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गांवों में चार दिन से बिजली गुल
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 28 May 2016 12:40 AM IST
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दोआबा में पिछले चार दिनों से 90 फीसदी गांवों की बत्ती गुल है। जिन गांवों में बिजली सप्लाई होती है वह भी महज कुछ देर के लिए। चक्रवाती तूफान के चलते उत्पन्न हुई इस समस्या को दूर करने की जगह बिजली विभाग के जिम्मेदार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त हैं। इसे लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी है।
दोआबा की 498 ग्राम सभाओं और उनके मजरों में मनौरी, भरवारी और सिराथू पावर हाउस से जुड़े दो दर्जन उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है। मंगलवार की रात और बुधवार को दो बार आए चक्रवाती तूफान ने गांवों की विद्युत लाइन को जगह-जगह पर ध्वस्त कर दिया। खंभों और तार के टूटने के चलते 90 फीसदी गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते चार दिनों से दोआबा के लोगों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। उधर विभागीय जिम्मेदार हैं कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर व्यस्त हैं।
उन्हें जिले के उपभोक्ताओं की तनिक भी फिक्र नहीं है। सूत्रों की माने तो एक्सईएन विद्युत महज मुख्यालय की विद्युत व्यवस्था को ठीक रखने में पूरी ताकत लगा बैठे हैं। ऐसे में गांवों की बिजली व्यवस्था के प्रति उनकी नजर 28 के बाद ही जाएगी। उधर चार दिन से चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
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दोआबा की 498 ग्राम सभाओं और उनके मजरों में मनौरी, भरवारी और सिराथू पावर हाउस से जुड़े दो दर्जन उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है। मंगलवार की रात और बुधवार को दो बार आए चक्रवाती तूफान ने गांवों की विद्युत लाइन को जगह-जगह पर ध्वस्त कर दिया। खंभों और तार के टूटने के चलते 90 फीसदी गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते चार दिनों से दोआबा के लोगों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। उधर विभागीय जिम्मेदार हैं कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर व्यस्त हैं।
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उन्हें जिले के उपभोक्ताओं की तनिक भी फिक्र नहीं है। सूत्रों की माने तो एक्सईएन विद्युत महज मुख्यालय की विद्युत व्यवस्था को ठीक रखने में पूरी ताकत लगा बैठे हैं। ऐसे में गांवों की बिजली व्यवस्था के प्रति उनकी नजर 28 के बाद ही जाएगी। उधर चार दिन से चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
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