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Kushinagar News: जिला अस्पताल में दूर होगी बेड की कमी
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फोटो है।
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में बेड की समस्या जल्द ही दूर होने वाली है। क्योंकि ऑपरेशन थिएटर के बगल में बन रहा 50 बेड का कोविड हॉस्पिटल अंतिम प्रक्रिया में है। इसकी रंगाई-पुताई चल रही है। इसी महीने इसके लोकार्पण की संभावना है।
कोरोना के दौरान जनपद में विकट स्थिति रही। कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए पहली लहर में लक्ष्मीपुर स्थित एक विद्यालय को अधिकृत करना पड़ा था। इसके अलावा जिला अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड के एमसीएच (मैटर्निटी एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग को कोविड हॉस्पिटल (एल-2) में तब्दील कर दिया गया था। कसया क्षेत्र की सपहां सीएचसी में भी कोविड के मरीज भर्ती किए जाते थे।
यही स्थिति दूसरी लहर में भी रही। उस समय एमसीएच विंग में काफी संख्या में कोरोना संक्रमित भर्ती किए गए थे। तीसरी लहर में भी लोग संक्रमित हुए। उस समस्या को देखते हुए शासन ने कोरोना संक्रमितों के उपचार और भर्ती करने के लिए अलग से कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया। जिला अस्पताल में वह भवन बन गया है। उसकी रंगाई-पुताई का काम चल रहा है।
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चूंकि जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड कम पड़ जा रहे हैं। इसलिए इस अस्पताल का इसी महीने लोकार्पण होने की संभावना जताई जा रही है। उसके बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर वहां भर्ती किया जा सकेगा।
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आगे चलकर ये होंगी सुविधाएं कोविड अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाना है। इसमें 12 बेड का आईसीयू और 30 बेड का अलग एक वार्ड बनाया जाना है। इसमें भी प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था रहेगी।
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कोविड अस्पताल का निर्माण हो गया है। रंगाई-पुताई का काम चल रहा है। इसी महीने इसका लोकार्पण कराए जाने की संभावना है।
-डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में बेड की समस्या जल्द ही दूर होने वाली है। क्योंकि ऑपरेशन थिएटर के बगल में बन रहा 50 बेड का कोविड हॉस्पिटल अंतिम प्रक्रिया में है। इसकी रंगाई-पुताई चल रही है। इसी महीने इसके लोकार्पण की संभावना है।
कोरोना के दौरान जनपद में विकट स्थिति रही। कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए पहली लहर में लक्ष्मीपुर स्थित एक विद्यालय को अधिकृत करना पड़ा था। इसके अलावा जिला अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड के एमसीएच (मैटर्निटी एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग को कोविड हॉस्पिटल (एल-2) में तब्दील कर दिया गया था। कसया क्षेत्र की सपहां सीएचसी में भी कोविड के मरीज भर्ती किए जाते थे।
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यही स्थिति दूसरी लहर में भी रही। उस समय एमसीएच विंग में काफी संख्या में कोरोना संक्रमित भर्ती किए गए थे। तीसरी लहर में भी लोग संक्रमित हुए। उस समस्या को देखते हुए शासन ने कोरोना संक्रमितों के उपचार और भर्ती करने के लिए अलग से कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया। जिला अस्पताल में वह भवन बन गया है। उसकी रंगाई-पुताई का काम चल रहा है।
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चूंकि जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड कम पड़ जा रहे हैं। इसलिए इस अस्पताल का इसी महीने लोकार्पण होने की संभावना जताई जा रही है। उसके बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर वहां भर्ती किया जा सकेगा।
आगे चलकर ये होंगी सुविधाएं कोविड अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाना है। इसमें 12 बेड का आईसीयू और 30 बेड का अलग एक वार्ड बनाया जाना है। इसमें भी प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था रहेगी।
कोविड अस्पताल का निर्माण हो गया है। रंगाई-पुताई का काम चल रहा है। इसी महीने इसका लोकार्पण कराए जाने की संभावना है।
-डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल