फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   paudhropan

लापरवाही में सूख रहे पौधे, विभागीय अधिकारी बेपरवाह

Tue, 12 Jul 2022 12:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
paudhropan
लापरवाही में सूख रहे पौधे, विभागीय अधिकारी बेपरवाह
विज्ञापन

पहले चरण में ही खुली पोल, सरकारी विभाग लगा रहे अभियान को पलीता
- पांच जुलाई को रोपने के लिए मंगाए थे पौधे, अधिकांश जगहों पर नजर आई लापरवाही
संवाद न्यू एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। जिले के भीतर हरियाली बढ़ाने के अभियान पर सरकारी विभागों के जिम्मेदारों की लापरवाही भारी पड़ने लगी है। पौधरोपण के पहले चरण में मंगाए गए सैकड़ों पौधों को रोपा नहीं गया। रोपाई न होने से बचे हुए पौधों को जिम्मेदारों ने लावारिस हाल छोड़ जिससे पौधे सूखने लगे हैं। बरसात न होने के कारण जहां पौधों को पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं पौधशाला से मंगाए गए पौधों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि पौधों को नर्सरी से ले जाने वाली संस्था उनकी देखभाल करती हैं। पहले चरण में कितना पौधरोपण हुआ है। इसका आंकड़ा सभी विभागों से मांगा गया है।
0000
जिले के भीतर तीन चरणों में 40 लाख 39 हजार 10 पौधे रोपने की तैयारी की गई है। तीन चरणों में सरकारी विभागों से लेकर गांव- गांव तक पौधरोपण किया जाएगा। पहले चरण की शुरूआत सात जुलाई को हुई जिसमें 28 लाख 85 हजार आठ सौ पौधे रोपने का लक्ष्य था। वन विभाग द्वारा नौ लाख 55 हजार आठ सौ, पर्यावरण विभाग का एक लाख छह हजार तीन सौ, ग्राम्य विकास विभाग का 10 लाख 98 हजार, राजस्व विभाग का एक लाख 25 हजार सहित कुल 27 सरकारी विभागों द्वारा पहले दिन 28 लाख 85 हजार आठ सौ पौधे रोपने का निर्देश दिया गया था। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर विभाग ने वन विभाग की नर्सरी से पौधे मंगवाए थे। पहले चरण में पौधरोपण के दौरान बच गए पौधों को लावारिस हाल छोड़ दिया गया है जिससे उनके सूखने की नौबत आ गई है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी महकमे हरियाली बढ़ाने को लेकर कितने गंभीर हैं।
विज्ञापन

0000
तय हुआ था यह लक्ष्य
- जनपद में कुल 40 लाख 39 हजार 10 पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
- सभी पौधों को तीन चरणों में लगाया जाएगा। सात जुलाई को पहले चरण की शुरूआत हुई।
- 28 लाख 85 हजार आठ सौ पौधे रोपने का लक्ष्य का तय किया गया था।
0000
इस हाल में रोपण के लिए लाए गए पौधे
केस एक : रेलवे लाइन के किनारे पानी का अभाव, सूख रहे पौधे
दुदही रेलवे स्टेशन किनारे करीब चार किलोमीटर तक 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सात जुलाई को पौधरोपण के लिए पांच हजार पौधे मंगाए गए थे। लेकिन सिर्फ एक हजार पौधे ही लग सके। चार हजार पौधे रेलवे लाइन के किनारे रखे गए हैं जो पानी के अभाव में रहे हैं। वन रक्षक तेज बहादुर यादव और प्रमोद पटेल को पौधों के देखभाल की जिम्मेदारी गई है। वन रक्षकों का कहना है कि पानी की सुविधा नहीं है। इसलिए पौधे सूख जा रहे हैं। बारिश होने से पौधे बचे रहते। हम लोग किसी तरह से बाल्टी से पानी डालते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

0000
केस दो: थाना परिसर में सूखकर खराब हो गए पौधे
कसया थाना परिसर में भी पौधरोपण का आयोजन किया गया था। इस मौके पर सौ से अधिक सागौन के पौधे मंगाए गए थे। इनमें पौधरोपण के दौरान जो पौधे बच गए। वह पानी के अभाव में सूख गए। 50 से अधिक पौधे सूखकर खराब हो गए। इस संबंध में एसएचओ कसया सुधीर सिंह ने बताया कि पौधों को नियमित पानी दिया जा रहा था। बावजूद इसके पौधे सूख गए।

0000
वर्जन
पौधशाला से विभिन्न विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं। पौधों को रोपने, उनकी देखभाल सहित अन्य जिम्मेदारी संबंधित विभाग के लोगों की होती है जो पौधे लगाते हैं। वन विभाग की तरफ से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जा रही है। उनको सूखने से बचाने के लिए पानी दिया जा रहा है। जनपद में पहले चरण के कुल पौधरोपण का आंकड़ा तैयार कराया जा रहा है।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, जिला प्रभागीय वनाधिकारी, कुशीनगर
00000
अरुण कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed