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फिर बढ़ रहा यमुना का जलस्तर
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Yamuna water level rising again
- फोटो : KAUSHAMBI
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फिर बढ़ रहा यमुना का जलस्तर
नदी किनारे बसे पिपरहटा, मल्हीपुर, नंदा का पुरवा, पठनपुरवा आदि गांवों में बढ़ी हलचल
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। बाढ़ के पानी से नदी किनारे स्थित खेतों की फसलें शुक्रवार रात पुन: जलमग्न हो गईं। चायल के तराई क्षेत्र में बसे पिपरहटा, मल्हीपुर, नंदा का पुरवा, पठनपुरवा आदि गांव के ग्रामीणों मे हलचल बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार यदि इसी रफ्तार से नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई तो दो दिनों में पिपरहटा व मल्हीपुर गांव पानी से घिर जाएगा।
दो दिनों से पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बरसात व बंधों से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी के जलस्तर मे तेजी से वृद्धि हुई है। इससे पहले माह भर पहले भी जनपद में यमुना का जलस्तर बढ़ा था। प्रशासन ने भी बाढ़ संभावित इलाकों में किसी भी आपदा से निपटने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली थी। मगर खतरे के निशान तक पहुंचने से पहले ही यमुना का जलस्तर नीचे चला गया था। शुक्रवार को एक बार फिर अचानक यमुना में उफान आने से चायल तहसील के पिपरहटा व मल्हीपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। नदी किनारे स्थित खेत जलमग्न हो गए हैं। पिपरहटा गांव के राजेश, सुंदर लाल, लाला ठाकुर, रमेश आदि का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो दो दिनों में पिपरहटा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। सैकड़ों बीघा फसल डूब सकती है। गांव के आसपास बने नाले उफान पर हैं। अब जलस्तर में और अधिक वृद्धि होने से गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाएगा। यमुना नदी में उफान से पिपरहटा गांव में वर्ष 1978 व 2013 की बाढ़ को याद कर लोग परेशान हो उठते हैं। फिलहाल बाढ़ का पानी खतरे से करीब दो फिट नीचे है।
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नदी किनारे बसे पिपरहटा, मल्हीपुर, नंदा का पुरवा, पठनपुरवा आदि गांवों में बढ़ी हलचल
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। बाढ़ के पानी से नदी किनारे स्थित खेतों की फसलें शुक्रवार रात पुन: जलमग्न हो गईं। चायल के तराई क्षेत्र में बसे पिपरहटा, मल्हीपुर, नंदा का पुरवा, पठनपुरवा आदि गांव के ग्रामीणों मे हलचल बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार यदि इसी रफ्तार से नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई तो दो दिनों में पिपरहटा व मल्हीपुर गांव पानी से घिर जाएगा।
दो दिनों से पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बरसात व बंधों से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी के जलस्तर मे तेजी से वृद्धि हुई है। इससे पहले माह भर पहले भी जनपद में यमुना का जलस्तर बढ़ा था। प्रशासन ने भी बाढ़ संभावित इलाकों में किसी भी आपदा से निपटने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली थी। मगर खतरे के निशान तक पहुंचने से पहले ही यमुना का जलस्तर नीचे चला गया था। शुक्रवार को एक बार फिर अचानक यमुना में उफान आने से चायल तहसील के पिपरहटा व मल्हीपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। नदी किनारे स्थित खेत जलमग्न हो गए हैं। पिपरहटा गांव के राजेश, सुंदर लाल, लाला ठाकुर, रमेश आदि का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो दो दिनों में पिपरहटा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। सैकड़ों बीघा फसल डूब सकती है। गांव के आसपास बने नाले उफान पर हैं। अब जलस्तर में और अधिक वृद्धि होने से गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाएगा। यमुना नदी में उफान से पिपरहटा गांव में वर्ष 1978 व 2013 की बाढ़ को याद कर लोग परेशान हो उठते हैं। फिलहाल बाढ़ का पानी खतरे से करीब दो फिट नीचे है।
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