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Kushinagar News: हाईटेंशन तारों के नीचे बने दो दुर्गा पंडालों को नोटिस, ऊंचाई कम करने का निर्देश
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कसया (कुशीनगर)। हाईटेंशन तारों के नीचे बने दुर्गा पंडालों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा देखते हुए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर में ऐसे दो पंडालों के आयोजकों को नोटिस देकर ऊंचाई कम करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और विद्युत निगम की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर पंडालों का निरीक्षण किया।
अमर उजाला ने 12 अक्तूबर को ‘खतरनाक: बिजली के तारों के मकड़जाल के बीच सजा रहे पंडाल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विद्युत निगम ने जांच और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई तेज कर दी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक के निर्देश पर एसओ इत्यानंद पांडेय, हाईवे चौकी प्रभारी राहुल सिंह और विद्युत विभाग के जेई रवि प्रकाश व शुभम गौड़ की टीम ने पंडालों की जांच की। पुलिस चौकी के पास हाईटेंशन तारों के नीचे बने पंडालों के आयोजकों को नोटिस देकर ऊंचाई कम करने के निर्देश दिए गए। कुछ पंडालों में बिजली के तारों से बचाव के लिए प्लास्टिक पाइप और प्लाई लगाने के साथ अर्थिंग की व्यवस्था भी कराई गई।
अधीक्षण अभियंता वाईपी सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार मूर्तियों की ऊंचाई 12 फुट तक रखने और बिजली के तारों के नीचे पंडाल नहीं बनाने की हिदायत दी जा रही है। आयोजकों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि कसया विद्युत डिवीजन में 20, हाटा में 28, पडरौना में 30 और सेवरही में 25 दुर्गा पंडाल बनाए गए हैं। चारों डिवीजनों में कुल 103 पंडाल हैं। अब तक किसी भी पंडाल के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन का आवेदन नहीं मिला है।
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अमर उजाला ने 12 अक्तूबर को ‘खतरनाक: बिजली के तारों के मकड़जाल के बीच सजा रहे पंडाल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विद्युत निगम ने जांच और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई तेज कर दी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक के निर्देश पर एसओ इत्यानंद पांडेय, हाईवे चौकी प्रभारी राहुल सिंह और विद्युत विभाग के जेई रवि प्रकाश व शुभम गौड़ की टीम ने पंडालों की जांच की। पुलिस चौकी के पास हाईटेंशन तारों के नीचे बने पंडालों के आयोजकों को नोटिस देकर ऊंचाई कम करने के निर्देश दिए गए। कुछ पंडालों में बिजली के तारों से बचाव के लिए प्लास्टिक पाइप और प्लाई लगाने के साथ अर्थिंग की व्यवस्था भी कराई गई।
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अधीक्षण अभियंता वाईपी सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार मूर्तियों की ऊंचाई 12 फुट तक रखने और बिजली के तारों के नीचे पंडाल नहीं बनाने की हिदायत दी जा रही है। आयोजकों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि कसया विद्युत डिवीजन में 20, हाटा में 28, पडरौना में 30 और सेवरही में 25 दुर्गा पंडाल बनाए गए हैं। चारों डिवीजनों में कुल 103 पंडाल हैं। अब तक किसी भी पंडाल के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन का आवेदन नहीं मिला है।