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कुपोषण के खात्मे के लिए कसी कमर
Updated Sat, 14 Mar 2015 01:02 AM IST
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मंझनपुर। कौशाम्बी की महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसीक्रम में शुक्रवार को मंझनपुर ब्लाक में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जहां एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रसूताओं और बच्चों के खानपान पर ध्यान देने के लिए ग्रामीणों को जागरूक बनाने का आह्वान हुआ।
बता दें कि कौशाम्बी में 72 हजार बच्चे कुपोषण की जद में है। यह आंकड़ा खुद बाल विकास और पुष्टाहार विभाग का है। जिले में इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के कुपोषित होने से अफसरों में हड़कंप हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए डीएम ने बाल विभाग और स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को कर्रा भी किया है। इसके बाद से जिम्मेदार कुपोषण से महिलाओं और बच्चों को बचाने की कवायद में जुट गए हैं।
इसीक्रम में शुक्रवार को राज्य पोषण मिशन के तहत मंझनपुर ब्लाक में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बाल विकास परियोजना क्षेत्र मंझनपुर और मंझनपुर कस्बे की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के अलावा एएनएम ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्र ने बताया कि महिलाओं और बच्चों में कुपोषण सिर्फ खानपान की अनदेखी से है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गांव-गांव घूमकर प्रसूताओं के साथ ही छोटे-छोटे बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने, उन्हें स्वच्छता के साथ रहने और खानपान के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान किया। कहा कि जागरूकता से ही महिलाओं और बच्चों को कुपोषण की जद से बाहर निकाला जा सकता है। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी कमलेश कुमार के साथ ही पीएचसी मंझनपुर के चिकित्साधिकारी आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि कौशाम्बी में 72 हजार बच्चे कुपोषण की जद में है। यह आंकड़ा खुद बाल विकास और पुष्टाहार विभाग का है। जिले में इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के कुपोषित होने से अफसरों में हड़कंप हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए डीएम ने बाल विभाग और स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को कर्रा भी किया है। इसके बाद से जिम्मेदार कुपोषण से महिलाओं और बच्चों को बचाने की कवायद में जुट गए हैं।
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इसीक्रम में शुक्रवार को राज्य पोषण मिशन के तहत मंझनपुर ब्लाक में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बाल विकास परियोजना क्षेत्र मंझनपुर और मंझनपुर कस्बे की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के अलावा एएनएम ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्र ने बताया कि महिलाओं और बच्चों में कुपोषण सिर्फ खानपान की अनदेखी से है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गांव-गांव घूमकर प्रसूताओं के साथ ही छोटे-छोटे बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने, उन्हें स्वच्छता के साथ रहने और खानपान के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान किया। कहा कि जागरूकता से ही महिलाओं और बच्चों को कुपोषण की जद से बाहर निकाला जा सकता है। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी कमलेश कुमार के साथ ही पीएचसी मंझनपुर के चिकित्साधिकारी आदि मौजूद रहे।
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