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1648 हैंडपंप खराब, मात्र 846 हैं चालू
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 11 Mar 2018 12:26 AM IST
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हैंडपंप।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
पडरौना।नेबुआ नौरंगिया ब्लाक की 74 ग्राम पंचायतों में पेयजल के लिए लगे 2494 इंडिया मार्का टू हैंडपंप में से महज 846 हैंडपंप की काम लायक हैं। शेष या तो दूषित पानी दे रहे हैं या फिर किसी अन्य तकनीकी खराबी के चलते बंद हैं। यह आंकड़े खुद ब्लाक की तरफ से कराए गए एक सर्वे में सामने आए हैं। अब जिम्मेदार अफसर सभी हैंडपंपों को जल्दी ठीक कराने की बात कह रहे हैं।
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पड़ोसी जिला महराजगंज की सीमा तक फैले नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक की कुल आबादी ग्रामीण है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की 74 ग्राम पंचायतों में 31900 परिवार हैं। जनगणना के वक्त यहां की कुल आबादी दो लाख 23 हजार 759 था। बीते सात वर्षों में यह आंकड़ा काफी आगे बढ़ा होगा। परंतु वर्ष 2011 की जगणना के आधार पर ही इस क्षेत्र में जो इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं उनकी हालत भी खराब है। इंसेफेलाइटिस प्रभावित इस इलाके में कुल 2494 हैंडपंप हैं।
परिवार के हिसाब से इन हैंडपंपों की औसत गणना की जाए तो एक हैंडपंप पर 124 परिवारों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराने का बोझ है, परंतु ब्लॉक की तरफ से कराए गए सर्वे की रिपोर्ट बताती है कि यहां मात्र 846 हैंडपंप ही पूरी तरह से ठीक हैं।
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शेष हैंडपंप या तो दूषित पानी दे रहे हैं या फिर किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण बेकार हो चुके हैं। इनकी मरम्मत व रिबोर के लिए पूरी तरह से ग्राम पंचायतें ही जिम्मेदार हैं लेकिन वे इस पर ध्यान नहीं दे रहीं। इस संबंध में एडीओ पंचायत रविंद्र प्रसाद का कहना है कि इंडिया मार्का टू हैंडपम्पों की मरम्मत व रिबोर का कार्य चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट में जो आंकड़े प्रदर्शित हैं वह परिवर्तित हो रहे हैं। मार्च महीने में ही शत प्रतिशत हैंडपंपों को ठीक कराने का लक्ष्य है।
वहीं नेबुआ नौरंगिया के बीडीओ रघुनाथ सिंह का कहना है कि प्राथमिकता व बजट की उपलब्धता के आधार पर इन हैंडपम्पों की मरम्मत व रिबोर का कार्य कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर नए हैंडपम्प लगवाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
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परिवार के हिसाब से इन हैंडपंपों की औसत गणना की जाए तो एक हैंडपंप पर 124 परिवारों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराने का बोझ है, परंतु ब्लॉक की तरफ से कराए गए सर्वे की रिपोर्ट बताती है कि यहां मात्र 846 हैंडपंप ही पूरी तरह से ठीक हैं।
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शेष हैंडपंप या तो दूषित पानी दे रहे हैं या फिर किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण बेकार हो चुके हैं। इनकी मरम्मत व रिबोर के लिए पूरी तरह से ग्राम पंचायतें ही जिम्मेदार हैं लेकिन वे इस पर ध्यान नहीं दे रहीं। इस संबंध में एडीओ पंचायत रविंद्र प्रसाद का कहना है कि इंडिया मार्का टू हैंडपम्पों की मरम्मत व रिबोर का कार्य चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट में जो आंकड़े प्रदर्शित हैं वह परिवर्तित हो रहे हैं। मार्च महीने में ही शत प्रतिशत हैंडपंपों को ठीक कराने का लक्ष्य है।
वहीं नेबुआ नौरंगिया के बीडीओ रघुनाथ सिंह का कहना है कि प्राथमिकता व बजट की उपलब्धता के आधार पर इन हैंडपम्पों की मरम्मत व रिबोर का कार्य कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर नए हैंडपम्प लगवाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।