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शराब की दुकान का विरोध, सड़क जाम
ब्यूरो अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Sun, 01 May 2016 11:16 PM IST
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जंगल नौगांवा घाट पर शराब की दुकान खुलने से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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कशीनगर/दुदही। बिहार की सीमा से सटे विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल नौगांवा घाट पर शराब की दुकान खुलने का लोगों ने रविवार को जमकर विरोध किया। हाथों में लाठी-डंडे, झाड़ू, जूते-चप्पल और हांडी लिए महिलाओं व पुरुषों ने सड़क जाम कर धरना दिया।
ये लोग मौके पर डीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे। तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद विशुनपुरा थाने की पुलिस पहुंची और जाम समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
जंगल नौगांवा विशुनपुरा थाना क्षेत्र का अंतिम गांव है, उसके बाद बिहार की सीमा शुरू हो जाती है। वहीं से बांसी नदी भी गुजरती है। सड़क जाम कर धरना दे रहे लोगों का कहना था कि बिहार में चुनाव को देखते हुए शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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उसके बाद नौगांवा घाट पर अंग्रेजी शराब और बीयर बियर की दुकान का अनुमोदन कर दिया गया है। रविवार को ही उद्घाटन की तारीख मुकर्रर की गई थी। गांव के लोगों को पता चला तो डीएम को ज्ञापन सौंपकर शराब की इस दुकान को कहीं और खोलने की मांग की गई थी।
इनका कहना था कि बार्डर पर शराब की दुकान खुलने से दोनों प्रांताें के लोग एकत्र होंगे। इससे विवाद की आशंका बनी रहेगी। शराब पीने से गांव के कई लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है। इन लोगों की मांग थी कि डीएम मौके पर आकर उनकी बात सुनें।
तकरीबन तीन घंटे तक सड़क जाम और धरना के बाद विशुनपुरा थाने के एसआई इफ्तखार खान मौके पर पहुंचे। डीएम के जनपद से बाहर होने की बात बताकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन गांववाले अपनी मांग पर अड़े थे। मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था।
रविवार को दिन के लगभग ढाई बजे धरनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार और एसओ को महिलाओं ने बताया कि कच्ची शराब पन्नियों में भरकर बेची जा रही है। महिलाएं एसओ को अपने साथ ले गईं और पन्नियाें में भरकर रखी गई शराब दिखाई, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
तहसीलदार रामसुधार ने शराब की दुकान किसी अन्य जगह खोलवाने का आश्वासन देकर सड़क जाम और धरना समाप्त कराया। तहसीलदार का कहना था कि इस बारे में रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजी जाएगी। उनके साथ तहसीलदार ओपी राय भी मौके पर पहुंचे थे।
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ये लोग मौके पर डीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे। तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद विशुनपुरा थाने की पुलिस पहुंची और जाम समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
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जंगल नौगांवा विशुनपुरा थाना क्षेत्र का अंतिम गांव है, उसके बाद बिहार की सीमा शुरू हो जाती है। वहीं से बांसी नदी भी गुजरती है। सड़क जाम कर धरना दे रहे लोगों का कहना था कि बिहार में चुनाव को देखते हुए शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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उसके बाद नौगांवा घाट पर अंग्रेजी शराब और बीयर बियर की दुकान का अनुमोदन कर दिया गया है। रविवार को ही उद्घाटन की तारीख मुकर्रर की गई थी। गांव के लोगों को पता चला तो डीएम को ज्ञापन सौंपकर शराब की इस दुकान को कहीं और खोलने की मांग की गई थी।
इनका कहना था कि बार्डर पर शराब की दुकान खुलने से दोनों प्रांताें के लोग एकत्र होंगे। इससे विवाद की आशंका बनी रहेगी। शराब पीने से गांव के कई लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है। इन लोगों की मांग थी कि डीएम मौके पर आकर उनकी बात सुनें।
तकरीबन तीन घंटे तक सड़क जाम और धरना के बाद विशुनपुरा थाने के एसआई इफ्तखार खान मौके पर पहुंचे। डीएम के जनपद से बाहर होने की बात बताकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन गांववाले अपनी मांग पर अड़े थे। मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था।
रविवार को दिन के लगभग ढाई बजे धरनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार और एसओ को महिलाओं ने बताया कि कच्ची शराब पन्नियों में भरकर बेची जा रही है। महिलाएं एसओ को अपने साथ ले गईं और पन्नियाें में भरकर रखी गई शराब दिखाई, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
तहसीलदार रामसुधार ने शराब की दुकान किसी अन्य जगह खोलवाने का आश्वासन देकर सड़क जाम और धरना समाप्त कराया। तहसीलदार का कहना था कि इस बारे में रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजी जाएगी। उनके साथ तहसीलदार ओपी राय भी मौके पर पहुंचे थे।