करना पड़ा है। नदी का डिस्चार्ज 30,000 क्यूसेक से नीचे आने के बाद भी कटान का खतरा बना हुआ है।
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बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार स्थिति को नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि बांध की निगरानी दिन-रात की जा रही है। बचाव सामग्री की कोई कमी नहीं है। नदी कभी शांत रहती है और कभी अचानक बैक रोलिंग से कटान शुरू हो जाता है। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। बृहस्पतिवार रात को बैक रोलिंग तेज होने से कटान शुरू हो गया था। जेई रमेशधर दुबे और जेई सोहनलाल वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य अभियंताओं के साथ जीओ बैग से कटान रोकने का कार्य शुरू कराया। यह कार्य देर रात तक चला।
एसडीओ दीपरत्न सिंह ने बताया कि रात में हुए कटान को जीओ बैग की सहायता से नियंत्रित कर लिया गया है। बांध की निगरानी लगातार की जा रही है। उनका उद्देश्य किसी भी खतरे से समय रहते निपटना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचाव सामग्री की कोई कमी नहीं है।