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पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:04 AM IST
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कौशाम्बी ब्लॉक के मेडुआ सलेमपुर में महीने भर से ग्रामीणों को पेयजल की समस्या झेलनी पड़ रही है। भीषण गर्मी में इस गांव के ज्यादातर हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को स्कूल या फिर पड़ोसी के घर लगे निजी नलकूपों और हैंडपंपाें से पानी भरकर लाना पड़ता है। ग्राम प्रधान का कहना है कि जलनिगम के अफसरों तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराया जा रहा है।
कौशाम्बी ब्लॉक के मेडुआ सलेमपुर गांव में डेढ़ हजार लोगों की इस बस्ती में पेयजल के लिए कुल 18 हैंडपंप लगाए गए थे। गांव के रहने वाले हिरेन्द्र कुमार, राजकुमार, अमृत लाल आदि लोगों का कहना है कि एक-एक करके 10 हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया। डेढ़ हजार की बस्ती में सिर्फ छह हैंडपंप ही पानी दे रहे है। ऐसे में गांव के लोगों को पानी के लिए हर दिन पसीना बहाना पड़ता है। ग्रामीण खेत की सिंचाई के लिए लगे ट्यूबवेल अथवा पड़ोसी के घर लगे निजी हैंडपंपों से पानी भरकर ढोने को मजबूर हैं।
ग्राम प्रधान भगवत सिंह का कहना है कि पानी की समस्या के समाधान के लिए ग्राम विकास अधिकारी, बीडीओ और जलनिगम के अफसरों से कई बार शिकायत की गई। इसके बाद भी हैंडपंपों की मरम्मत अथवा उन्हें रिबोर नहीं कराया जा रहा है। प्रधान का कहना है कि उन्होंने हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए ब्लॉक और जलनिगम में सूची भी भेज रखी है। इसके बाद भी उनकी समस्या का निदान नहीं किया जा रहा है। उमसभरी इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या से लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
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कौशाम्बी ब्लॉक के मेडुआ सलेमपुर गांव में डेढ़ हजार लोगों की इस बस्ती में पेयजल के लिए कुल 18 हैंडपंप लगाए गए थे। गांव के रहने वाले हिरेन्द्र कुमार, राजकुमार, अमृत लाल आदि लोगों का कहना है कि एक-एक करके 10 हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया। डेढ़ हजार की बस्ती में सिर्फ छह हैंडपंप ही पानी दे रहे है। ऐसे में गांव के लोगों को पानी के लिए हर दिन पसीना बहाना पड़ता है। ग्रामीण खेत की सिंचाई के लिए लगे ट्यूबवेल अथवा पड़ोसी के घर लगे निजी हैंडपंपों से पानी भरकर ढोने को मजबूर हैं।
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ग्राम प्रधान भगवत सिंह का कहना है कि पानी की समस्या के समाधान के लिए ग्राम विकास अधिकारी, बीडीओ और जलनिगम के अफसरों से कई बार शिकायत की गई। इसके बाद भी हैंडपंपों की मरम्मत अथवा उन्हें रिबोर नहीं कराया जा रहा है। प्रधान का कहना है कि उन्होंने हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए ब्लॉक और जलनिगम में सूची भी भेज रखी है। इसके बाद भी उनकी समस्या का निदान नहीं किया जा रहा है। उमसभरी इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या से लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
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