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Kaushambi News: अघोषित बिजली कटौती से नींद और सामान्य दिनचर्या हो रही प्रभावित
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विद्युत उपखंड में दोपहर और रात में बिजली की अघोषित कटौती बढ़ती जा रही है। इससे उपभोक्ताओं की नींद और सामान्य दिनचर्या प्रभावित होती है। उपभोक्ताओं के शिकायत करने के बाद भी बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया जा रहा है।
विद्युत उपखंड चायल के सरायअकिल, पुरखास, तिल्हापुर मोड़, बेनीराम कटरा, उदैयापुर, चरवा, मूरतगंज, मनौरी, गोपसासा, मंदरमोड़ उपकेंद्र में अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। पुरखास के महबूब आलम, कल्लू और जगदीश प्रसाद का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्देश है। लेकिन, उपभोक्ताओं को केवल 12 से 13 घंटे ही आपूर्ति मिल पाती है।
बताया, सुबह 10:30 बजे बिजली काट ली जाती है। इसके बाद पांच बजे बिजली की आपूर्ति की जाती है। देर शाम आठ बजे के बाद लोकल फाॅल्ट और इमरजेंसी कटौती के नाम पर 11 बजे रात तक बिजली गुल रहती है। वहीं, चायल कस्बे के अश्वनी तिवारी, मोहन लाल और विष्णु केसरवानी ने बताया कि बगैर रोस्टिंग के ही दोपहर और रात में बिजली कटौती की जाती है।
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इसी तरह सरायअकिल, चरवा, पेरई और मूरतगंज उपकेंद्र से कटौती की जा रही है। लाइन में फाॅल्ट होने की बात कहकर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं के फोन करने पर सीयूजी नंबर बंद मिलता है। कभी फोन उठा भी तो फॉल्ट के कारण आपूर्ति नहीं होने की बात कहकर फोन काट दिया जाता है।
...............
कस्बे में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाॅल्ट और इमरजेंसी कटौती पर ही बिजली की आपूर्ति बाधित होती है। - रामहरि, अधिशाषी अभियंता
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विद्युत उपखंड चायल के सरायअकिल, पुरखास, तिल्हापुर मोड़, बेनीराम कटरा, उदैयापुर, चरवा, मूरतगंज, मनौरी, गोपसासा, मंदरमोड़ उपकेंद्र में अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। पुरखास के महबूब आलम, कल्लू और जगदीश प्रसाद का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्देश है। लेकिन, उपभोक्ताओं को केवल 12 से 13 घंटे ही आपूर्ति मिल पाती है।
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बताया, सुबह 10:30 बजे बिजली काट ली जाती है। इसके बाद पांच बजे बिजली की आपूर्ति की जाती है। देर शाम आठ बजे के बाद लोकल फाॅल्ट और इमरजेंसी कटौती के नाम पर 11 बजे रात तक बिजली गुल रहती है। वहीं, चायल कस्बे के अश्वनी तिवारी, मोहन लाल और विष्णु केसरवानी ने बताया कि बगैर रोस्टिंग के ही दोपहर और रात में बिजली कटौती की जाती है।
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इसी तरह सरायअकिल, चरवा, पेरई और मूरतगंज उपकेंद्र से कटौती की जा रही है। लाइन में फाॅल्ट होने की बात कहकर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं के फोन करने पर सीयूजी नंबर बंद मिलता है। कभी फोन उठा भी तो फॉल्ट के कारण आपूर्ति नहीं होने की बात कहकर फोन काट दिया जाता है।
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कस्बे में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाॅल्ट और इमरजेंसी कटौती पर ही बिजली की आपूर्ति बाधित होती है। - रामहरि, अधिशाषी अभियंता