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Kushinagar News: पीएम आवास में पात्र को बना दिया गया अपात्र
Sat, 20 May 2023 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 20 May 2023 12:36 AM IST
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अरनहवा गांव में अपने जर्जर झोपड़ी के सामने खड़े अकलू को सचिव ने बता दिया अपात्र।संवाद
पात्र लाभार्थी को किया वंचित, शिकायत के आधार पर हुई जांच में खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के अरनहवा गांव में सचिव ने आवास के पात्र लाभार्थी को अपात्र घोषित कर उसे आवास के लाभ से वंचित कर दिया। इसकी मिली शिकायत पर जांच हुई तो मामला सामने आया। जांच रिपोर्ट आने के बाद गांव के सचिव पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। गांव के लोगों की मानें तो यदि विस्तार से जांच हो, तो अभी कई मामले सामने आ सकते हैं।
अरनहवा गांव के जंगल टोला निवासी अकलू का पीएम आवास की पात्रता सूची में नाम था। वे अपने परिवार के साथ एक झोपड़ी में रहते हैं। जब गांव में आवास का लक्ष्य आया तो, सचिव और ग्राम प्रधान ने अकलू का नाम पीएम आवास की पात्रता सूची से नाम हटा दिया।
सचिव ने रिपोर्ट में अपात्र कर दिया। लाभार्थी ने ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ ब्लॉक से लेकर उच्चाधिकारियों के अलावा सीएम पोर्टल पर भी शिकायती कर जांच की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर बीडीओ ने जांच के लिए सेक्टर प्रभारी सुग्रीव शुक्ला व तकनीकी सहायक की एक टीम गठित कर जांच कराई।
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जांच के दौरान सच्चाई सामने आई और पीड़ित व्यक्ति की शिकायत सही मिली। जांच टीम की तरफ से मिले रिपोर्ट के बाद उच्चाधिकारी अब दोषी पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान पर क्यों कार्रवाई नहीं
पीएम आवास का लाभ देने से पहले ग्राम पंचायत में खुली बैठक होती है। इसमें पात्र और अपात्र का चयन होता है। लाभार्थियों के चयन के बाद ग्राम प्रधान से लेकर सचिव तक का उस कार्रवाई रजिस्टर पर हस्ताक्षर होता है। इस तरह सचिव के अलावा ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
कोट
जांच रिपोर्ट में पात्र को अपात्र करने की बात सामने आई है। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। सचिव का इंक्रीमेंट रोकने के लिए डीपीआरओ को पत्र भेज दिया गया है।
- सुशील कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी, विशुनपुरा
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मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के अरनहवा गांव में सचिव ने आवास के पात्र लाभार्थी को अपात्र घोषित कर उसे आवास के लाभ से वंचित कर दिया। इसकी मिली शिकायत पर जांच हुई तो मामला सामने आया। जांच रिपोर्ट आने के बाद गांव के सचिव पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। गांव के लोगों की मानें तो यदि विस्तार से जांच हो, तो अभी कई मामले सामने आ सकते हैं।
अरनहवा गांव के जंगल टोला निवासी अकलू का पीएम आवास की पात्रता सूची में नाम था। वे अपने परिवार के साथ एक झोपड़ी में रहते हैं। जब गांव में आवास का लक्ष्य आया तो, सचिव और ग्राम प्रधान ने अकलू का नाम पीएम आवास की पात्रता सूची से नाम हटा दिया।
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सचिव ने रिपोर्ट में अपात्र कर दिया। लाभार्थी ने ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ ब्लॉक से लेकर उच्चाधिकारियों के अलावा सीएम पोर्टल पर भी शिकायती कर जांच की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर बीडीओ ने जांच के लिए सेक्टर प्रभारी सुग्रीव शुक्ला व तकनीकी सहायक की एक टीम गठित कर जांच कराई।
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जांच के दौरान सच्चाई सामने आई और पीड़ित व्यक्ति की शिकायत सही मिली। जांच टीम की तरफ से मिले रिपोर्ट के बाद उच्चाधिकारी अब दोषी पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान पर क्यों कार्रवाई नहीं
पीएम आवास का लाभ देने से पहले ग्राम पंचायत में खुली बैठक होती है। इसमें पात्र और अपात्र का चयन होता है। लाभार्थियों के चयन के बाद ग्राम प्रधान से लेकर सचिव तक का उस कार्रवाई रजिस्टर पर हस्ताक्षर होता है। इस तरह सचिव के अलावा ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
कोट
जांच रिपोर्ट में पात्र को अपात्र करने की बात सामने आई है। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। सचिव का इंक्रीमेंट रोकने के लिए डीपीआरओ को पत्र भेज दिया गया है।
- सुशील कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी, विशुनपुरा