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शाइस्ता की मौत का गुनहगार कौन ?
Thu, 20 Jun 2019 12:59 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 20 Jun 2019 12:59 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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मंझनरपुर। सिराथू के चर्चित शाइस्ता मर्डर केस ससुराल और मायके वालों के बीच उलझकर रह गया है। दो साल पहले मोहल्ले के शीबू सिद्दीकी से लव मैरिज करने वाली शाइस्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। जांच के लिए बिसरा प्रिजर्व किया गया है। ऐसे में शीबू को जेल भेजने के बाद पुलिस की जांच दिशा तय नहीं कर पा रही है। अब बिसरा रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जाता है कि सिराथू कस्बे के गाजी का पुरवा निवासी फारुख की बेटी शाइस्ता की लव मैरिज 14 मार्च 2017 को मोहल्ले के शीबू सिद्दीकी के साथ हुई थी। दोनों परिवार की रजामंदी पर निकाह की रस्म अदा की गई। इसके बाद शीबू के घरवालों ने शाइस्ता की विदाई नहीं कराई। शीबू को सऊदी अरब भेज दिया गया। इधर शाइस्ता अपने मायके में ही रह रही थी। नौ अप्रैल 2019 को शाइस्ता का शव गांव के एक खेत में मिला। शाइस्ता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके दामाद शीबू ने घरवालों के साथ मिलकर उसकी बेटी को मार डाला। तहरीर में यह भी लिखा कि बेटी रात को घर में खाना खाकर सो रही थी। इसके बाद सुबह उसकी लाश मिली। घटना के करीब आठ माह पहले शीबू अपने घर आ चुका था।
शाइस्ता की मौत की जानकारी होने पर वह भी अपनी पत्नी के गायब होने की गुमशुदगी लिखाने पहुंच गया। मामले में पुलिस ने शीबू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शाइस्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ नहीं हो सका। ऐसे में पुलिस ने बिसरा प्रिजर्व कर लिया। अब मामले में नया मोड़ आ गया है। शाइस्ता के घरवाले विवेचना अधिकारी पर रिश्वत लेकर अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं मामले में सीओ सिराथू रामवीर सिंह का कहना है कि वादी ने खुद लिखकर दिया है कि उसकी बेटी उसके घर में थी। घटना के बाद मोहल्ले में लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लिया गया है, जिसमें वह किसी से फोन पर बात करता दिख रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ नहीं होने की वजह से अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। बिसरा रिपोर्ट में जो भी कारण सामने आएगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। अभी यह कहना संभव नहीं है कि शाइस्ता की मौत कैसे हुई। हत्या की गई है तो उसके गुनहगार मायके या ससुराल पक्ष के लोग होंगे।
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बताया जाता है कि सिराथू कस्बे के गाजी का पुरवा निवासी फारुख की बेटी शाइस्ता की लव मैरिज 14 मार्च 2017 को मोहल्ले के शीबू सिद्दीकी के साथ हुई थी। दोनों परिवार की रजामंदी पर निकाह की रस्म अदा की गई। इसके बाद शीबू के घरवालों ने शाइस्ता की विदाई नहीं कराई। शीबू को सऊदी अरब भेज दिया गया। इधर शाइस्ता अपने मायके में ही रह रही थी। नौ अप्रैल 2019 को शाइस्ता का शव गांव के एक खेत में मिला। शाइस्ता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके दामाद शीबू ने घरवालों के साथ मिलकर उसकी बेटी को मार डाला। तहरीर में यह भी लिखा कि बेटी रात को घर में खाना खाकर सो रही थी। इसके बाद सुबह उसकी लाश मिली। घटना के करीब आठ माह पहले शीबू अपने घर आ चुका था।
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शाइस्ता की मौत की जानकारी होने पर वह भी अपनी पत्नी के गायब होने की गुमशुदगी लिखाने पहुंच गया। मामले में पुलिस ने शीबू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शाइस्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ नहीं हो सका। ऐसे में पुलिस ने बिसरा प्रिजर्व कर लिया। अब मामले में नया मोड़ आ गया है। शाइस्ता के घरवाले विवेचना अधिकारी पर रिश्वत लेकर अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं मामले में सीओ सिराथू रामवीर सिंह का कहना है कि वादी ने खुद लिखकर दिया है कि उसकी बेटी उसके घर में थी। घटना के बाद मोहल्ले में लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लिया गया है, जिसमें वह किसी से फोन पर बात करता दिख रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ नहीं होने की वजह से अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। बिसरा रिपोर्ट में जो भी कारण सामने आएगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। अभी यह कहना संभव नहीं है कि शाइस्ता की मौत कैसे हुई। हत्या की गई है तो उसके गुनहगार मायके या ससुराल पक्ष के लोग होंगे।
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